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    Published On : Sat, Dec 15th, 2018

    Exclusive Video : सख्त पुलिस अधिकारी ही नहीं कवि, शायर और गायक भी हैं उपराजधानी के डीसीपी

    डीसीपी राहुल माखणिकर को बचपन से है गाने और कविताएं लिखने का शौक

    नागपुर : आमतौर पर अपराध जगत और अपराधियों से दिन रात ख़ैर खबर रखनेवाले पुलिस अधिकारियों को हम रुआबदार और सख़्त मानते हैं. लेकिन पुलिस अधिकारी इन सब के अलावा अगर शायर और गायक हो तो जरूर हैरत होगी. इसी तरह की दो विपरीत ख़ूबियों के धनी हैं नागपुर के डीसीपी जोन 3 राहुल माखणिकर.

    माखणिकर मूलत: लातूर जिले के माखनी गांव के हैं. उनका जन्म 27 एप्रिल 1976 को हुआ। बचपन से ही उन्हें शायरी, गजल, कविता लिखने और बोलने का शौक रहा. पुलिस विभाग में आने के पहले वह 1999 से 2007 तक सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर थे. 2007 में उपपुलिस अधिक्षक की परीक्षा पास होकर नांदूरबार में प्रोबेशन पीरियड पर नियुक्त हुए.

    उसके बाद 2009 से 2012 तक परभणी , 2012 से 2014 सातारा में उपपुलिस अधिक्षक के तौर पर रहे ,2015 से 2017 तक एडिशनल एसपी के तौर पर जालना में प्रमोशन हुवा और फिलहाल 2017 से 2018 तक नागपुर में डीसीपी झोन 3 में कार्यरत है. किसी भी बड़े कार्यक्रम में उनके हात में माईक मिल गया तो वह दर्शक तथा अतिथि ओ के सामने मधुर शायरी या कविता बोलने से अपने आप को रोक नहीं पाते. पुलिस में रहकर जनसेवा करते हुए ही अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते हैं जिससे वह मस्तमौला डीसीपी है ईस तरह की चर्चा समुचे नागपुर शहर में है.

    नागपुर टुडे के साथ हुई विशेष बातचीत में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. उन्होंने इस दौरान कुछ शायरियां और कविताएं सुनाईं. जिसके जरिए उन्होंने यह संदेश दिया कि सबके साथ मिलजुलकर पुलिस का भी साथ अच्छे तरीके से देना चाहिए.

    – रविकांत कांबले
    नागपुर टुडे

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