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    Published On : Mon, Dec 17th, 2018

    पालकमंत्री के जनता दरबार में अधिकारी और भाजपा पदाधिकारी ने एक दूसरे पर लगाए दलाली के आरोप

    नागपुर: जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए सत्ताधारी दल भाजपा नागपुर शहर में जोन स्तर पर जनता दरबार का आयोजन कर रहा है। इस जनता दरबार में खुद पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले लोगों की समस्याएं सुन रहे है। सोमवार को लकड़गंज जोन में जनता दरबार का आयोजन हुआ। लेकिन इसमें नागपुर सुधार प्रन्यास के अधिकारी और भाजपा के पदाधिकारी ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों को सुनकर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी दंग रह गए। एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एनआयटी के नगर भूमापन अधिकारियों के रवैये के चलते उनका मामला वर्ष 2016 से लटका पड़ा है। उससे अधिकारी नामांतरण के लिए चार हजार रूपए की रिश्वत भी माँगी जा रही है।

    इस आरोप से नगर भूमापन अधिकारी सारिका कडू दंग रह गई उन्होंने शिकायतकर्ता को लपेटते हुए बताया कि शिकायतकर्ता से एनए ऑर्डर माँगा गया है जो अब तक जमा नहीं कराया गया है इस वजह से मामला लंबित है। उनके विभाग में जनता की शिकायते सुनी जाती है वह खुद दोपहर 12 बजे से 3 बजे के दौरान शिकायतें सुनती है। दफ्तर में दलालों का अड्डा है। भाजपा के पदाधिकारी निरंजन दहीवले सक्रीय दलालों की वजह से उनपर दबाव बनाते है। दहीवले पूर्व नागपुर के पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के महामंत्री है।

    अधिकारी के अचानक आरोप लगा देने से जनता दरबार का माहौल अचानक गरमा गया। लोग एक दूसरे को ताकने लगे। पार्टी पदाधिकारी पर आरोप लगते ही खुद पालकमंत्री हरकत में आ गए बीच बचाव करने हुए उन्होंने कहाँ की आप का रवैया गलत है शब्दों का चयन ठीक ढंग से होना चाहिए। बिफरे पार्टी विधायक कृष्ण खोपड़े ने भी अधिकारी को समझाईश देते हुए कहाँ की ऐसे किसी पार्टी का नाम लेना उचित नहीं है।

    इस सबके बीच जिस पदाधिकारी पर आरोप लगा उसने अपनी दलील देते हुए नगर भूमापन अधिकारी को ही आड़े हाँथो लिया। उसने कहाँ कि मेरे किसी परिचित का काम होने पर ही वह विभाग में जाते है। कडू मैडम के दफ़्तर का नजारा सामान्य नहीं है। वहाँ दलाल सक्रीय है। ये दलाल खुद मैडम के ही है जब उनकी पर्ची मिलती है तभी काम होता है। साबुत के तौर पर मैंने वीडिओ बनाया है जिसकी शिकायत पहले ही कर चुका हूँ। मैंने दोबारा शिकायत कि इसलिए जानबूझकर मेरा नाम लिया गया।

    अधिकारी और मनपा में सत्ताधारी दल के पदाधिकारी के बीच की टकराव यही ख़त्म नहीं हुई। पालकमंत्री के समझाने के बाद भी उन्होंने कहाँ मै तो कार्यालय में दलालों पर रोक लगाने का काम कर रही हूँ। भ्रस्टाचार के निपटारे के लिए सेतु पद्धति से ऑनलाईन काम किया जा रहा है। अब तक मैंने खुद 17 हजार मामलों का निपटारा किया है। जिनकी दुकान मेरी वजह से बंद हो रही है उन्हें इससे तकलीफ है इसलिए मेरे ख़िलाफ़ शिकायत की जा रही है। कडू को रोकते और समझाते हुए आखिर में खुद मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर ने बीच बचाव किया। उन्होंने कहाँ मामला दो साल से लटका पड़ा है। हर बार एनए ऑर्डर की जरुरत नहीं होती। जनता को तकलीफ न हो इसलिए हमें अपनी जिम्मेदारी को समझाना पड़ेगा। आप समय पर सम्बंधित विभाग के पास फ़ाइल भेज देती तो मामला निपट जाता।

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