Published On : Fri, May 7th, 2021

ऑक्सिजन चोरों को किया सिनेस्टाइल गिरफ्तार

Advertisement

देवरी और जालना में करवाई नाकाबंदी

– भिलाई से नागपुर के लिए आने वाले थे 4 कंटेनर

Gold Rate
Sept 29,2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 47,300 /-
Gold 22 KT ₹ 1,36,5700 /-
Silver/Kg ₹ 2,22,300/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

नागपुर: देश में कोरोना के आंकड़ों में बढ़ोतरी के मद्देनज़र ऑक्सिजन की मांग भी बहुत बढ़ गई है. कई राज्यों में ऑक्सिजन की कालाबाज़ारी भी शुरू हो गई है. ऐसे वातावरण में नागपुर और निकटवर्ती जिलों के लिए आने वाले ऑक्सिजन की चोरी होने का मामला सामने आया है. भिलाई के प्रॅक्स एयर कंपनी से ऑक्सिजन के जो 4 कंटेनर नागपुर के लिए निकले थे उनसे चोरी कर अन्य राज्यों में ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही थी. लेकिन वक्त पर स्थानीय पुलिस-प्रशासन को जानकारी मिली और चारों कंटेनर चालकों को सिने स्टाइल गिरफ्तार किया गया है. 2 कंटेनर देवरी बॉर्डर पर और 2 जालना-औरंगाबाद महामार्ग पर पकड़े गए हैं. नागपुर और विदर्भ के जिलों में ऑक्सिजन की कमी न हो, इसके लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को खुद मैदान में उतरना पड़ा. जिला प्रशासन के साथ साथ ऑक्सिजन सप्लाई सुनिश्चित करने और इस संबंध में समन्वय करने की ज़िम्मेदारी गडकरी ने समाजसेवक प्यारे खान को सौंपी थी. नागपुर और विदर्भ के अन्य जिलों के लिए ऑक्सिजन देने का कॉन्ट्रैक्ट प्रॅक्स एयर कंपनी को दिया गया है.

बुधवार को कंटेनर नागपुर पहुँचने वाले​ थे
बुधवार को 4 गॅस कंटेनर नागपुर से भिलाई प्लांट में भेजे गए थे. शाम तक कंटनेर नागपुर वापस आने वाला था. प्यारे खान ने कंटेनर के न पहुँचने के कारण का निरीक्षण किया और उन्हें कंपनी की साइट से जानकारी मिली कि चारों कंटनेरों का ब्रेकडाउन हो चुका है. कंपनी मुख्यालय का भी फोन बंद था. किसी भी प्रकार का समन्वय न होने के कारण खान ने अपनी टीम भिलाई भेजी. वहां टीम के सदस्यों ने पूछताछ की तो पता चला कि चारों कंटेनर ऑक्सिजन समेत रवाना हो चुके है. खान ने तुरंत जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे और पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को घटना की जानकारी दी. आरटीओ अधिकारी आनंद मोहोड और गोंदिया पुलिस ने देवरी बॉर्डर पर नाकाबंदी शुरू कर दी. कार्रवाई के दौरान देर रात को 2 संदिग्ध कंटेनर चालकों को गिरफ्तार किया गया.

Advertisement

लोकेशन सर्वीलन्स के ज़रिए पुलिस को कार्रवाई में मिली मदद
गिरफ्तार चालकों को बाकि दो कंटेनर और उनके चालकों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. गिरफ्तार चालकों को उनके दो फरार साथियों को कॉल करने के लिए कहा गया. दोनों का लोकेशन जालना-औरंगाबाद महामार्ग के आस पास पाया गया. दोनों के मोबाइल नंबर भी जालना पुलिस को भेजे गए. जालना पुलिस ने चालकों के फोन लोकेशन के आधार पर महामार्ग पर नाकाबंदी कर दी. अंत में गुरुवार सुबह दोनों आरोपी कंटेनर चालक पकड़े गए. चारों कंटनेर पुलिस एस्कॉर्ट के साथ नागपुर लाए गए है. कंटेनर चालक किसके इशारे पर काम कर रहे थे, इसकी जाँच की जा रही है. जिलाधिकारी ठाकरे, पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार और प्यारे खान ने सीमित समय में इतने सारे जिलों के पुलिस अधिकारीयों के साथ समन्वय किया, अन्यथा चारों कंटेनर दुसरे राज्य में पहुँच चुके होते और मामला और बिगड़कर स्थानीय प्रशासनों के हाथ के बहार चले जाता. चारों कंटेनरों में तकरीबन 64 टन ऑक्सिजन उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई है. अनुमान लगाया जा रहा है कि इस ऑक्सीजन कन्साइनमेंट की कीमत 16 लाख रुपए है.

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges

Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.