Published On : Wed, Apr 25th, 2018

एटीएम से पैसों और चेकबुक ट्रांजैक्‍शंस के लिए भी चुकाने होंगे पैसे

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ATM

नई दिल्ली: एटीएम से पैसों के लेनदेन और चेकबुक ट्रांजैक्‍शंस से लेकर कार्ड्स से पेमेंट और मनी ट्रांसफर जैसी सर्विसेज महंगी हो सकती हैं. अगर आप इनमें से कुछ के लिए इस समय कोई चार्ज या शुल्‍क नहीं दे रहे हैं तो आपको अब देने पड़ सकते हैं. इसी तरह अगर कुछ सेवाओं के लिए आप अभी कम शुल्‍क दे रहे हैं तो आपको अधिक शुल्‍क देने पड़ सकते हैं. सरकार द्वारा बैंकों को भारी टैक्‍स चुकाने के लिए दिए गए आदेश के बाद बैंकों के साथ ही कस्‍टमर्स की सरदर्दी भी बढ़ सकती है.

गौरतलब है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने देश के प्रमुख सरकारी और प्राइवेट बैंकों- एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक से मिनिमम अकाउंट बैलेंस मेनटेन करने वाले ग्राहकों को मुफ्त में दी गई सेवाओं पर टैक्स चुकाने के लिए कहा है. परेशान करने वाली बात यह है कि यह टैक्स पिछली तारीख से मांगा गया है और यह रकम हजारों करोड़ में हो सकती है.

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस ने इन सभी बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए इस मामले में टैक्‍स जमा करने कहा है. खबर यह भी है कि यह नोटिस दूसरे बैंकों को भी भेजा जा सकता है.

इकोनॉमिक टाइम्‍स की एक रिपोर्ट में एक बड़े टैक्स अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि बैंकों से पिछले पांच साल के लिए टैक्स भुगतान की मांग की गई है. मिनिमम अकाउंट बैलेंस मेनटेन नहीं करने वाले ग्राहकों से बैंकों ने जो पैसे वसूले हैं, टैक्स की गणना उसी के आधार पर की जा रही है.

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खबर के मुताबिक बैंक सरकार के इस एक्‍शन से चिंतित हैं, क्योंकि दिक्‍कत यह है कि वे पिछली तारीख से ग्राहकों से टैक्स की मांग नहीं कर सकते. ऐसे में इसका बोझ ग्राहकों को भी उठाना पड़ सकता है. हालांकि बैंक टैक्‍स विभाग के दावे को चुनौती दे सकते हैं. वे सरकार से भी इस मामले में अपील कर सकते हैं.

इस मद में बैंकों पर कुल टैक्स लायबिलिटी 6,000 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है. इससे पहले से परेशान बैंकों का सरदर्द और बढ़ गया है.

गौरतलब है कि संबंधित विभाग ने बैंकों की तरफ से ग्राहकों को दी जाने वाली कई सेवाओं की पड़ताल शुरू की है. इन सेवाओं के लिए बैंक जहां कुछ चार्ज या शुल्क वसूलते हैं, वहीं मिनिमम बैलेंस मेनटेन करने पर उन्हें मुफ्त में ये सेवाएं देते हैं.

तय सीमा से अधिक एटीएम ट्रांजैक्शंस, फ्यूल सरचार्ज रिफंड, चेक बुक इशू और डेबिट कार्ड जैसी चीजों से ट्रांजैक्‍शन करने पर आपको कुछ शुल्‍क देने होते हैं. इसी तरह कुछ कस्‍टमर्स को बैंक प्रिविलेज्ड का दर्जा देते हैं, उनसे वे चार्ज नहीं लेते हैं. इन बेनिफिट्स को सर्विस टैक्स कानून में डीम्ड सर्विस कहा गया है.

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