Published On : Thu, Nov 16th, 2017

पीएचडी विद्यार्थियों को झटका, इस बार भी कोर्सवर्क के लिए देने होंगे 7 हजार रुपए

Nagpur University
नागपुर: पीएचडी करनेवाले विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने कोर्स वर्क का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यह कोर्स वर्क 10 दिनों के लिए होगा.

इस बार भी इस कोर्सवर्क की फीस 7 हजार रुपए ही रखी गई है. जिसके कारण पीएचडी करनेवाले विद्यार्थी एक बार फिर परेशान होंगे. जबकि विद्यार्थियों के कोर्सवर्क की फीस को लेकर हमेशा से ही यूनिवर्सिटी प्रशासन से अनबन होती रही है. कुछ दिनों पहले नागपुर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने कोर्स वर्क की फीस कम करने को लेकर भी नागपुर यूनिवर्सिटी के कुलगुरु से मांग की थी. जिसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि इस बार कोर्स वर्क की फीस कम की जाएगी. लेकिन फीस कम नहीं की गई. जिसके कारण एक बार फिर विद्यार्थियों में नाराजगी देखने को मिल रही है. यह कोर्स अंबाझरी के यूजीसी ऐकडेमिक स्टाफ कॉलेज में होगा. दिसंबर 5 तारीख से लेकर 15 तारीख तक यह चलेगा. इसके लिए आवेदन करने की तारीख 1 दिसंबर दी गई है. पीएचडी के लिए अब तक आवेदनों की शुरुआत नहीं की गई है. यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से बताया जा रहा है कि दिसंबर महीने से पीएचडी करनेवाले विद्यार्थियों के आवेदन की शुरुआत की जाएगी. इस बार इस कोर्स वर्क की जिम्मेदारी डॉ. प्रीति धार्मिक को दी गई है.

कोर्स वर्क की बात करें तो कोर्स वह होता है. जिसे पीएचडी कर रहे विद्यार्थियों को कोर्स वर्क सर्टिफिकेट विश्वविद्यालय में जमा करना होता है. कोर्स वर्क के बिना कोई भी विद्यार्थी पीएचडी नहीं कर सकता. हालांकि नागपुर यूनिवर्सिटी की ओर से शुरू किया गया कोर्सवर्क केवल नागपुर यूनिवर्सिटी में ही शुरू है और राज्य के बाकी विश्वविद्यालयों में आयसीएसएसआर और ऑनलाइन 10 दिनों का कोर्सवर्क शुरू है. जिसके कारण दूसरे यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को अन्य विश्वविद्यालयों में कम फीस में ही कोर्सवर्क की सुविधा मिल रही है. मिली जानकारी के अनुसार आयसीएसएसआर कोर्सवर्क विद्यार्थियों के लिए निशुल्क होता था. जबकि ऑनलाइन कोर्सवर्क की फीस 2050 रुपए थी और दुरुस्त शिक्षा की फीस भी 3000 हजार रुपए थी. फिलहाल दुरुस्त शिक्षा बंद हो चुका है. इसमें ख़ास बात यह है की यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ) के निर्देश है कि पीएचडी के लिए स्टैण्डर्ड रिसर्च मेथडलॉजी कोर्सवर्क होना चाहिए. जबकि फिलहाल शुरू दोनों ही कोर्सवर्क यूजीसी के ही है. लेकिन बावजूद इसके यूजीसी के इन कोर्स वर्क को नागपुर यूनिवर्सिटी मान्यता नहीं देता है. मजबूरन विद्यार्थियों को नागपुर यूनिवर्सिटी का दिया हुआ कोर्सवर्क करना पड़ रहा है.

इस बारे में नागपुर विश्वविद्यालय के प्र-कुलगुरु डॉ. प्रमोद येवले ने बताया की पीएचडी के कोर्स वर्क के लिए 1 दिसंबर तक विद्यार्थी अप्लाई कर सकते है. यूजीसी के दिशानिर्देश के आधार पर ही कोर्सवर्क तैयार किया गया है.

7 हजार रुपए फीस को लेकर उन्होंने बताया कि 2 साल से कोर्सवर्क की फीस यही है. इसके लिए कोई फंडिंग नहीं करता. बाहर से कोर्स वर्क के लिए रिसर्चर को बुलवाना पड़ता है. जिसका पूरा खर्च नागपुर यूनिवर्सिटी को ही उठाना पड़ता है.