Published On : Tue, Apr 11th, 2017

जी.एच.रायसोनी विश्वविद्यालय ने किया फ्रांस व मलेशिया के साथ समझौता

Raisoni University

नागपुर: जी.एच.रायसोनी विश्वविद्यालय द्वारा रायसोनी समूह के विद्यार्थियों में कल्पकता, नवीनता, सांस्कृतिक तथा कलात्मक गुणों का विकास करने हेतु फ्रांस की आएएनएसईईसी और मलेशिया की एशिया पेसिफिक विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है. जी. एच. रायसोनी विश्वविद्यालय के उप-कुलगुरु डॉ.कमलसिंग ने तथा आएएनएसईईसी फ्रांस व एशिया पैसिफिक विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. यह जानकारी मंगलवार को पत्र परिषद में दी गई. रायसोनी ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट में आयोजित इस पत्र परिषद में इंस्टिट्यूट के संचालक राजीव चंद, आदित्य भंडारी, डॉ कमल सिंग, उप -कुलगुरु डॉ.नरेंद्र काणे, फ्रांस की आएएनएसईईसी के ओलिवियर गुलेट, मलेशिया की एशिया पेसिफिक विश्वविद्यालय के डॉ.सतीश कुमार, कंसलटेंट मुक्ता गिरधर, मीनाक्षी सियाल और संस्थान के जनसम्पर्क अधिकारी अमित गंधारे मौजूद थे.

इस दौरान इंस्टिट्यूट के संचालक राजीव चंद ने कहा कि संस्थान में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयत्न किया जाएगा. इस दौरान मौजूद कंसलटेंट मुक्ता गिरधर ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए यह प्रयास किया गया है. मलेशिया और फ्रांस के निजी विश्वविद्यालयों के साथ किये गए इस करार से विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा. जॉब और रिसर्च के लिए भी यह अहम होगा .

फ्रांस की आएएनएसईईसी के ओलिवियर गुलेट ने जानकारी देते हुए बताया की रायसोनी संस्थान के साथ मिलकर विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रयास करने का प्रयत्न किया जाएगा. तो वही मलेशिया की एशिया पेसिफिक विश्वविद्यालय के डॉ.सतीश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों को सक्षम बनाने का प्रयास तीनो विश्वविद्यालयों की ओर से किया जाएगा. विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय दर्जे का व्यासपीठ मिलने की बात भी उन्होंने बतायी. इस दौरान मौजूद जी.एच.रायसोनी विश्वविद्यालय की मीनाक्षी सियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस करार के तहत यहाँ के विद्यार्थी वहा जाकर पढ़ाई कर सकते है और वहां के विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार यहाँ आकर शिक्षा और अनुभव ले सकते है. इस पाठ्यक्रम में इंजीनियरिंग और एम.बी.ए के विद्यार्थी प्रवेश ले सकते है.