Published On : Fri, Apr 16th, 2021

गोंदिया : शासकीय अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म , 7 मरीजों की मौत

गोंदिया में ऑक्सीजन सिलेंडरों की कमी से नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला

जिला केटीएस और गोंदिया मेडिकल अस्पताल में 15 अप्रैल गुरुवार रात 9:05 पर 25 मिनट के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से कई मरीजों की तड़प तड़प कर जान चली गई वहीं कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि वहां ऑक्सीजन खत्म होने से 15 कोरोना मरीजों की मौत हो गई जबकि प्रशासन दबी जबान से 7 मरीजों के मौत की बात कर रहा है जिन का अंतिम संस्कार आज सुबह 7:00 बजे गोंदिया के मोक्षधाम (श्मशान घाट) में कर दिया गया।
गौरतलब है कि गोंदिया में स्वास्थ्य सिस्टम की स्थिति सर्वाधिक खराब है रोज 700 के लगभग नए मामले सामने आ रहे हैं रेमडेसीविर इंजेक्शन , जीवन रक्षक दवाइयों और ऑक्सीजन की कमी की बात सामने आ चुकी है ।

इसी बीच 15 अप्रैल गुरुवार रात 9 बजे के आसपास दिल दहलाने वाली घटना सामने आई कि जिला केटीएस अस्पताल और गोंदिया मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर 1 , 2 , 3 , 4 में ऑक्सीजन खत्म हो गया है।

बताया जाता है कि यहां शाम से ही अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी होने लगी थी लेकिन समय रहते ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं हो सका रात 9:00 बजे के लगभग अस्पताल प्रशासन ने भी हाथ खड़े किए और जैसे ही रात 9:05 बजे ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने और ऑक्सीजन की सप्लाई ठप पड़ने की बात की गई तो इन दोनों शासकीय अस्पतालों में भर्ती लगभग 350 कोरोना मरीजों के परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।

मुसीबत की घड़ी में जनप्रतिनिधियों ने निभाया अपना फर्ज


जिस प्रकार 15 अप्रैल गुरुवार रात 9:00 बजे के बाद ऑक्सीजन सप्लाई खत्म होने पर जिला केटीएस अस्पताल और गोंदिया मेडिकल कॉलेज में गंभीर परिस्थिति निर्माण हुई उससे बाद आपदा और विपदा की इस परिस्थिति में नगरसेवक लोकेश कल्लू यादव ने डीन और सीएस से फोन पर बात की जिस पर उन्होंने कलेक्टर ओर ऑक्सीजन सप्लायर मित्तल एजेंसी से बात करने को कहा- एक कर्मठ और सच्चे सिपाही का फर्ज अदा करते हुए नगरसेवक लोकेश कल्लू यादव ने आपदा और विपदा की परिस्थिति में तुरंत एजेंसी संचालक श्याम मित्तल से बात की और उन्हें जमीनी स्तर की हकीकत से वाकिफ कराया। जिस पर उन्होंने 50 ऑक्सीजन सिलेंडर तुरंत जिला अस्पताल हेतु भेजने पर हामी भरी , गाड़ी आने तक नगरसेवक लोकेश यादव अपने कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल में डटे रहे और ऑक्सीजन सिलेंडर गाड़ी से खाली करवाए और उन्हें ऑपरेटर रुम में शिफ्ट कर चालू करवाया जिससे मरीजों के परिजनों ने राहत महसूस की ,उसके बाद ही वे घर की ओर रवाना हुए।

इसी बीच गोंदिया विधानसभा ग्रुप के सदस्यों ने s.m.s. मैसेज मुहिम छेड़ी और जनप्रतिनिधियों को जगाने का प्रयास शुरू किया।
मुसीबत की इस घड़ी में गोंदिया- भंडारा के विधायक डॉ. परिणय फुके ने भी अपना फर्ज निभाते हुए तत्परता दिखाई और सनफ्लैग स्टील कंपनी (भंडारा) से 100 आक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति देर रात 3:00 बजे गोंदिया के शासकीय अस्पताल केटीएस और को करते हुए अपनी सक्रियता का परिचय दिया।


निरंतर सेवा में जुटे विधायक विनोद अग्रवाल ने भी छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से संपर्क साधा तथा मित्तल गैस एजेंसी के 90 ऑक्सीजन सिलेंडरों की राजनंदगांव में फंसी गाड़ी को गोंदिया जिला केटीएस अस्पताल हेतु देर रात्रि रवाना कर दिया गया।

मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन से डॉक्टर दीपक बाहेकर ने बात की तत्पश्चात समाजसेवी पप्पू भादूपोते आगे आए , तथा जिला चिकित्सालय बालाघाट से 40 सिलेंडर की गाड़ी आज सुबह जिला केटीएस अस्पताल पहुंची।

श्री मित्तल ने एक लोकल सप्लायर से कांटेक्ट किया है और उसका आज लिक्विड टैंकर इनॉक्स कंपनी ( बुटीबोरी ,नागपुर ) से गोंदिया पहुंच रहा है जिसमें से गैस सिलेंडर रिफलिंग कर उसकी आपूर्ति शासकीय अस्पतालों और निजी अस्पतालों को की जाएगी।

1 वर्ष से 80 लाख का पेमेंट बकाया , फिर भी ऑक्सीजन सप्लाई जारी रखे हुए हूं – श्याम मित्तल
हमने संदर्भ में मित्तल ऑक्सीजन गैस एजेंसी ( फुलचूर ) के संचालक श्याम मित्तल से बात की उन्होंने नागपुर टुडे को जानकारी देते बताया- मैं मैन्युफैक्चर नहीं हूं , सप्लायर हूं ? और हमारे ऑक्सीजन के जो स्त्रोत हैं वह छत्तीसगढ़ और नागपुर हैं वहां से हमको रेगुलर सप्लाई नहीं मिलती है।
हमने 10 अप्रैल 2021 को एक गाड़ी छत्तीसगढ़ के अतुल ऑक्सीजन हेतु 150 सिलेंडर के लिए भेजी थी गाड़ी वहीं खड़ी रही उन्होंने 13 अप्रैल को गाड़ी यह कहते हैं वापस कर दिया कि हमारे यहां भी क्राइसिस है इसलिए हम आपके ऑक्सीजन सिलेंडर भर नहीं पाएंगे ?
जब हमको वहां से गाड़ी मिलना बंद हुआ तो हमने यहां के जिला प्रशासन से बात किया कि मेरी लेवल से जितना हो रहा है मैं कर रहा हूं , मुझे प्रशासनिक स्तर पर मदद करो तथा आप सिलेंडर कहां से भरना है यह बताइए ?

फिर मुझे बताया गया कि रोज 150 सिलेंडर तुम्हें भंडारा के सनफ्लैग कंपनी से भर कर दिए जाएंगे , मैंने गाड़ी राजनंदगांव से भंडारा डाइवर्ट की , उन्होंने गाड़ी वापस कर दी। लास्ट मुमेंट पर हमें अधिकारी द्वारा कहा गया कि हम कुछ नहीं कर सकते जो करना है मित्तलजी आपको करना है , आपको अपने लेवल पर काम करना है ?दरअसल इनॉक्स कंपनी ( बूटीबोरी , नागपुर ) मैं जो है वह लिक्विड भेज रही है वह कंपनी पूरा फूड एंड ड्रग विभाग के डायरेक्शन से काम कर रही है। प्रशासन चाहे तो क्या नहीं कर सकता ? यह आप भी जानते हैं हम भी जानते हैं , प्रशासन की ताकत बहुत है वह चाहे तो बहुत कुछ कर सकते हैं, हम सिर्फ प्रशासन की हेल्प कर सकते हैं।

ऑक्सीजन की कमी के प्रति मैंने लोकल प्रशासन को आगाह किया , मीटिंग में बताया यह सारी चीजें लेकिन मेरे को कोई हेल्प नहीं मिली।
पूर्व विधायक जैन साहब से बात की उन्होंने कलेक्टर साहब से बात की है फिर मुझे बताया गया कि रोज 150 सिलेंडर तुम्हें भंडारा के सनफ्लैग कंपनी से भर कर दिए जाएंगे , मैंने गाड़ी भेजा तो गाड़ी वापस कर दी।

इस बात की जानकारी मैंने डीन , नोडल अधिकारी ,आरडीसी साहब ओर आमदार साहब सब को दी श्री मित्तल ने जानकारी देते कहा- फिर मैंने एक लोकल रिफलर है जिसके पास लिक्विड टैंकर आता है जो 4 दिन चलता है उससे हेल्प मांगी कहा एडवांस पेमेंट रखो, और मुझे माल सप्लाई करते रहो। अब जब कल 15 अप्रैल को इनॉक्स कंपनी नागपुर से लिक्विड टैंकर नहीं आया तो यह क्राइसिस निर्माण हो गया। मैंने जैन साहब को , फुके साहब को, लोकल आमदार को मैसेज डाला एक पत्र लिखकर ग्रुप में पोस्ट किया और पहले से सारी जानकारी दे दी गई थी।
अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई खत्म होने की जानकारी मिलते ही जो मेरे पास 80 सिलेंडर का बेकअफ था उस के माध्यम से हमने सप्लाई को फुलफिल किया। श्री मित्तल ने बताया रेट कॉन्ट्रैक्ट मेरा 290 प्रति सिलेंडर का है तथा प्रति साल की सप्लाई ढाई लाख रुपए की है , 3 परसेंट एफडी के रुप में 5000 का मुझसे डीडी लिया गया है। मौजूदा वक्त में मुझसे ढाई सौ सिलेंडर रोज (75000 रूपए ) तथा हर महीने 8 लाख रुपए का ऑक्सीजन मांग कर रहे हैं। एग्रीमेंट नियमानुसार 3 दिन की सप्लाई में ही उनका सप्लाय एग्रीमेंट खत्म हो जाता है लेकिन फिर भी अपनी ओर से सप्लाई फुलफिल कर रहा हूं।

मौजूदा वक्त में 300 का सिलेंडर खरीद कर ला रहा हूं और 290 रूपए में सप्लाई दे रहा हूं , ट्रांसपोर्ट खर्च और हमाली अलग से वाहन कर रहा हूं।श्री श्याम मित्तल ने जानकारी देते बताया- पिछले 10–12 महीने से मुझे मेडिकल हॉस्पिटल से भुगतान नहीं हुआ , 80 लाख के आसपास का बिल बकाया है मैं उसके बाद ही सप्लाई रेगुलर दे रहा हूं। मेरा पेमेंट डीन साहब की तरफ से निकलता है , कलेक्टर साहब को पावर होते हैं कि वह दे सकता है ? कई बार जिलाधिकारी को पेमेंट के लिए अर्ज किया वह कहते हैं वह कोई लिखित पत्र नहीं देंगे आप डीन साहब से बात करो ?
विषय पेमेंट नहीं , पेमेंट की वजह से हम सप्लाई नहीं रोक सकते ?

मेरी एक 90 सिलेंडर की जो गाड़ी राजनंदगांव में अन्य पार्टी के पास फंसी थी वह आमदार विनोद अग्रवाल ने बातचीत करके निकाली उस सिलैंडर की सप्लाई भी मैंने देर रात को ही केटीएस अस्पताल को कर दी है ‌। बालाघाट से 40 सिलेंडर आज 16 अप्रैल सुबह आए मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और पप्पू भादूपोते की इसमें मदद मिली तथा जिला चिकित्सालय बालाघाट से यह 40 ऑक्सीजन सिलेंडर गोंदिया मेडिकल हॉस्पिटल पहुंचे हैं।
नॉर्मल पोजीशन 100 सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाई से आज स्थिति निजी और जिला अस्पताल मिलाकर 600 सिलेंडर पर पहुंच गई है , मेरी लेवल से जितना हो रहा है मैं कर रहा हूं , प्रशासनिक स्तर पर भी मुझे मदद की जरूरत है।

श्री मित्तल ने कहा – पेमेंट की वजह से मेरे रिलेशन नागपुर के रुकमणी ऑक्सीजन गैस एजेंसी से खराब हो गए और उन्होंने यह कहते गाड़ी रोक दी कि आप समय पर पेमेंट नहीं देंगे तो हम आपको गैस नहीं देंगे ?

मैंने 22 लाख रुपए के पोस्ट डेटेड चेक उन्हें सौंपे , 7 लाख 62 हजार का पेमेंट मुझे करना बाकी है , फिर भी मैं गोंदिया के शासकीय अस्पताल को ऑक्सीजन गैस की सप्लाई जारी रखे हुए हूं ।

रवि आर्य