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    Published On : Sat, May 20th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    पार्टी ने किया न्याय – तानाजी वनवे

    Tanaji Wanve
    नागपुर : 
    कांग्रेस पार्टी में मचा घमसान बाग़ी दल को मनपा की राजनीतिक सत्ता की चाभी मिलने के बाद कुछ समय के लिए थम गया है। पार्टी से बग़ावत कर चुके नगरसेवकों द्वारा चुने गए नेता की शनिवार को गुट नेता और नेता प्रतिपक्ष बनाएं जाने के बाद इन दोनों पदों नियुक्त हुए तानाजी वनवे ने इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया है। नियुक्ति के बाद पत्रकारों से बात करते हुए तानाजी ने कहाँ की संजय महाकालकर को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का पार्टी के भीतर विरोध था। जिस समय नेता के नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी उसी समय पार्टी की तरफ से भेजे गए पर्यवेक्षकों को अपनी भावना नगरसेवकों ने अवगत कराया था। लेकिन उस समय पार्टी ने महाकालकर की नियुक्ति का फैसला लिया । इस दौरान बीच का रास्ता निकालते हुए प्रफुल्ल गुड़धे,संदीप सहारे और जुल्फेकार अली भुट्टो जैसे अनुभवी नगरसेवकों को मनपा की विभिन्न समितियों में भेजने का वादा किया गया था जिसे पूरा नहीं किया गया। नगरसेवकों के साथ वादाखिलाफी की वजह से ही बाग़ी नगरसेवक मजबूर हुए।

    पार्टी के हालातों से हाईकमान को अवगत कराने के लिए 10 अप्रैल को पूर्व सांसद गेव आवारी,पूर्व विधायक अशोक धवड़ और पूर्व मंत्री अनीस अहमद के नेतृत्व में नगरसेवकों के साथ पदाधिकारियों का दल पार्टी उपाध्यक्ष से मुलाकात की गयी। इस मुलाकात के दौरान पार्टी की स्थिति से उन्हें अवगत कराया गया। करीब एक घंटे चली इस मुलाकात में गाँधी ने संजीदगी से हमारी बात सुनी और संख्याबल के हिसाब से न्याय करने का भरोषा दिया। राहुल गाँधी से प्रदेशाध्यक्ष अशोक चौहान को दोनों पक्षों की राय लेकर फैसला करने का आदेश दिया। चौहान ने दोनों पक्षों को मुलाकात के लिए बुलाया था लेकिन दूसरा पक्ष उनसे मुलाकात करने नहीं पहुँचा जिसके बाद संख्याबल के आधार पर पार्टी ने फैसला किया। पहले सदन में नेता पद के लिए प्रफुल्ल गुड़धे का नाम सामने आया था लेकिन उन्होंने मेरा नाम आगे बढ़ाया।

    मनोनीत सदस्य के चुनाव में पार्टी की तरफ़ से खड़े दो उम्मीदवारों के सवाल पर उन्होंने कहाँ की उनके उम्मीदवार किशोर जिचकार है। पार्टी में मचे घमसान की प्रमुख वजह शहराध्यक्ष विकास ठाकरे को मनपा में आने से रोकने के लिए थी इस सवाल पर उन्होंने कहाँ की ठाकरे से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। ठाकरे के पास अब भी शहराध्यक्ष का पद है उनकी आगामी भूमिका पर अक्टूबर में संगठन के होने वाले चुनाव के बाद तय होने की बात वनवे ने कही।

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