Published On : Tue, Nov 23rd, 2021

बोगस रहवासी प्रमाण पत्र तथा मुफ़्त शिक्षा के अधिकार प्रवेश की जाँच के आदेश

मामला ग्रामीण वेरिफ़िकेशन कमिटी का

नागपूर: मुफ़्त शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत प्रवेश पाने के लिए गठ ग्राम पंचायत नागपूर समिति अंतर्गत शालाओं में प्रवेश देने के लिए वेरीफिकेशन समिति के सामने प्रस्तुत करना पड़ता है समिति द्वारा भी लापरवाही बरती गई है क्योंकी नियम में रहवासी दाख़िला लेने का उल्लेख नहीं है और पालकों द्वारा पहले रहवासी दाख़िला लेकर किराया पत्र के आधार पर प्रवेश लिए गए लेकिन उसमें ग्राम पंचायत किराया टैक्स की पावती जोड़ी नहीं गई है और सरपंचों ने बिना टैक्स लिए प्रमाण पत्र जारी किया आवेदनो मे दस्तावेजों में टैक्स की पावती जोड़ी नई गई हैं कमिटी ने नज़रअंदाज़ कर प्रवेश दिया ।इस संदर्भ में ग्राम पंचायत रहवासी रोशन खाड़े द्वारा जिलाधिकारी को तथा कार्यकारी अधिकारी और ब्लॉग विकास अधिकारीको भी शिकायत दी गई थी

प्रमाण पत्र जारी करने वाले सरपंच इस प्रकार है
(बोरगाव आष्टी गट ग्रामपंचायत )
1)सरपंच – रविंद्र इश्वर ढोले
2)उपसरपंच – निलेश नथ्थूजी कोठाळे
(येरला गोन्ही गट ग्रामपंचायत)
1)सरपंच – मायाताई ठाकरे
2)उपसरपंच – प्रमोद गमे


इन सरपंचों द्वारा अपने अधिकार का उल्लंघन करते हुए रहवासी प्रमाण पत्र दिए गए सरपंचों षर कार्रवाई ग्रामीण अधिनियम १९५८ धारा ३९/१ के अंतर्गत आर टि इ एक्शन कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद शाहिद शरीफ द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कार्रवाई करने के लिए दी गई है सरपंचों द्वारा धारा ८१/ब का उल्लंघन किया गया है जिससे ग्राम पंचायत कि आय में क्षति पहुँची है सरपंचों के ख़िलाफ़ जाँच के आदेश निवासी जिलाधिकारी द्वारा दिए गए तथा CEO द्वारा बोगस प्रवेश की जाँच के आदेश प्रकल्प अधिकारी ही DRDA को दिए गए।