Published On : Fri, Oct 27th, 2017

“मरीज अपनी जिम्मेदारी पर ले जेनेरिक मेडिसिन, डॉक्टर नहीं होंगे जिम्मेदार”


नागपुर: जहां एक ओर जेनेरिक मेडिसिन को आम जनता तक पहुंचाने का सरकार प्रयास कर रही है साथ ही सभी गरीब जनता को कम कीमत में अच्छी दवाईयां उपलब्ध हो इसके लिए भी सरकार प्रयासरत होने का दावा करती है. लेकिन मेडिकल अस्पताल प्रशासन को शायद सरकार की फिलॉसफी पर भरोसा नहीं, यही वजह है मेडिकल के स्किन डिपार्टमेंट की दीवारों पर जेनेरिक दवाइयों को मरीज़ को अपनी रिस्क में लेने के लिए आगाह किया जा रहा है। ज़ाहिर है जिस अंदाज में ये अपील की जा रही है मरीज जेनेरिक दवाइयों को लेने की हिम्मत भी नहीं जुटाएगा.

इस नोटिसमें यह भी लिखा गया है कि अगर मरीज को जेनेरिक मेडिसीन से लाभ नहीं हुआ तो इसके लिए डॉक्टर जिम्मेदार नहीं होंगे. यही वजह है कि डक्टरों की लीक पर मरीज भी अब जेनेरिक मेडिसीन पर विश्वास नहीं कर रहे हैं. स्किन डिपार्टमेंट के डॉक्टर भी मरीज को 800 से 1000 रुपए की दवाईयां लिखकर दे रहे हैं. मरीज को मामूली रोग होने पर भी महंगी दवाईयां लिखी जा रही है.


इस बारे में स्किन डिपार्टमेंट के ही एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जेनेरिक मेडिसन भले ही सस्ती होती है, लेकिन मरीज को उससे बहुत कम फायदा होता है. क्योंकि उसमे केवल संबंधित रसीयन का नाम मात्र अंश होता है. और अगर मरीज को जेनेरिक मेडिसीन दें और कुछ दिन बाद अगर उसकी बिमारी दुरुस्त नहीं हुई तो इसके लिए वह डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराता है. इसके लिए मरीजों को पहले ही आगाह कर दिया जाता है.

राज्य सरकार ने राज्य के कई जिलों में गरीब जनता के लिए जेनेरिक मेडिसिन स्टोर्स शुरू किए है. डॉक्टर्स को भी यह हिदायत दी गई है कि वे मरीज को महंगी दवाईयां न देते हुए ज्यादा से ज्यादा जेनेरिक मेडिसन दें. लेकिन स्किन डिपार्टमेंट में लगे इस नोटिस के कारण अब मरीज का भी विश्वास जेनेरिक मेडिसिन से उठा गया है और वह डॉक्टर से महंगी दवाईया लिखकर देने के लिए कह रहा है. जिसके कारण जेनेरिक मेडिसिन सही में कारगार है या नहीं यह सवाल अब आम जनता के मन में उठा रहा है. या केवल मरीज की जान के साथ खिलवाड़ ही किया जा रहा है.


इस बारे में मेडिकल हॉस्पिटल के डीन डॉ. अभिमन्यु निसवाड़े से बात की गई तो उन्होंने बताया की स्किन विभाग में लगे इस नोटिस के बारे में उन्हें कोई भी जानकारी नहीं है. अगर ऐसा कोई नोटिस विभाग में लगा है तो उसे वे तुरंत निकाल देंगे. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि जेनेरिक मेडिसिन मरीज के लिए उपयोगी है या नहीं.