Published On : Tue, Oct 10th, 2017

अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड थेलर को मिला नोबेल, किया था PM मोदी के नोटबंदी के फैसले का समर्थन

richard-thaler
नई दिल्ली: भारत में हुई नोटबंदी का समर्थन कर चुके अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड थेलर को वर्ष 2017 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी के थेलर के नाम की स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंस ने सोमवार को घोषणा की। पुरस्कार के तहत थेलर को 90 लाख क्रोनर (11 लाख अमेरिकी डॉलर) की राशि प्रदान की जाएगी।

पिछले साल नवंबर में जब भारत में नोटबंदी का ऐलान किया गया था तो थेलर ने कहा था कि यह वही नीति है, जिसका वह लंबे समय से समर्थन करते आ रहे हैं। हालांकि जब उन्हें बताया गया कि भारत सरकार दो हजार रुपये का नोट ला रही है, तो उन्होंने इसकी आलोचना की। मालूम हो कि हाल में नोटबंदी के फैसले का विरोध करने वाले पूर्व आरबीआई गवर्नर भी नोबेल की दौड़ में शामिल थे।

नोबेल कमेटी ने थेलर को पुरस्कार देने की घोषणा करते हुए कहा है कि उन्हें अर्थशास्त्र के मनोविज्ञान को समझने के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। थेलर ने अर्थशास्त्र को ज्यादा मानवीय बनाया है। उनके शोधों से पता चलता है कि कोई व्यक्ति आर्थिक फैसले लेते समय कैसे सोचता और व्यवहार करता है।

उन्होंने यह साबित किया है कि आर्थिक एवं वित्तीय फैसले लेने वाले हमेशा तर्कसंगत नहीं होते हैं बल्कि ऐसे अधिकतर निर्णय मानवीय विशेषताओं के आधार पर लिए जाते हैं। 72 वर्षीय थेलर बिहेवियरल इकोनामिक्स के अग्रणी अध्येता माने जाते हैं। अर्थशास्त्र की इस शाखा में मनोवैज्ञानिक शोध के तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

मालूम हो कि अल्फ्रेड नोबेल जिनके नाम पर यह पुरस्कार दिया जाता है, की 1895 की वसीयत में अर्थशास्त्र को नोबेल पुरस्कार का जिक्र नहीं है, लेकिन स्वीडिश नेशनल बैंक ने नोबेल की याद में अर्थशास्त्र में पुरस्कार देने की घोषणा की और पहला पुरस्कार 1969 में दिया गया था। इस पुरस्कार को नोबेल के बराबर माना जाता है और इसके विजेता को अन्य पुरस्कार विजेताओं के लिए आयोजित समारोह में ही पुरस्कार दिया जाता है।

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