Published On : Wed, Nov 6th, 2019

आखिर किसके कहने पर रोकी गई पाटिल क्लासेस की मनपा अतिक्रमण कार्रवाई ?

नागपुर: अगर किसी गरीब या फिर आम नागरिकों के घर अतिक्रमण में हो तो उसके साथ किस तरह का व्यवहार मनपा अधिकारियो और कर्मचारियों की ओर से किया जाता है और अगर बात किसी विशेष व्यक्ति की हो तो किस तरह से कार्रवाई रोकी जाती है. यह नजारा बुधवार 6 नवंबर को लक्ष्मीनगर मनपा झोन के अंतर्गत आनेवाले पाटिल क्लासेस में देखने को मिला. जानकारी के अनुसार पाटिल क्लासेस की बिल्डिंग के कुछ फ्लोर अवैध तरीके से बनाएं गए है और टेर्रिस पर उन्होंने सोलार पैनल भी लगाए हुए है.

जिसके कारण अवैध निर्माण तोड़ने के लिए लक्ष्मीनगर मनपा झोन के कर्मी यहां पहुंचे थे. कुछ हिस्सा तोड़ने के बाद अचानक ही यह कार्रवाई बंद की गई और सभी कर्मचारी यहां से निकल गए. आखिर किसके कहने पर इस कार्रवाई को रोका गया. यह सवाल अब खड़ा होने लगा है.

क्योकि अमूमन शहर में देखा गया है की आम नागरिकों के घर, दुकान अतिक्रमण में हो तो कर्मचारी और अधिकारी उसे लाख मिन्नतों के बाद भी नागरिकों की एक न सुनते हुए उसे तोड़ते ही है. लेकिन पाटिल क्लासेस की कार्रवाई को शुरू कर बीच में ही रोका गया.

जिसके कारण अब शहर के नागरिक सवाल करने लगे है की आम नागरिकों के लिए नियम अलग और व्यक्ति विशेष के लिए प्रशासन के अलग नियम क्यों है.

कार्रवाई रोकने के संदर्भ में लक्ष्मीनगर मनपा झोन के सहायक आयुक्त आर.पी. भिवगड़े से संपर्क किया गया तो उन्होंने मीटिंग की बात कहकर कंसर्निंग ऑफिसर तोटेवार का फ़ोन नंबर दिया.

तोटेवार को जब इस विषय में बात करने के लिए फ़ोन लगाया गया तो उन्होंने न ही फोन का जवाब दिया और नाहि एसएमएस का जवाब दिया. इससे यह समझा जा सकता है कि इस विषय पर कोई भी बात करने के लिए तैयार नहीं है.