Published On : Thu, Mar 4th, 2021

खुलासा : कल 4 लाख नगदी मिला,अब कोई बकाया नहीं

प्रतिज्ञापत्र द्वारा मंदार कोलते ने स्वीकारा आर्थिक तंगी व मानसिक संतुलन बिगड़ने से विधायक मोहन मते को दी थी चेतावनी

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नागपुर – दक्षिण नागपुर के विधायक मोहन मते पर विज्ञापन एजेंसी का 988000 रुपये बकाया,गत सोमवार 1 मार्च 2021 तक नहीं लौटने पर परिवार सह आत्महत्या करने की चेतावनी एजेंसी के संचालक मंदार कोलते ने दी थी,कल 3 मार्च 2021 को अचानक उनका बयान बदल गया,प्रतिज्ञापत्र द्वारा उन्होंने स्वीकारा कि उनकी आर्थिक तंगी और मानसिक संतुलन बिगड़ने से उन्होंने विधायक मते पर गंभीर आरोप लगाए,उन्हें कुल 988000 में से 538000 रुपये पहले ही मिल चुके थे और कल 3 मार्च 2021 को शेष 4 लाख रुपये नगदी प्राप्त हो चुके हैं, इस तरह अब विधायक मते के तरफ उनका कोई बकाया नहीं रह गया।

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याद रहे कि शहर के आकृति विज्ञापन एजेंसी के संचालक मंदार कोलते ने विधायक मोहन मते को चेतावनी दी कि वे उनके द्वारा लगवाए गए विज्ञापनों का भुगतान शीघ्र करें,अन्यथा वे उनकी माता,पिता आत्महत्या कर लेंगे,जिसके जवाबदार विधायक मते होंगे।

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उक्त विज्ञापन एजेंसी के संचालक ने शहर के भाजपा विधायक मोहन मते को संदेशा भेजा,वह यह कि उनके कहने पर स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे के जन्मदिन (12 दिसंबर),विधायक का जन्मदिन(28 दिसंबर) और नितिन गडकरी के जन्मदिन(27 मई) को पिछले 9 साल से विज्ञापन लगवाते आ रहे.इस विधायक पर एजेंसी का 9,88,000 रूपए बकाया हैं. लेकिन 1 मार्च 2021 तक उन्होंने एक रूपए का भुगतान नहीं किया।हमेशा झूठा आश्वासन देते रहे.उक्त भुगतान शनिवार तक मुझे प्राप्त नहीं हुआ तो मैं मेरे माता-पिता के साथ आत्महत्या कर लूंगा,जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी विधायक मोहन मते की होगी,इस दौरान मुझे या मेरे परिवार को कुछ हुआ तो इसके जवाबदार विधायक मते होंगे।

उक्त विज्ञापन एजेंसी के संचालक ने उक्त मामले की जानकारी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी,विधानसभा में विपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस,प्रदेश भाजपाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल,शहर भाजपाध्यक्ष प्रवीण दटके,कृष्णा खोपड़े,गिरीश व्यास,विकास कुंभारे,विकास ठाकरे,अभिजीत वंजारी,पुलिस आयुक्त,बजाज नगर थाने के पुलिस निरीक्षक को व्हाट्सप्प/मैसेज द्वारा दी हैं.

उल्लेखनीय यह हैं कि 2 मार्च 2021 तक भुगतान नहीं किया गया था,जिसकी जानकारी उक्त नेताओं को दी गई थी,अमूमन सभी ने इस मामले से अपना सरोकार न होने का ब्यान दिया था.इसके बाद अचानक 3 मार्च 2021 को ‘NAGPUR TODAY’ को उक्त प्रतिज्ञापत्र की प्रत भेजी गई.जिसमें मोहन मते का नाम अंकित था लेकिन उनका हस्ताक्षर नहीं था.किसी अन्य 2 के समक्ष 4 लाख रूपए नगदी देने और कोई बकाया न होने की जानकारी अंकित थी.इस सन्दर्भ में मंदार कोलते से उनका बयान लेने के लिए संपर्क किया गया,लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।संपर्क होने बाद पता चलेगा कि प्रतिज्ञापत्र की हकीकत क्या हैं ?

इस घटनाक्रम से पक्ष भी चिंतित हो गया था कि एक तरफ वे मुस्तैदी से सेना मंत्री संजय राठोड और एनसीपी मंत्री धनंजय मुंढे के कारनामों के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे तो दूसरी तरफ मंदार कोलते का संदेशा एक नई घटना को अंजाम देने के लिए उकसाया जा रहा.मते के चक्कर में पक्ष को BACKFOOT पर न आना पड़ जाए इसलिए आनन्-फानन में मामला रफादफा करवाई गई.

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