Published On : Wed, Jun 8th, 2022
By Nagpur Today Nagpur News

सूचना का अधिकार अधिनियम का उपयोग जनहित में होना चाहिए – पांडेय

Advertisement

– एक सौ दिनों में एक हजार 300 अपीलों पर सुनवाई,290 शिकायतों का निपटारा, सात लाख रुपए जुर्माना

नागपुर: सूचना का अधिकार अधिनियम आम जनता को प्रशासन से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अधिकार देता है। नागपुर और औरंगाबाद खंडपीठ के राज्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे ने सभी से अपील की कि वे कुछ खास लोगों के लिए नहीं बल्कि जनहित में कानून का इस्तेमाल करें। वे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित ‘मीडिया संवाद’ कार्यक्रम में बोल रहे थे।

Gold Rate
Apr 21 2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1,53,800 /-
Gold 22 KT ₹ 1,43,000 /-
Silver/Kg ₹ 2,53,100/-
Platinum ₹ 90,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

राज्य सूचना आयोग सूचना का अधिकार अधिनियम के बारे में लोगों के बीच भ्रांतियों और सूचना प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू करेगा। पांडेय ने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम का प्रयोग कुछ खास लोग ही कर रहे हैं और इसलिए अधिनियम का उद्देश्य पारदर्शिता और जनहित हासिल करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि कानून का इस्तेमाल आम जनता को जनहित में करना चाहिए।

औरंगाबाद खंडपीठ में 13 व्यक्तियों द्वारा 8,000 से अधिक दूसरी अपीलें दायर की गई हैं। इसमें एक व्यक्ति ने 100 से तीन हजार दूसरी अपीलें की हैं।

नागपुर खंडपीठ में, पिछले तीन वर्षों में 12 व्यक्तियों ने 800 से अधिक दूसरी अपीलें दायर की हैं। 2020 में, तीन व्यक्तियों ने 356 दूसरी अपील दायर की और पिछले साल अगस्त तक, चार व्यक्तियों ने 275 दूसरी अपील दायर की।

पाण्डेय ने व्यक्त किया कि इसलिए इस कानून का एकाधिकार नहीं होना चाहिए, इस पर किसी का एकाधिकार नहीं होना चाहिए। सूचना का अधिकार सभी को है। इस अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि इस जानकारी के आधार पर व्यापक जनहित प्राप्त किया जा सके। प्रशासन के अधिकतर अधिकारी सूचना देने को तैयार रहते हैं, लेकिन कई मामलों में इस प्राधिकरण के तहत प्राप्त सूचनाओं का दुरूपयोग करने की प्रवृत्ति के कारण सूचना देने में आनाकानी होती है।

गत सौ दिनों में द्वितीय अपील में दिये गये परिणाम का हवाला देते हुए जमीन की आपसी बिक्री, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षा अधिकारी से सूचना हेतु बड़ी संख्या में अपीलें,राजस्व विभाग, जिला परिषद,मनपा, नागपुर सुधार प्रणय से संबंधित जानकारी।

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपील की सुनवाई करते हुए बिना अनुचित मांग किये जाने के साथ-साथ जाने-अनजाने और प्रतिशोध की भावना से सूचना के अनुरोध की संख्या कम होती जा रही है। पांडेय ने कहा कि यदि सूचना उपलब्ध होने पर इनकार किया गया, तो कई मामलों में जुर्माना और जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सूचना आयोग ने यह जांचने के लिए एक तंत्र भी स्थापित किया है कि संबंधित अधिकारी बरामद हुए या नहीं।राज्य सूचना आयोग की उप सचिव श्रीमती रोहिणी जाधव, प्रकोष्ठ अधिकारी नंदकुमार राउत, श्रीमती दीपाली शाहरे उपस्थित थीं। शुरुआत में सूचना विभाग के मीडिया समन्वयक अनिल गाडेकर ने परिचय दिया और जिला सूचना अधिकारी प्रवीण टाके ने आभार जताया.

GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Advertisement
Advertisement