Published On : Tue, Nov 13th, 2018

रेलवे स्टेशन पर होगा ‘वन एंट्री-वन एक्ज़िट सिस्टम लागू

नागपुर: प्रवेश द्वार की भरमार वाले नागपुर स्टेशन को वन इंट्री, वन एग्जिट सिस्टम में लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. सोमवार को मंडल रेल प्रबंधक महेन्द्र उप्पल द्वारा पश्चिम द्वार की ओर बने आरक्षण व सामान्य टिकट काउंटर से लगे एमसीओ गेट पर ताला लगा दिया गया. इससे स्टेशन पर प्रवेश करने वाले यात्रियों को मुख्य द्वार से ही प्रवेश करना होगा.

सुरक्षा व्यवस्था में होगा सुधार
ज्ञात हो कि आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ज्योतिकुमार सतीजा कई दिनों से इन प्रवेश द्वारों को बंद कराने के प्रयास में थे. एमसीए गेट की बात करें तो यात्री काउंटर से टिकट लेकर सीधे एमसीओ गेट से होते हुए प्लेटफार्म पर पहुंच जाते थे. ऐसे में उनके सामान और लगेज की स्कैनिंग नहीं हो पाती थी. जो स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा के प्रति एक बड़ी खामी बनकर सामने आई थी. इसी बात को ध्यान में रखते हुए सीनियर डीएससी सतीजा द्वारा डीआरएम उप्पल से पत्राचार किया गया. उन्होंने सुझाव और मांग को उचित मानते हुए सोमवार से ही गेट बंद कर दिया.

अवैध कामों पर कसेगी लगाम
देखने में आया था कि एमसीओ गेट पर स्टेशन परिसर के बाहर से आये आटोचालकों का जमावड़ा लगा रहता था. यह स्थिति कई बार यात्रियों के लिए असुरक्षित और अप्रिय साबित होती थी. वहीं शराब की तस्करी करने वालों के लिए भी यह गेट प्लेटफार्म तक पहुंचने का आसान रास्ता था क्योंकि उनके बैग की चेकिंग ही नहीं हो पाती थी. हालांकि अब भी बिना जांच के स्टेशन में प्रवेश करना अधिक कठिन नहीं लेकिन एमसीओ गेट पर ताला लगने से व्यवस्था बदलाव में एक बेहतर शुरुआत जरूर है.

आरपीएफ एमसीओ गेट बंद कराने में सफल हो गई हो लेकिन एसी वेटिंग हाल से लगे टिकट काउंटर और एस्केलेटर से भी बिना जांच के स्टेशन के भीतर प्रवेश करना बेहद आसान है. एस्केलेटर से सामने बने एग्जिट गेट पर भी बाहरी आटोचालकों का जमावड़ा लगा रहता है. कई वाहन चालक सीधे यहीं से प्रवेश कर लेते हैं. बेहतर होगा कि इन रास्तों के विषय में भी विचार किया जाये ताकि नागपुर स्टेशन अधिक सुरक्षित हो सके.