Published On : Sat, Jun 15th, 2019

मेडिकल में रोबोटिक सर्जेरी विभाग के लिए 16 करोड़ रूपए मंजूर- पालकमंत्री बावनकुले

नागपुर: सिटी के मेडिकल में राज्य का पहला रोबोटिक सर्जरी विभाग बनने वाला है. इसके लिए खनिज प्रतिष्ठान निधि से 16 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध की गई है. जिलाधिकारी कार्यालय सभागृह में जिला खनिज प्रतिष्ठान की बैठक में पालकमंत्री ने इसकी जानकारी दी. इसके साथ ही उनकी अध्यक्षता में विविध विभागों के माध्यम से विविध विकास कार्यों के लिए 138 करोड़ की निधि का नियोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, स्वच्छता आदि का समावेश है.

बैठक में विधायक समीर मेघे, प्रभारी जिलाधिकारी श्रीकांत फडके, जिला खनिज अधिकारी मिलिंग बरहाणपुरकर व विविध विभागों के आलाधिकारी उपस्थित थे. पालकमंत्री ने उक्त निधि से होने वाले सभी कार्य पारदर्शी तरीके से करने का निर्देश देते हुए सभी कार्यो की वीडियोग्राफी करने को भी कहा. साथ ही पिछले वर्ष के विविध विकास कार्यों को उपलब्ध निधि से निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने का निर्देश भी दिया.

खनिज निधि से 12 करोड़ रुपये जरूरतमंद जगहों पर पेयजल व्यवस्था के लिए दिये गये हैं जिसे विधानसभा क्षेत्रनिहाय समान रूप से वितरित किया जाएगा. स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने, महिला व बाल स्वास्थ्य सुविधा में बढ़ोतरी करने के लिए डागा हास्पिटल को 12 करोड़ की निधि मंजूर की गई है.

मेडिकल, मेयो को वेंटीलेटर खरीदी के लिए भी निधि उपलब्ध की जाएगी. अपंगों को बैटरी ट्राइसिकल व अन्य सामग्रियों के लिए पहले 4.50 करोड़ उपलब्ध किया गया था. इस बार 2 करोड़ रुपये और उपलब्ध किये जा रहे हैं. खरबी में स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू करने के लिए 1 करोड़ मंजूर किया गया. ग्रामीण भागों में विधानसभा निहाय स्वच्छता के लिए 18 करोड़ उपलब्ध किया गया है जिससे गांवों में अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने का प्रयास करने की जानकारी पालकमंत्री ने दी.

जिला परिषद की सभी शालाओं, आंगनवाड़ी और पीएचसी को सौर ऊर्जा पर लाने के लिए इस वर्ष 5 करोड़ रुपये मंजूर किया गया है. पर्यावरण संवर्धन के साथ ही महिला बचत गटों के माध्यम से लगभग 5 एकड़ ग्रीन जोन तैयार करने को प्राथमिकता दी गई है. साथ ही जानवरों के लिए चारा भी तैयार करने की दृष्टि से विधानसभा निहाय प्रत्येक 3 करोड़ दिया जाएगा.


इस कार्य के लिए कुल 18 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे. ग्रीन जोन तैयार करने के लिए मनरेगा के माध्यम से महिला बचतगट सदस्यों को नियमित रोजगार उपलब्ध होगा. पांधन रास्ते और नालों के निर्माण के साथ ही इस पर पौधारोपण करने की महात्वाकांक्षी योजना हेतु उप विभागीय अधिकारी को नोडल आफिसर नियुक्त किया जाएगा. डीजल व मशीनों के किराये में होने वाले खर्च के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को 5 करोड़ रुपये दिये जाएंगे.

बैठक में पिछले वर्ष खनिज निधि से मिले 192.49 करोड़ रुपयों में से विविध विभागों को कार्य प्रगति के अनुसार 84 करोड़ रुपये विभाग प्रमुखों को उपलब्ध कराया गया था. कुछ विभागों ने अब तक निधि खर्च ही नहीं की. ऐसे विभाग प्रमुखों पर कार्रवाई का निर्देश पालकमंत्री ने दिया. साथ ही एक महीने के भीतर निधि खर्च करने का अल्टीमेटम भी दिया. बैठक में फडके ने पहले मंजूर किये गए 148 करोड़ रुपयों की जानकारी दी. साथ ही विभाग प्रमुखों को किये गए कार्यों की वीडियोग्राफी सादर करने का निर्देश भी दिया.