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    Published On : Sat, Sep 15th, 2018

    अनैतिक संबंधों के चलते उजड़ी गृहस्ती, फाइरिंग मामला

    नागपुर. अनैतिक संबंधों ने एक परिवार को बर्बाद कर दिया. दूसरी महिला के चक्कर में पूरी गृहस्ती उजड़ गई. हंसता खेलता परिवार अंधेरे में डूबने लगा. इसके परिणाम इतने भयानक हुए कि आज दोनों बेटों के सिर पर से माता-पिता का साया उठ गया है. मंगलवार की रात 11 बजे के दौरान रविंद्र हरिराम नागपुरे (48) ने दत्तात्रयनगर में रहने वाली अपनी पत्नी मीना (40) को गोली मार दी थी. उपचार के दौरान मीना की मौत हो गई, जबकि रविंद्र का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था. बुधवार को रविंद्र ने भी दम तोड़ दिया. रविंद्र और मीना के 2 बेटे है. 17 वर्षीय अनिकेत 12 वीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि छोटा बेटा रिशांक 9 वीं कक्षा में पढ़ता है. नागपुरे परिवार दुर्गानगर में रहता था. मानेवाड़ा रोड पर रविंद्र की इंद्रायणी फर्निचर नामक दूकान है. रिश्तेदारों ने नवभारत को बताया कि रविंद्र के बालाजीनगर इलाके में रहने वाली चंदा नामक महिला से अनैतिक संबंध थे. उस महिला के चक्कर में न तो रविंद्र घर पर ध्यान दे रहे थे और न व्यापार पर. अपनी अय्याशी पूरी करने के लिए रविंद्र ने कई लोगों से कर्ज भी लिया था. चंदा के चलते अक्सर घर में कलह होती थी.

    5 लाख बताकर लिया 50 लाख का कर्ज

    अप्रैल महीने में रविंद्र ने एक बैंक में लोन के लिए आवेदन दिया. व्यवसाय के डिपाजिट के लिए 5 लाख रुपये भरना है कहकर मीना से हस्ताक्षर लिए. 50 लाख रुपये का कर्ज ले लिया, लेकिन लोन की किश्त नहीं लौटाई. 5 महीने की किश्त बकाया होने के कारण बैंक के अधिकारी घर पर आ गए. तब जाकर मीना को असलियत का पता चला. 50 लाख कहां गए इसका कोई उत्तर नहीं दिया. दोनों के बीच जमकर झगड़े हुए. बड़े बेटे अनिकेत को लेकर मीना ने घर छोड़ दिया और दत्तात्रयनगर में किराए के मकान में रहने लगी. रविंद्र ने छोटे बेटे रिशांक को नहीं ले जाने दिया. कुछ दिन रिशांक को अपने पास रखा और बाद में भाई के घर पर छोड़ दिया. अपने बच्चों को लेकर मीना चिंतित थी. उन्होंने रविंद्र के खिलाफ फैमिली कोर्ट में केस किया.

    मकान बेचना चाहता था

    तब रविंद्र ने मकान बेचकर कर्ज लौटाने की नई रणनीति अपनाई. बार-बार मीना पर मकान बेचने के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर मांगने लगा. मीना जानती थी कि यदि दोबारा हस्ताक्षर दिए तो रविंद्र मकान बेचकर पूरी रकम अय्याशी में चंदा के लिए उड़ा देंगे. इसीलिए वो इंकार कर रही थी. बात नहीं बनने पर रविंद्र ने मीना को जान से मारने का प्लान बना लिया. बताया जाता है कि कई आसामाजिकतत्वों के साथ रविंद्र के संबंध थे. जिस माउजर से रविंद्र ने मीना और खुद पर फायर किया वह देशी बनावट का है और निश्चित ही अवैध रूप से खरीदा गया है. पुलिस रविंद्र को हथियार बेचने वाले का भी पता लगा रही है.

    अनिकेत को दिए 10,000 रुपये

    रविंद्र रात 10.30 बजे के दौरान मीना के घर पर पहुंचे. उस समय अनिकेत घर पर ही था. रविंद्र ने उसे 500 रुपये दिए और कहा कि जा कुछ खाकर आ जा. अनिकेत ने सवाल किया कि अब तक उसकी ट्यूशन फीस के 7000 रुपये देने के पैसे नहीं थे. अब कुछ खाने के लिए 500 रुपये दे रहे हो. रविंद्र ने पिता का दिल देखता है क्या कहते हुए उसे सीधे 10,000 रुपये दे दिए. अनिकेत समझ गया कि दाल में कुछ काला है. अन्यथा पिता इतनी आसानी से पैसे नहीं दे सकते. उसने कई बार रविंद्र को मीना की बेरहमी से पिटाई करते देखा है. इसीलिए वह कहीं गया नहीं और दरवाजे के बाहर ही खड़ा रहा. तब रविंद्र ने मीना को तेरा मरना जरूरी है कहते हुए गोली मार दी. छाती पर गोली लगने के बावजूद मीना किसी तरह दरवाजा खोलकर घर के बाहर निकली. बाहर से दरवाजा बंद कर अनिकेत को रविंद्र द्वारा गोली मारने की जानकारी दी. इससे पहले कि आस-पास के लोग मदद के लिए दौड़ते रविंद्र ने घर के भीतर अपने आप को गोली मार ली. बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद दोनों का अंतिम संस्कार किया गया.

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