Published On : Thu, Nov 16th, 2017

राऊत पर जुर्माना कर देवतले को बचाया

नागपुर: मनपा के मंगळवारी ज़ोन के विवादास्पद वार्ड अधिकारी हरीश राऊत को बकायेदार संपत्ति करदाताओं की संपत्ति नीलामी को स्थगित करना भारी पड़ गया,प्रशासन द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी के तीसरे दिन राऊत के जवाब से असंतुष्ट होकर प्रशासन ने उनपर 50000 नगदी जुर्माना सह अगली 2 वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिये। अब देखना यह हैं कि आदेश के अनुरूप वसूली होती हैं या सफेदपोशो या फिर वार्ड अधिकारियों के समूह के दबाव में दिए गए आदेश रद्द या कम करती हैं।दूसरी ओर वार्ड अधिकारियों में उक्त आदेश को लेकर यह भी चर्चा थी कि प्रशासन ने उक्त मामले के प्रथम दोषी,जिसके हस्ताक्षर से नीलामी रोकी गई,उसे बचाने के लिए राऊत पर आर्थिक जुर्माना लाध दिया।

राऊत ने उक्त बकायेदारों में से 7 की संपत्ति नीलामी की तिथि के एक दिन पूर्व नीलामी स्थगित कर विवाद में आ गए थे। जिसे आयुक्त स्तर के अधिकारी रविन्द्र देवतले ने समर्थन कर रद्द करने के आदेशपत्र जारी किए थे। राऊत ने मनपायुक्त सह अतिरिक्त आयुक्त को अंधेरे में रख उक्त कृत को अंजाम दिया था।

इस वजह से नीलामी प्रक्रिया के दौरान विज्ञापनों पर 50000 के करीब खर्च किये गए थे। यह राशि सह राऊत के 2 वेतन वृद्धि रोकने का प्रशासन ने निर्णय लिया।

उल्लेखनीय यह हैं कि उक्त 7 संपत्तियों के 19.43 लाख रुपये वसूलना था। इन संपत्तियों की नीलामी 10 नवंबर को होनी थी। लेकिन राऊत ने विभाग प्रमुख मिलिंद मेश्राम,अतिरिक्त आयुक्त रविन्द्र कुम्भारे सह मनपायुक्त को अंधेरे में रख नीलामी रोकने में सफलता हासिल की।

दूसरी ओर राऊत ने प्रशासन के कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए 8 दिन का समय मांगा था।लेकिन प्रशासन ने उन्हें मोहलत देने के बजाय विज्ञापन पर खर्च हुई राशि सह 2 वेतन वृद्धि रोक दी।

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