Published On : Thu, Jun 28th, 2018

पेंशननगर फायरिंग मामले में उज्जी गिरफ्तार

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नागपुर: पेंशननगर में मंगलवार को दिनदहाड़े अपराधी कुलदीप उर्फ पिन्नू पांडे पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने उज्जी नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इस हमले में उज्जी का नाम सामने आने से सभी चौंक गए हैं, लेकिन जानकारी मिली है कि उज्जी पिछले 1 महीने से पिन्नू को टपकाने के प्लान में था. वह पिन्नू को मारकर अपने बड़े भाई की बेइज्जती का बदला लेना चाहता था.

क्लासिक टावर, गिट्टीखदान निवासी उजैर उर्फ उज्जी अब्दुल खालिद (30) शहर के चर्चित चोर और अपराधी जुनैद उर्फ मोगली का छोटा भाई है. जानकारी मिली है कि पिन्नू सनक कर किसी के साथ भी मारपीट कर लेता था. करीब 1 वर्ष पहले उसने मोगली को बुरी तरह पीटा था. उसका हाथ तक तोड़ दिया था.

मोगली से चटवाई थी थूक
हाल ही में जेल जाने के बाद भी पिन्नू ने जुनैद की बुरी तरह पिटाई की थी. न सिर्फ उसे पीटा बल्कि अपनी थूक तक चटाई और माफी मांगने लगाता था. अपने भाई के साथ हो रहे अत्याचार से उज्जी का खून खौला हुआ था. उज्जी की पत्नी 8 माह की गर्भवती है. पिछले डेढ़ महीने से उज्जी घर नहीं जा रहा था. उसके सिर पर खून सवार था. उसने कसम खा रखी थी कि जब तक पिन्नू को मारकर बड़े भाई का बदला नहीं लेगा अपने बच्चे का चेहरा नहीं देखेगा. 1 माह से वह देशी माउजर लेकर पिन्नू की विकेट गिराने की फिराक में था. वह जानता था कि दो-दो हाथ होने पर वह पिन्नू से निपट नहीं पाएगा. पिन्नू पिछले कई दिनों से स्थानीय लोगों को परेशान कर रहा था. किसी से भी मारपीट करता था. मंगलवार की दोपहर उज्जी को मौका मिल गया.

अली का नाम चर्चा में
उसने अपने दोस्त अली को साथ लिया. दोनों सफेद रंग के दुपहिया वाहन पर पेंशननगर पहुंचे. चलती गाड़ी पर ही उज्जी ने फायरिंग की. अंधाधुंध गोलियां चलाता वहां से फरार हो गया. पिन्नू की किस्मत अच्छी थी और गोली उसके घुटने पर लगी. पुलिस ने घटनास्थल के पास सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच की. मुंह पर तो स्कार्फ बंधा हुआ था लेकिन पुलिस के पंटरों ने हुलिये से उज्जी को पहचान लिया. पुलिस लगातार उज्जी पर दबाव बनाए हुए थी. बुधवार की शाम उज्जी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. चर्चा ये भी है कि उज्जी खुद पुलिस थाने में पेश हुआ. उसके साथी अली की तलाश की जा रही है.

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सुमित और नौशाद की तलाश जारी
पिन्नू ने अपनी शिकायत में सुमित ठाकुर, नौशाद पीर मोहम्मद, इरफान बंदुकिया, पिंकू तिवारी, लाला पांडे और मोन्या शिंदे का नाम लिखाया है. हालांकि ये लोग घटनास्थल पर नहीं थे. पुलिस उनकी भूमिका का पता लगा रही है, लेकिन फिलहाल कोई हाथ नहीं लगा है. इरफान बंदुकिया उर्फ इरफान चाचू द्वारा मांडवली करवाने के बाद से नौशाद और सुमित के मधुर संबंध बन गए हैं. एक समय था जब दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे थे.

दोनों पिन्नू के जानी दुश्मन हैं. चर्चा है कि इस हमले में पिन्नू ने बाकी अपराधियों का नाम लेकर दबाव बनाने का प्रयास किया है. सूत्रों का दावा है कि पिन्नू पर हमला होने की खबर मिलने के बाद यादव नामक अपराधी भी घटनास्थल पर पहुंचा था. उसने पिन्नू को अस्पताल ले जाने की भी बात कही थी, लेकिन पिन्नू ने उलटा उसी पर हथियार लगा दिया और गालीगलौच की. पिन्नू की दुश्मनी लगातार बढ़ती जा रही है.

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