नागपुर: महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए पांच लोगों के खिलाफ सिविल मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने प्रत्येक आरोपी से ₹50 करोड़ यानी कुल ₹250 करोड़ के हर्जाने की मांग की है। मामले में वरिष्ठ स्तर के सिविल न्यायाधीश ए.डी. करभाजन ने शनिवार को पांचों प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।
प्यारे खान के अनुसार, 28 सितंबर को नागपुर के महल इलाके में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और मानहानिकारक संदेशों वाले पोस्टर प्रदर्शित किए गए थे।
मुकदमे में दावा किया गया है कि इन पोस्टरों में खान के गैंगस्टर अबू सलेम से जेल में मुलाकात करने की बात को 1993 के मुंबई बम धमाकों के संदर्भ से जोड़कर पेश किया गया था। खान का आरोप है कि इस तरह के संदेशों के जरिए उन्हें देशद्रोही के रूप में चित्रित करने की कोशिश की गई, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें, वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से कथित मानहानिकारक सामग्री का प्रसार और बढ़ गया।
सोशल मीडिया पोस्ट हटाने और माफी की मांग
प्यारे खान ने अदालत से संबंधित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो हटाने, भविष्य में उनके प्रसार पर रोक लगाने तथा सभी प्रतिवादियों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश देने की मांग की है।
फिलहाल अदालत ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के समक्ष चलेगी।



