Published On : Thu, Feb 25th, 2021

…गर दुर्घटना हुई तो अधिकारियों को नहीं मिलेगा INSURANCE का लाभ

– किराए पर चल रही गाड़ियों के कागजात UPDATE नहीं,संबंधित विभाग का मूक प्रदर्शन

नागपुर -नियम तो नहीं लेकिन मनपा स्थाई समिति के निर्देशानुसार अधिकारी सह पदाधिकारियों को आवाजाही के लिए किराए के वाहन उपलब्ध करवाए गए,जिनका टेंडर अवधि समाप्त हो गया.उल्लेखनीय यह हैं कि मनपा सेवा में लगी इन किराए के गाड़ियों का कागजात UPDATED नहीं हैं, अगर कोई दुर्घटना घटी तो अधिकारी-पदाधिकारियों को INSURANCE का लाभ नहीं मिलेगा।इस संबंध में सब जानकर भी संबंधित विभाग की चुप्पी क्या किसी बड़े दुर्घटना का इंतजार कर रही। एमओडीआई फाउंडेशन ने इस संबंध में RTO से गंभीर दखल लेने की मांग की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मनपा में उंगलियों पर गिनने लायक अधिकारी-पदाधिकारियों को वाहन सुविधा देने का प्रावधान हैं, लेकिन तत्कालीन पदाधिकारियों ने खुद के लाभ के लिए अधिकारियों के कंधों पर बंदूक रख शेष अधिकारी-पदाधिकारियों को भी वाहन सुविधा उपलब्ध करवाने संबंधी आदेश पारित किया था। जबकि अधिकारियों को PETROL ALLOWANCE भी वेतन के साथ दिया जाता हैं।तब अधिकारी पदाधिकारी सीमित थे और मनपा में वाहन और वाहन चालक भी समाधानकारक थे,जैसे जैसे समय बीतता गया,वाहन और वाहन चालकों की कमी होने के साथ पदाधिकारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती गई।इसके कारण मनपा को किराए का वाहन उपयोग में लाना पड़ा,जिसका 2-3 साल में टेंडर किया जाता हैं। मनपा में पहली बार पिछली दफे ऐसा टेंडर हुआ अर्थात अलग-अलग वाहनों का अलग-अलग दर।इनका भी टेंडर अवधि 12 फरवरी 2021में समाप्त हो गया।

टेंडर अवधि समाप्ति को ध्यान में रख कुछ वाहन मालिक सत्तापक्ष के संपर्क में गए और नया टेंडर जारी करने के बजाय पुराने वाहन चालकों को एक वर्ष का EXTENSION देने की मांग की। सत्तापक्ष ने संबंधित विभाग के मुखिया को EXTENSION का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया,यह प्रस्ताव उपायुक्त जैन के पास जाकर लौटी और संबंधित विभाग में पड़ी होने की जानकारी मिली हैं। इस बीच यह जानकारी मिली कि सभी वाहन चालक-मालक एकजुट होकर नया टेंडर न निकाला जाए,इसके लिए भरसक प्रयास कर रहे। इसके लिए नाना प्रकार के उदाहरण/समस्या भी दर्शा रहे।

उल्लेखनीय यह हैं कि संबंधित विभाग के सूत्रों के अनुसार मनपा में चल रही किराए के सभी कार के कागजातों की कभी जांच नहीं की गई,बताया जा रहा कि अधिकांश कारों के कागजात UPDATED नहीं हैं। अर्थात मनपा की लापरवाही के दौरान किसी गाड़ी का दुर्घटना हुआ तो नुकसान भरपाई नहीं मिलेगी और दुर्घटना की जिम्मेदारी मनपा पर भी मढ़ी जा सकती हैं। इस संदर्भ में एमओडीआई फाउंडेशन (MODI FOUNDATION) ने RTO से गंभीर दखल लेते हुए कड़क कार्रवाई की मांग की।