Published On : Mon, Jan 7th, 2019

शो के वर्क ऑर्डर से पहले शोबिज की तैयारियां शुरू करने के मामले को लेकर बवाल

महिला समिति का कामकाज कटघरे में

नागपुर: नागपुर महानगरपालिका की महिला व बाल कल्याण समिति अमूमन हर साल महिलाओं के लिए महिला उद्योजिका सम्मेलन का आयोजन करती है. लेकिन हर साल आयोजक किसी न किसी विवाद को लेकर चर्चा में रहे हैं. इस बार भी समिति के करीबी शोबिज नामक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को काम दिया गया है, जिन्होंने कार्यादेश मिलने से पहले ही इवेंट की तैयारी शुरू कर समिति की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला खड़ा किया है.यह मामला न्यायालय तक पहुंच चुका है.

Advertisement

बिना कार्यादेश के शोबिज इवेंट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा काम शुरू करने के सवाल पर समिति प्रमुख ने शोबिज का पक्ष लेते हुए जानकारी दी कि शोबिज ‘एल १” था. इसलिए टेंडर मिलने की गारंटी मानते हुए बिना अनुमति के काम शुरू कर दिया. जबकि शुक्रवार की रात शोबिज को कार्यादेश दिए जाने की जानकारी दी गई है.

समिति प्रमुख का कहना है कि इसमें कोई गलत बात नहीं है. जबकि मनपा की नियमावली कहती हैं कि बिना कार्यादेश के काम शुरू नहीं किया जा सकता. पिछली बार इस सम्मेलन में कार्यादेश के बाहर जाकर तत्कालीन इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से लाखों रूपए के अतिरिक्त सामान मंगवाए गए थे, जब भुगतान की नौबत आई तो सम्बंधित विभाग प्रमुख, उपायुक्त और सभापति सभी मुकर गए.

समिति प्रमुख ने जानकारी दी कि सम्मेलन के प्रत्येक दिन महिलाओं से ताल्लुक रखने वाले स्लोगन विखे गुब्बारे हवा में लहराए जाएंगे. जैसे महिला सम्मान,महिला आरक्षण आदि आदि.

उल्लेखनीय है कि कल शाम से रेशिमबाग खेल मैदान के बीचोबीच खिलाड़ियों के मंसूबों को कुचल कर सम्मेलन की शुरुआत हुई. जिसके बैनर पर महिला समिति की उपसभापति विशाखा मोहोड़ को ‘ विशाखा माहोड’ लिख एक महिला पदाधिकारी की खिल्ली उड़ाई गई. इसके साथ ही जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले लिखने के बजाय बावनकुल लिखा पाया गया. इतना ही नहीं एक स्लोगन में ‘बाल मंजदूरी थांबवा’ भी अंकित था.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement

 

Advertisement
Advertisement
Advertisement