Published On : Tue, Aug 17th, 2021
nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

चेंबर ने मा. केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मलाजी सीतारमन को जी.एस.टी. व आयकर के सरलीकरण हेतु दिया ज्ञापन

व्यापारियों के लिये विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करे सरकार: अश्विन मेहाड़िया
NVCC का प्रतिनिधीमंडल का जीएसटी और आयकर कानून के सरलीकरण के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री से मिला
व्यापार में आयकर व जी.एस.टी. के नियमों राहत दे: NVCC का निर्मलाजी सीतारमन से निवेदन

दि. 16 अगस्त 2021 को विदर्भ के व्यापारियों की अग्रणी व शीर्ष संस्था नाग विदर्भ चेंबर आॅफ काॅमर्स के अध्यक्ष श्री अश्विन मेहाड़िया के नेतृत्व में चेंबर के IPP च् श्री हेमंतजी गांधी, उपाध्यक्ष श्री संजय के. अग्रवाल, सचिव श्री रामअवतार तोतला, प्रत्यक्ष कर समिती के संयोजक सी.ए. श्री संदीपजी जोतवानी, अप्रत्यक्ष कर समिती के संयोजक सी.ए. श्री रितेश मेहता ने माननीय केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मलाजी सीतारमन से उनके नार्थ ब्लाॅक, दिल्ली स्थित कार्यालय में मुलाकात कर जी.एस.टी. एवं आयकर के नियमों के अनुपालन में होने वाली कठिनाईयों व सुझावों क साथ दिया प्रतिवेदन।

अध्यक्ष श्री अश्विन मेहाड़िया ने सर्वप्रथम माननीय केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मलाजी सीतारमन का शाॅल व चेंबर की स्मरणिका ‘अमृतपुष्प’ देकर उनका स्वागत सम्मान किया। उन्होंने माननीया वित्तमंत्रीजी से कोरोना महामारी के लाॅकडाउन के कारण व्यापारियों की आर्थिक परिस्थितियों को सांझा करते हुये, कहा कि सरकार ने लाॅकडाउन अवधी के दौरान समाज के प्रत्येक वर्ग को राहत दी। किंतु व्यापारी वर्ग जो स्वंय व्यापार करने के साथ-साथ दुसरो को रोजगार उपलब्ध कराता है तथा कर संग्रह करके सरकारी कोष में भी वृद्धि करता है, ऐसे अर्थव्यवस्था के मुख्य घटक, व्यापारी वर्ग को आर्थिक पैकेज से बाहर रखा है। श्री अश्विन मेहाड़िया ने माननीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मलाजी सीतारमन से व्यापारियों के लिये विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा का निवेदन किया।

चेंबर के IPP श्री हेमंतजी गांधी ने चेंबर का परिचय कराते माननीय केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मलाजी सीतारमन को बताया कि एन.वी.सी.सी. विदर्भ के 13 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करती है तथा व्यापारिक हितों के लिए सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर व्यापारियों की समस्याओं का हल कराने कार्य करती है।

चेंबर के सचिव श्री रामअवतार तोतला ने कहा कि आयकर के नियम 56(2) के तहत एक ही लेन-देन पर उपभोक्ता व खरीरदार दोनों को टैक्स देना पड़ता है। एक ही लेनदेन में दो बार टैक्स भरने का नियम अहितकारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि आयकर व जी.एस.टी. के रिटर्न फाईल में लेट फी व ब्याज दर बहुत अधिक है। उन्होंने माननीया वित्तमंत्रीजी से लेट फी में करदाता को रियायत देने तथा उसके ब्याज की दरों को भी कम करने तथा जी.एस.टी. में टैक्स की दरों को कम करने का भी निवेदन किया।

चेंबर के उपाध्यक्ष श्री संजय के अग्रवाल ने जी.एस.टी. के तहत ITC क्रेडिट लेने में आ रही समस्याओं से अवगत कराया तथा जी.एस.टी. एॅक्ट की धारा 16(4) का विभाग द्वारा गलत प्रकार से अनुपालन करने से ही रही समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही सुझाव दिया कि महाराष्ट में VAT के अंतर्गत अपनायी गयी रिर्टन फाईलिंग की व्यवस्था अपनायी जाये और ट्रांसजैक्सन का मिलान सिस्टम द्वारा किया जाये। ताकि व्यापार करने में आसानी हो।
चेंबर की अप्रत्यक्ष कर समिती के संयोजक सी.ए. श्री रितेश मेहता ने चेंबर की ओर से अ¬प्रत्यक्ष करो हेतु कुछ सुझाव दिये जैसे कि जी.एस.टी. की 12%, 15%, को 28%, की दर क्रमशः 5% व 15%, करना चाहिये। जी.एस.टी. के रद्द किये गये रजिस्टेªशन का पुनः शुरू करने, रिर्टन फाइल करने की प्रक्रिया में और सरलीकरण करने, MSME में दर्ज व्यापारियों को तिमाही भुगतान करने व निर्यातकों को जल्द से जल्द जी.एस.टी. का भुगतान करने आदि पर सुझाव प्रेषित किये।

चेंबर की प्रत्यक्ष कर समिती के संयोजक सी.ए. संदीप जोतवानी ने आयकर की CBDT व CBIC योजना को एक साथ समाहित करने, TDS व TCS के प्रावधानों में किए गए बदलावों के कारण करदाताओं को आ रही परेशानियों, आयकर की नई वेबसाइट की समस्याएं, व्यक्तिगत कंपनियो एवं पार्टनरशिप कंपनियों हेतु आयकर की एक ही दर करने, लाॅकडाउन के कारण आर्थिक मंदी को देखते हुये सरकार ने न्युनतम वैकल्पिक कर(MAT) तथा वैकल्पिक न्युनतम कर(AMT) के प्रावधान में बदलाव कर उद्योगों व व्यापारियों को राहत तथा आयकर फाइल करने की विभिन्न अंतिम तारीखो को आगे बढ़ाने का निवेदन किया।

माननीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मलाजी सीतारमन चेंबर के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा में व्यापारियों के परेशानियों एवं चेंबर द्वारा दिये गये सुझावों को ध्यान से सुनने के बाद आश्वासन दिया कि चेंबर द्वारा दिये गये सुझावों को समिती के समक्ष रखकर जनमानस के हितार्थ योग्य निर्णय लिया जायेगा। इस चर्चा में वित्त मंत्रालय के उच्च प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे।

उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति द्वारा सचिव श्री रामअवतार तोतला ने दी।