Published On : Thu, Sep 17th, 2020

प्याज पर महाराष्ट्र में सियासत तेज

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– विपक्ष नेता फडणवीस ने केंद्रीय व्यापार मंत्री पीयूष गोयल को चिट्ठी लिखकर निर्यात पर पाबंदी हटाने की मांग की

नागपुर/मुंबई – महाराष्ट्र के सभी राजनीतिक दलों ने प्याज निर्यात पर लगायी गई पाबंदी हटाने की मांग की है। सत्ता और विपक्ष दोनों की मांग को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार केंद्र सरकार से पाबंदी हटाने की मांग करेगी। निर्यात पर पाबंदी के विरोध में राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन के चलते थोक मंडियों में आज प्याज की बोली नहीं हो सकी। केंद्र सरकार द्वारा प्याज निर्यात पर लगाई गई पाबंदी पर महाराष्ट्र सरकार का रुख साफ करते हुए महाराष्ट्र के विपणन मंत्री बालासाहब पाटिल ने कहा कि निर्यात पर प्रतिबंध के चलते प्याज के दाम गिर गए, जिससे किसान निराश है। उन्होने कहा कि देश में पैदा होने वाली प्याज का 75 फीसदी हिस्सा महाराष्ट्र में होता है और निर्यात किए जाने वाले प्याज में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 80 फीसदी होती है।

..इसके कारण सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र को हो रहा है। केंद्र को प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए, राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन शुरू हो गए हैं, मंडियों में नीलामी बंद है। नासिक, पुणे और सोलापुर में कांग्रेस- एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ मिलकर प्याज के निर्यात पर पाबंदी के केंद्र के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार ने प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए और घरेलू बाजार में उसके दामों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल प्रभाव से सभी तरह के प्याज के निर्यात पर सोमवार को पाबंदी लगा दी।

राजस्व मंत्री बालासाहब थोराट ने कहा कि निर्यात पर प्रतिबंध के चलते प्याज के दाम गिर गए हैं। केंद्र सरकार के इस निर्णय से प्याज के दाम 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल गिर गए हैं। राज्य में किसान बाढ़ और चक्रवात के चलते भारी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। राज्य सरकार उनकी जितनी मदद कर सकती है, कर रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय व्यापार मंत्री पीयूष गोयल को चिट्ठी लिखकर निर्यात पर पाबंदी हटाने की मांग की है। फडणवीस ने लिखा, ‘हमारा एक बार फिर आपसे अनुरोध है कि निर्यात पर लगी रोक तुरंत वापस ली जाए। महाराष्ट्र के प्याज की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग होती है और इससे महाराष्ट्र के किसानों को उचित दाम भी मिलता है. निर्यात पर रोक लगने से किसान काफी आहत और दुखी हैं।’

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गौरतलब है कि भारत ने अप्रैल से जून के बीच करीब 19.8 करोड़ डॉलर के प्याज निर्यात किया है। पिछले साल 44 करोड़ डॉलर का प्याज निर्यात किया गया था। भारत से सबसे ज्यादा प्याज का निर्यात श्रीलंका, बांग्लादेश, मलेशिया और संयुक्त अरब अमीरात को होता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2020 में सरकार ने 32.8 करोड़ डॉलर के ताजा प्याज और 11.23 करोड़ डॉलर के सूखे प्याज का निर्यात किया था।

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