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Published On : Tue, Aug 13th, 2019

स्वच्छता शुल्क रद्द करने हेतु आयुक्त को निवेदन

कांग्रेस का शिष्टमंडल ने की मांग

नागपुर : आधा दर्जन शुल्क कर के रूप में मनपा पहले से ही जनता से वसूल रही,इसके साथ ही स्वच्छता के नाम पर अतिरिक्त शुल्क की वसूली से जनता परेशान हो गई। जनहित में आज उक्त मुद्दे को लेकर कांग्रेस के नगरसेवकों का एक शिष्टमंडल मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर से मिला और रद्द करने की मांग की।

शिष्टमंडल के नेतृत्वकर्ता पूर्व सत्तापक्ष नेता संदीप सहारे ने बताया कि मनपा प्रशासन पहले से संपत्ति कर के रूप में मलजल कर,सफाई कर,शिक्षण कर,पथकर,प्रकाश कर,वृक्ष कर,मनपा शिक्षण उप कर सह अन्य प्रकार के कर वसूले जाते हैं। हाल ही में संपत्ति कर के साथ जल कर में भी काफी बढ़ोतरी की हैं। इसके बावजूद जनता पर नया कर लाधते हुए स्वच्छता कर के रूप में मासिक 60 रुपये नागरिकों से वसूलना शुरू किया गया। यह गोर गरीब जनता के लिए अन्यायकरक पहल हैं।

जबकि घर घर से कचरा संकलन का जिम्मा/ठेकेदारी कनक रिसोर्स को सौंपा गया,जिसका कार्यकाल समाप्ती पर हैं। इस ठेकेदार कंपनी ने ठेकेदारी वर्ष के अंत अंत में नियमित साफ सफाई नहीं कि जाने के कारण शहर भर में कचरों का भरमार देखा जा रहा। मनपा ने तो तब हद्द कर दी जब कनक को कचरा उठाने के लिए भुगतान के रूप में 24 करोड़ रुपये अतिरिक्त दे दी। मनपा के आधा दर्जन विभागों में काफी अनियमितता प्रकाश में लाई गई,जिसकी जांच की मांग के बावजूद नहीं की गई। इन विभागों में हुई अनियमितता से मनपा को करोड़ों का नुकसान हुआ। मनपा के राजस्व से गैर जरूरत कार्यों कार्यक्रमों पर खर्च की जा रही।

शिष्टमंडल ने आयुक्त से स्वच्छता कर रद्द करने की मांग की। इस अवसर पर नितिन सठवाने,संजय महाकालकर,उज्वला बनकर,दर्शनी धवड़, विवेक निकोसे,भावना लोणारे,स्नेहा निकोसे,मनोज सांगोले, दिनेश यादव आदि उपस्थित थे।

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