Published On : Tue, Nov 28th, 2017

8 महीनों से नहीं शुरू हो पाया मेडिकल के होस्टल रेनोवेशन का कार्य

GMCH, Nagpur
नागपुर: नागपुर मेडिकल हॉस्पिटल के लिए राज्य सरकार ने यहां के 11 हॉस्टल के रीनोवेशन के लिए 10.61 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं. बावजूद इसके 8 महीने बाद भी अब तक यह काम शुरू नहीं हो पाया है. पिछले वर्ष मेडिकल प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी विभाग को प्रस्ताव भेजा था. जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने 20 करोड़ रुपए की निधि का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था. अप्रैल 2017 में 10.61 करोड़ रुपए की निधि मंजूर की गई है. पीडब्ल्यूडी विभाग के जानकारी के अनुसार इस वर्ष रेनोवेशन के लिए 10.61 करोड़ रुपए दिए गए हैं. अगले वर्ष बाकी निधि मिलेगी. इस रेनोवेशन में गर्ल्स होस्टल, पीजी हॉस्टल समेत हॉल, गटर चैम्बर, कुछ वार्ड भी शामिल है. जिसका पूरा रेनोवेशन करना है, लेकिन 8 महीने पहले ही रेनोवेशन की निधि आने के बाद भी पीडब्ल्यूडी ने काम की शुरुआत नहीं की है. इस प्रक्रिया के तहत अगर निधि मंजूर होने के एक या दो महीनों में यह कार्य शुरू हो गया होता तो शायद अब तक यह कार्य पूरा हो गया होता. लेकिन पीडब्ल्यूडी और जिसको पीडब्ल्यूडी विभाग ने यहाँ होनेवाले निर्माण कार्य की जांच करने के लिए भेजा था. और रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था. दोनों की ही लेटलतीफी के कारण यह काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है.

लेकिन पीडब्ल्यूडी की ओर से यह जानकारी सामने आ रही है कि जनवरी महीने से रेनोवेशन के कार्य की शुरुआत हो सकती है. जानकारी के अनुसार यहां के गटर चेम्बर काफी वर्ष पुराने हैं, जिसके कारण आए दिन होस्टल में गटर चोक होने की समस्या निर्माण होती है. कई होस्टल के बाथरूम से लेकर हॉल तक की दीवारे खराब हो चुकी हैं, जिसे तुरंत दुरुस्त करने की जरूरत है. इसके मरम्मत के लिए भी विद्यार्थियों ने कई बार मेडिकल प्रशासन को निवेदन भी दिया था. इन सभी समस्याओं से सीधे सीधे रोजाना यहां के विद्यार्थियों को ही परेशान होना पड़ता है. इसमें कोई भी दो राय नहीं है.

इस बारे में पीडब्ल्यूडी के डिप्टी इंजीनियर प्रदीप टूंडलवार ने जानकारी देते हुए बताया कि निधि पीडब्ल्यूडी के पास अप्रैल महीने में आ चूकी है. लेकिन वीएनआईटी को स्टडी करने के लिए कहा गया था. जिसके बाद उन्होंने अब तक किए गए निर्माणकार्यों को लेकर दौरा किया और उसकी जांच की. इसके बाद उन्होंने इसकी रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी विभाग को भेजी थी. जिसके कारण इस काम को शुरू करने में देर हो रही है. टूंडलवार ने कहा कि इस हफ्ते निर्माणकार्य का टेक्निकल सैंक्शन होगा और टेंडरिंग प्रोसेस शुरू होगी. 15 जनवरी तक निविदा प्रक्रिया होगी और उसके बाद काम की शुरुआत की जा सकती है. इस काम को पूरा करने के लिए ठेकेदार हो एक वर्ष का समय भी दिया जाएगा.

Advertisement

तो वहीं इस होस्टल के निर्माणकार्य के बारे में मेडिकल के होस्टल के वार्डन डॉ. समीर गोलावार का कहना है कि हॉस्टल की निधि मंजूर हो चूकी है. पीडब्ल्यूडी की ओर से सभी रेनोवेशन का काम किया जाना है, जिसमें 2 गर्ल्स होस्टल, बॉयज होस्टल और पीजी होस्टल शामिल है. उन्होंने बताया कि मेडीकल के रेनोवेशन होनेवाले इन होस्टलों में करीब 1200 विद्यार्थी रहते हैं, निर्माणकार्य को लेकर पीडब्ल्यूडी से भी चर्चा की जा रही है.

Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement