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    Published On : Mon, Nov 5th, 2018
    nagpurhindinews / News 3 | By Nagpur Today Nagpur News

    वरोरा में शराब विक्रेताओ पर पुलिस मेहरबान, आरोपियों को पुलिस स्टेशन के स्वागत कक्ष में दी भोजन करने की इजाजत

    विदेशी शराब समेत 38 हजार रुपये का माल किया जब्त

    वरोरा: चंद्रपुर में शराबबंदी होने के बावजूद वरोरा तहसील के मालवीय वार्ड के रुक्मिणी रेस्टॉरेंट में शराब की बिक्री होने की खबर पर खुद पुलिस निरीक्षक उमेश पाटिल ने रात को दस बजे रेस्टॉरेंट में रेड मारी . रेस्टॉरेंट की जांच करने पर विदेशी शराब बरामद की गई. रेस्टॉरेंट के नाम पर रेस्टॉरेंट के मालिक पूर्व नगरसेवक विक्रम उर्फ़ विलास कन्नमवार के साथ ही अन्य तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से शराब के साथ करीब 38 हजार का माल जब्त किया गया है.

    अधिकजानकारी के अनुसार पुलिस स्टेशन वरोरा नाके के पास मालवीय वार्ड के रुक्मिणी रेस्टॉरेंट में अवैध रूप से शराब की बिक्री का व्यवसाय चल रहा था इसकी जानकारी पुलिस को थी लेकिन उनपर विशेष कार्रवाई नहीं की गई. तीन नवंबर की रात थानेदार उमेश पाटिल को रेस्टॉरेंट में शराब की जानकारी मिली. जानकारी मिलते ही वे अकेले ही घटनास्थल पर पहुंचे. रेस्टॉरेंट का मालिक शराब बेचते हुए ध्यान मे आने पर पुलिस निरीक्षक ने तुरंत अपने कर्मचारियों को बुलवाकर दूकान की जांच की जिसमे शराब की ग्यारह बोतल मिली.

    साथ ही नियमनुसार 35 हजार रुपए का माल जिसमे टेबल- खुर्ची, खाली ग्लास जब्त किए गए. घटनस्थल पर काउंटर पर बैठे रेस्टॉरेंट के मालिक और पूर्व नगरसेवक विक्रम कन्नमवार, रेस्टॉरेंट के व्यवस्थापक ज्ञानेश्वर पचारे, रविंद्र धाडसे, भास्कर मोतीराम कोटेवार इनको गिरफ्तार कर इनपर शराबबंदी अधिनियम अंतर्गत कार्रवाई की गई है.

    पुलिस ने स्वागत कक्ष में आरोपियों को दी भोजन करने कि छूट
    थानेदार उमेश पाटिल ने इन लोगों को गिरफ्तार करने के बाद उनका मेडिकल हो जाने के बाद उनको पुलिस स्टेशन के स्वागत कक्ष में भोजन करने की छूट दी. जिसके कारण बड़े शराब विक्रेताओ के साथ पुलिस के संबंध का शक भी मौजूद होने लगा है. एक तरफ पूर्व नगरसेवक शरद मड़ावी के बेटे को खाने के डिब्बे के लिए मनाई की जाती है. तो वही पूर्व नगरसेवक विक्रम कन्नमवार को दिवाली में स्वागत कक्ष में खाना खाने की छूट दी जाती है. जिसके कारण दोनों शराब के मामलो में पुलिस की दोहरी भूमिका पर सवाल उठ रहे है. एक तरफ थानेदार खुद आरोपियों को पकड़कर लाते है और दूसरी तरफ उन्हें खुद पुलिस स्टेशन में भोजन करने की इजाजत दी जाती है.


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