Published On : Mon, Jul 23rd, 2018

ओमकार नगर: सीवर लाइन,सड़क को नुकसान पहुंचा कर जारी हैं निर्माणकार्य

नागपुर: प्रभाग ३४ अंतर्गत ओमकार नगर चौक के निकट व्यवसायिक सह रहवासी संकुल का निर्माणकार्य शुरू हैं.यह निर्माणकार्य के निकट की सीवर लाइन और सार्वजानिक सड़क को बाधा पहुँचाने से अनगिनत समस्याओं से आसपास के नागरिकों को झेलना पड़ रहा हैं.जिसकी शिकायत मनपा के हनुमान नगर ज़ोन और नासुप्र प्रशासन से करने के बावजूद ठोस पहल नहीं किये जाने से स्थानीय नागरिक छुब्ध हैं.जल्द समस्या का निवारण नहीं किया गया तो स्थानीय नागरिकों का शिष्टमंडल नासुप्र सभापति अश्विन मुद्गल और मनपायुक्त वीरेंद्र सिंह से मुलाकात कर न्याय की गुहार करेंगा।

शिकायतकर्ता साईंनगर निवासी कृष्णा मोहाड़िकार के अनुसार पांडे  के प्लाट क्रमांक एफ-७ पर बिल्डर ने निर्माणकार्य शुरू किया हैं.इस संकुल में नासुप्र के मंजूर नक़्शे के अनुसार ३ दर्जन से अधिक फ्लैट,२ दर्जन से अधिक दुकानों का निर्माण किया जाएगा। बिल्डर ने निर्माणकार्य के लिए २५ फुट गड्ढे खोदे।इस गड्ढे से निकली मिट्टियों को निकट सड़क किनारे जमा कर दिया,जो आवाजाही में अड़चन पैदा कर रहे हैं.


पैदल आवाजाही वालों को अनेकों दिक्कतें आ रही हैं.उक्त निर्माणकार्य स्थल के निकट सीवर लाइन जाम और नवनिर्मित हो रही सड़क धस गई हैं.बिल्डर द्वारा ली गई घरेलु पीने का पानी का कनेक्शन का व्यवसायिक कार्यो याने बांधकाम के लिए उपयोग किया जा रहा हैं.

उक्त ग़ैरकृत से साईंनगर निवासियों के लिए परेशानी का शबब बन गया हैं.उक्त मामले की शिकायत स्थानीय नागरिकों ने नासुप्र और मनपा के हनुमान नगर ज़ोन में २१ जून २०१८ को की हैं.लेकिन आज तक कोई मौका निरिक्षण या कार्रवाई नहीं की गई.समय रहते अगर ठोस उपाययोजना कर मसला नहीं सुलझाया गया तो शिकायतकर्ता जल्द ही मनपायुक्त और नासुप्र सभापति से मुलाकात कर न्याय की गुहार करेंगे।


उल्लेखनीय यह हैं कि उक्त प्लॉट के रिंग रोड से लगे हिस्से पर आधा दर्जन मटन की दुकानें हैं.जिन्हें निर्मूलन के लिए प्लॉट के पूर्व मालिक के मध्य गोलीबारी भी हुई,मटन वालों को जगह से हटाने के लिए पूर्व प्लॉट का मालिक न्यायालय भी गया,जहाँ वे हार भी गए.इसके बाद पूर्व प्लाट मालिक पांडे ने यह प्लाट गांधी बिल्डर को बेच दिया। गांधी बिल्डर नासुप्र से नक्शा मंजूर करवाकर यहाँ रहवासी सह व्यवसायिक संकुल का निर्माण कर रहा हैं.


यह भी जानकारी मिली हैं कि उक्त संकुल के निर्माण का भूमिपूजन करने वाला भी इसका अघोषित साझेदार हैं.जो इस निर्मित संकुल में एक अस्पताल खोलने की योजना पर सक्रिय हैं.