Published On : Mon, Apr 30th, 2018

शहर की 27 स्कूलों में न करें पालक अपने बच्चों के एडमिशन, शिक्षा विभाग ने अवैध स्कूलों की जारी की सूची

नागपुर: राज्य के शिक्षासंचालक की ओर से शहर में और शहर के बाहर अवैध रूप से और बिना अनुमति से चल रही इंग्लिश, हिंदी, मराठी मीडियम स्कूलों की सूची जारी की है. जिसमें अभिभावकों को यह सन्देश दिया गया है कि इन स्कूलों में अपने बच्चों का एडमिशन न कराएं. साथ ही इसके जिले के प्राथमिक शिक्षणाधिकारी को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे इन स्कूलों पर कार्रवाई करे.

इन स्कूलों में बाजारगांव की त्रिमूर्ति पब्लिक कान्वेंट, बाजारगांव की प्रियदर्शनी स्कूल, फेटरी की विंग्स कान्वेंट, फेटरी की द मिलेनियम स्कूल, गोधनी की बुद्धिस्ट इंटरनेशनल स्कूल, वाड़ी की बुद्धिस्ट इंटरनेशनल स्कूल, मोमिनपुरा की न्यू रेहमानिया इंग्लिश प्राइमरी स्कूल, अजनी की डब्ल्यू. एस.एस.सी बालक मंदिर, जयप्रकाशनगर की बुद्धिस्ट इंटरनेशनल स्कूल, रामेश्वरी की बुद्धिस्ट इंटरनेशनल स्कूल, कुही की मातोश्री पार्वताबाई वंजारी प्राथमिक स्कूल, कामठी के येरखेड़ा की बुद्धिस्ट इंटरनेशनल स्कूल, मौदा के कोदामेढ़ी की रेड्डी कान्वेंट, बुटीबोरी की वृंदा विद्यानिकेतन इंग्लिश मीडियम स्कूल, बुटीबोरी की नालन्दा नॉन रेसिडेंस स्कूल, टाकलघाट की न्यू प्रेरणा कान्वेंट, वानाडोंगरी की ब्रिलियंट इंग्लिश स्कूल, हिंगना की सार्थक इंग्लिश स्कूल, डिगडोह के लोकमान्य नगर की यू. डी. बलकोटे प्राइमरी स्कूल, डिगडोह की लिटिल एंजल कॉन्वेंट, इसासनी की बुद्धिस्ट इंटरनेशनल स्कूल, आपतुर की वृन्दावन कॉन्वेंट, पिली नदी की एस. के.बी स्काय बर्ड कॉन्वेंट, लालगंज की राजीव कॉन्वेंट, यशोधरा नगर की एस.के. बी.स्काय बर्ड कॉन्वेंट, सेमिनरी हिल्स की एलिजाबेथ कॉन्वेंट, रानी दुर्गावती चौक की मदर्स किड्स कॉन्वेंट शामिल है. हालांकि कुल मिलाकर 56 स्कुल अवैध हैं. लेकिन शिक्षा विभाग ने अभी 27 स्कुलों के नाम घोषित किए हैं.

शिक्षा संचालक की ओर से जिले के शिक्षणाधिकारी को यह निर्देश दिए हैं कि शहर समेत जिले की अवैध स्कूलों की सूची तैयार की जाए. कार्रवाई करने के बाद भी अगर स्कूल शुरू रहती है तो स्कूल पर 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाए साथ ही इसके अगर स्कूल फिर भी बंद नहीं की गई तो 10 हजार रुपए रोजाना के तौर पर जुर्माना वसूल किया जाए. अवैध स्कूलों की जानकारी सत्र शुरू होने से पहले शहर के समाचारपत्रों में दी जाए. ऐसी अवैध स्कूलों के सामने फ्लैक्स, फलक लगाने की सूचना भी शिक्षा संचालक की ओर से दी गई है.