Published On : Sat, Mar 25th, 2017

अब जीपीआरएस सिस्टम से होगी कैदियों की निगरानी

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Prison
नागपुर:
 कैदियों पर निगरानी के लिए राज्य का पुलिस विभाग जीपीआरएस तकनीक का सहारा लेने का विचार बना रहा है। इस संबंध में पुलिस विभाग के मातहत आने वाले जेल विभाग ने एक प्रस्ताव भी तैयार किया है। अगर इस फ़ैसले को मानवाधिकार आयोग और उच्च न्यायलय की मंजूरी मिल जाती है तो महाराष्ट्र देश का ऐसा पहला राज्य होगा जो जीपीआरएस तकनीक के सहारे कैदियों की निगरानी करेगा और राज्य में नागपुर सेंट्रल जेल में इस प्रोजेक्ट को पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जायेगा।

अतिरिक्त पुलिस महासंचालक जेल भूषणकुमार उपाध्याय के मुताबिक उनके विभाग ने इस प्रस्ताव पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस प्रस्ताव की जानकारी उच्च न्यायालय को भी दी गई है अगर अदालत इस प्रस्ताव पर मुहर लगा देती है तो राज्य का पुलिस विभाग अपने प्रस्ताव पर अमल करेगा। गौरतलब हो कि राज्य सरकार ने जेल की सुरक्षा को मजबूत बनाने का आदेश पुलिस विभाग को दिया है। बीते दिनों जेल में कैदियों की जीपीआरएस के माध्यम से निगरानी किये जाने की बात भी सरकार द्वारा कही गई थी। इसी आदेश का पालन करते हुए जेल महकमे ने अपना प्रस्ताव तैयार किया है। जिसे मंजूरी मिलने पर इसे जल्द से जल्द लागू किये जाने की तैयारी भी की जा चुकी है।

जेल के भीतर कैदियों का व्यवहार और सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए उनका फ़रार होना चिंता की बात है ऐसे में अगर यह कैदियों की निगरानी के लिए जीपीआरएस की मदद ली जाती है तो यह फायदेमंद साबित होगा। कैदियों के हाथ में शरीर के किसी भी हिस्से में जीपीआरएस सिस्टम लगाकर उनकी निगरानी आसानी से की जा सकती है। इतना ही नहीं इससे फरार होने वाले कैदियों को ढूँढ़ने में भी सहूलियत होगी। अगर यह व्यवस्था लागू हो जाती है तो जेल की सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा चाकचौबंद हो जाएगी। विश्व के कई देशों में यह व्यवस्था लागू है।

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