Published On : Mon, Apr 8th, 2019

विपत्ति में मदद के लिए दौड़ आता पुलक मंच- मीना जैन

पुलक मंच परिवार का राज्य अधिवेशन,पुलकित यादें का विमोचन

नागपुर : अखिल भारतीय पुलक जन चेतना मंच व राष्ट्रीय जैन महिला जागृति मंच तत्वावधान में रविवार को ग्रेट नाग रोड महावीर नगर स्थित श्री. सैतवाल जैन संगठन मंडल के सभागृह मे पुलक मंच परिवार का राज्य अधिवेशन हुआ.

Advertisement

अधिवेशन का प्रारंभ ध्वजारोहण से दिगंबर जैन महासमिति के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष अभयकुमार पनवेलकर के हस्ते हुआ. अधिवेशन का उदघाटन उद्योगपति मनीषभाई मेहता ने किया. अध्यक्षता भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री संतोष जैन पेंढारी ने की. प्रमुख अतिथि पुलक मंच परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप बडजात्या इंदौर, महिला मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा मीना जैन सिलवासा, सुनील काला औरंगाबाद, कमल जैन शिवाजी, डॉ. रिचा जैन, बीना टोंग्या, आशीष विंदाणे, दिलीप शिवणकर, चंद्रकांत वेखंडे, शोभा पांड्या, प्रिया पोहरे, दिलीप पाटनी, निलिमा काला, सुनील तिप्पट, प्रमोद बगत्रे शरद मचाले, छाया उदापुरकर आदि उपस्थित थे. ध्वजगीत और स्वागत महिला मंच ने प्रस्तुत किया. भक्ति नृत्य धन्यश्री महात्मे ने किया. गुरुपूजन ऋषभ आगरकर के संगीत निर्देशन मे सभी शाखा एवं अतिथियों ने किया. ‘पुलकित यादे’ स्मारिका का एवं मुनिश्री पुलकसागरजी के फोटो का विमोचन अतिथियों के हस्ते हुआ. पुलकित यादें के संपादक रमेश उदेपुरकर एवं कार्यकारी संपादक दिलीप सावलकर को मनीष मेहता, संतोष जैन पेंढारी, प्रदीप बडजात्या ने सन्मानित किया.

Advertisement

उद्योगपति मनीष मेहता ने संबोधित करते हुए कहा मुनिश्री पुलकसागर भारत के गौरव हैं. सबसे बड़ा पुण्यार्जन है. भाग्य हमारे ऐसे संत हैं मुनि पुलकसागर. जीवन जीने की कला मुनि पुलकसागरजी सिखाते है. किसी चीज का दुरुपयोग नहीं हो यह अच्छा कदम है. नागपुर मे गुरुदेव का चातुर्मास होना चाहिये, प्रयास होना चाहिए.

अभयकुमार पनवेलकर ने कहा जैन समाज मे आपस मे समन्वय एकता जरूरी है. मुनिश्री पुलकसागर से ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है. पुलक मंच देश का अच्छा संगठन है. पुलक मंच की हमेशा सकारात्मक बात होती है. नागपुर मे पुलक मंच का विस्तार होना चाहिए.

महिला मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा मीना जैन सिलवासा ने कहा गुरुदेव का पूजन राष्ट्रीय अधिवेशन की तरह यहा हुआ है. पुलकसागरजी दूरदर्शी है इसलिये मंच की एकता है, बिखराव नही है. सूखा आता है, बाढ़ आती है पुलक मंच दौड पडता है. हमारा हमारा कल जैन धर्म को बढ़ाना नही, अजैनों को भी बढ़ाना है.

अध्यक्षीय भाषण मे संतोष जैन पेंढारी ने कहा जैन समाज को एक संघ मे लाने का कार्य मुनिश्री पुलकसागर ने किया है. 2005 मे पुलकसागर ने ऐतिहासिक चातुर्मास हुआ था. नागपुर मे पहली बार सार्वजनिक जगह पर गुरुदेव के प्रवचनमाला का आयोजन हुआ था. 2021 मे गुरुदेव का आदर्श चातुर्मास होगा, पुरे देश मे नही हुआ ऐसा चातुर्मास होगा. संचालन शुभांगी लांबाडे, मनोज एवं प्रिया बंड ने किया. आभार प्रकाश उदापुरकर ने माना. महाराष्ट्र जोन-6 के अनेक शाखाएं अधिवेशन में उपस्थित थीं.

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement