Published On : Fri, Nov 21st, 2014

वाशिम : साममं के मोर्चे के बाद जागा नप प्रशासन


कई सालों से देखभाल के अभाव में शौचालयों की स्थिति दयनीय

नप की बैठक में मुद्दा रखने का मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने दिया आश्वासन

Washim
वाशिम।
पूरे भारत में केन्द्र सरकार द्वारा प्रदत स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत साफ-सफाई जोरशोर से चल रही है. इसके साथ ही बुधवार को विश्व शौचालय दिवस भी पूरे भारत में प्रमुखता से मनाया गया. लेकिन वाशिम शहर की सार्वजनिक शौचालयों की हालत देखकर लगता नहीं कि वाशिम में अभियान को कोई अहमियत दी जा रही है क्योंकि इनकी हालत बद-से-बदतर हो गई है. फिर भी नप इसकी टोह लेने की जहमत नहीं उठाने से मामला गर्मा गया है. इससे विशेष रूप से महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसकी टोह लेकर शौचालयों की दुरुस्ती के लिए सावित्री महिला मंच गुरुवार से आंदोलन की शुरूआत करते हुए नगर परिषद कार्यालय पर मोर्चा खोल दिया.

देखा जा रहा है कि देश और राज्य में फिलहाल स्वच्छ भारत अभियान के तहत काफी सक्रियता देखी जा रही है. वहीं बुधवार को विश्व शौचालय दिवस भी देश के अन्य स्थानों के साथ साथ दिल्ली में सुलभ इंटरनेशनल व केन्द्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में जोर-शोर से मनाया गया. जबकि यहां वाशिम शहर में सार्वजनिक शौचालय अपने अस्तित्व व गंदगी को लेकर आंसू बहाता दिखा. अनेक स्थानों के दरवाजे देखभाल के अभाव में टूटे पड़े हुए हैं. दिवारें भी कई जगहों के टूट गई हैं. मल-मूत्र की सफाई नहीं किए जाने से यहां जाना दूभर हो जाता है. जिससे लोग ऐसे शौचालयों का उपयोग नहीं कर पाते हैं. कई दिनों से यहीं आलम होने से इसकी टोह लेकर सावित्री महिला मंच के जिलाध्यक्ष किरण भांदुर्गे व जिलाध्यक्ष प्रियंका भांदुर्गे ने नगर परिषद को दो महीने पूर्व इन अस्त-व्यस्त शौचालयों की अवस्था को दुरुस्त करने एक निवेदन सौंपा था. मगर नप ने निवेदन पर ध्यान न देकर कचरे की टोकरी में डाल कर गंदगी को बढ़ावा दिया. दो महीने तक राह तकने के बाद महिला मंच के सामने आंदोलन के सिवा दूसरा रास्ता न देख महिलाएं लामबंद होकर मोर्चा लेकर नप में दस्तक दी. जिसके बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसंत इंगोले ने तत्परता दिखाते हुए शौचालयों की स्थिति व निवारण का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि इस मसले को नप की आगामी बैठक में प्रमुखता से उठा कर पुख्ता इंतजामात करेंगे.