Published On : Mon, Aug 1st, 2016

फ्लाइट टिकट कैंसिल कराना हुआ सस्ता, बोर्डिंग से किया मना तो एयरलाइंस को देना होगा 20,000 रुपए तक हर्जाना

AI Flights

Representational Pic


नई दिल्ली:
 फ्लाइट टिकट कैंसिल कराना 1 अगस्त 2016 से सस्ता हो गया है। विमानन नियामक डीजीसीए के नए नियमों के अनुसार एयरलाइंस कंपनियां मूल किराया और ईंधन शुल्क से ज्यादा कैंसिलेशन चार्ज नहीं काट सकेंगी। इतना ही नहीं उड़ान रद्द होने या यात्रियों को बोर्डिंग से रोके जाने पर ज्यादा हर्जाना देना होगा। डीजीसीए ने सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (सीएआर) में संशोधन किया है। इसके तहत सीट से ज्यादा बुकिंग करने और इसके बाद बोर्डिंग से मना कर देने पर अब एयरलाइंस को 20,000 रुपए तक हर्जाना देना होगा। पहले यह सीमा 4,000 रुपए थी।

रिफंड नियमों में बड़े बदलाव
डीजीसीए ने नए नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। नए नियम के तहत टिकट कैंसिल कराने या इस्तेमाल न करने की स्थिति में एयरलाइंस कंपनियां सभी टैक्स और यूजर डेवलपमेंट फीस, एयरपोर्ट डेवलपमेंट चार्ज समेत पैसेंजर सर्विस चार्ज वापस करेंगी। यह नियम ऑफर के तहत बुक कराए गए टिकटों पर भी लागू होगा। उन टिकटों पर भी, जिनमें मूल किराया नॉन-रिफंडेबल है। डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कैंसिलेशन चार्ज मूल किराया और ईंधन शुल्क के योग से अधिक नहीं होगा।

एयलाइंस को देना होगा हर्जाना
उड़ान रद्द होने या यात्रियों को बोर्डिंग से रोके जाने पर एयरलाइंस को 20,000 रुपए तक हर्जाना देना होगा। हालांकि, उड़ान में देरी की स्थिति के लिए किसी तरह के हर्जाने का प्रावधान नहीं किया गया है। नियमों के अनुसार, यदि एयरलाइन बोर्डिंग से मना करने के बाद एक घंटे के भीतर की दूसरी उड़ान में यात्री को सीट मुहैया करा देती है तो उसे कोई हर्जाना नहीं देना होगा। अपरिहार्य कारणों या एयरलाइन की क्षमता से परे कारणों से हुई देरी की स्थिति में भी एयरलाइंस को छूट दी गई है। हालांकि दो घंटे से 24 घंटे तक की देरी की स्थिति में यात्रियों को खाना और रिफ्रेशमेंट देने की जिम्मेदारी एयरलाइन की तय की गई है।

क्रेडिट कार्ड से बुकिंग पर 7 दिन में रिफंड
यात्री ने फ्लाइट का टिकट क्रेडिट कार्ड से कराया है तो इसे कैंसिल कराने के 7 दिनों में कार्ड अकाउंट में पैसा वापस हो जाएगा। वहीं अगर अपने कैश में टिकट बुक कराया है तो कैंसिल होने पर पैसा तुरंत मिल जाएगा। एजेंट या पोर्टल से टिकट से अधिकतम 30 दिन में रिफंड होगा। ये सभी नियम घरेलू के साथ विदेशी एयरलांइस पर भी लागू होंगे जो भारत से या भारत के लिए उड़ाने मुहैया कराते हैं। हालांकि टिकट कैंसिल कराने के नियमों में काफी फेरबदल किए गए हैं।