| | Contact: 8407908145 |
    Published On : Wed, Jun 24th, 2015
    Vidarbha Today | By Nagpur Today Vidarbha Today

    पांढरकवड़ा : किसान आत्महत्या के दोषी दो कर्मियों पर गुनाह दर्ज


    मृतक माधव गोडे ने आत्महत्या के लिए सरकार को जिम्मेदार बताया   

    Farmer Madhav ghode
    पांढरकवड़ा (यावतमाल)।
    तहसील के घोडदरा निवासी किसान माधव गोडे ने 6 जुन 2015 को गाव के कुए में कुदकर आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में दोषी पटवारी और क्लर्क के खिलाफ गुनाह दर्ज किया गया है. जिससे कर्मचारियों में खलबली मच गई है, मगर इस चिट्ठी में मृतक ने खुद राज्य सरकार को ही जिम्मेदार ठहराया है. उसने चिट्ठी में लिखा है कि, समय पर फसल नहीं होने का मुआवजा पहले मिल गया होता तो उसे आत्महत्या करने की नौबत नहीं आती थी. इस चिट्ठी को कुए में कुदने से पहले प्लास्टिक की पन्नी में इस प्रकार रखा था कि, उस चिट्ठी को पानी न लग पाये.

    किसान ने लिखा है कि, हालही में उसका ऑपरेशन हुआ था, इसके बावजूद उसे दो वक्त की रोटी के लिए मवेशी चराने के लिए जाना पड़ता था, ऐसे ही मवेशी चराने जा रहा था तब उसका पैर फिसल जाने से वह गिर पड़ा और उसका दाया हाथ फ्रक्चर हुआ और कमर को मार लगा. जिसके इलाज में उसे काफी खर्च हुआ. जिसकी वजह से वह कर्जदार बना. इतना ही नहीं तो जिला बैंक की सायखेड़ा की आदिवासी सोसायटी तेलंगटाकली से खेती के लिए 2008-09 में लिये हुए 70 हजार कर्ज बढ़कर 1 लाख 30 हजार रुपए हो गए थे. उसे कैसे चुक्ता करना यही समस्या उसके सामने थी. दो-तीन सालों से फसल नहीं हुई जो थोड़ी बहोत निकली उस अनाज को दाम कम था. जिससे वह पूरी तरह टूट चुका था. फसल नहीं होने का मुआवजा बार-बार घोषित किया गया, मगर उसे कोई मुआवजा नहीं मिला, ना ही कर्ज माफी मिली. जिससे वह परेशान था. इसीलिए उसने उसकी आत्महत्या के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया. इस मामले में मृतक के पुत्र उमेश गोडे ने 22 जुन को पांढरकवड़ा थाने में शिकायत दी. जिसकी जांच पर से तहसील के पटवारी एम.डब्ल्यू. भगत और क्लर्क एस.जी. भगत के खिलाफ गुनाह दर्ज किया गया है.

    परिवहन मंत्री रावते ने दी थी भेट
    मृतक माधव गोडे के परिवार को परसो राज्य के परिवहनमंत्री दिवाकर रावते ने भेट दी थी. इस समय जिले के पालकमंत्री संजय राठोड़ भी साथ में थे. मृतक की पत्नी, बेटा उमेश ने दोनों मंत्रियों को बताया कि, राज्य सरकार की ओर से मुआवजा नहीं मिलने के कारण माधव को आत्महत्या करनी पड़ी. यह सब होने के बाद सरकार पर आरोप न हो इसलिए पटवारी और क्लर्क को बली का बकरा बनाते हुए गुनाह दर्ज किया गया है.

    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145