Published On : Fri, May 19th, 2017

मेडीकल अस्पताल में नहीं है पीने का पानी, मुख्य द्वार के सामने चल रहा पानी बेचने का गोरखधंधा


नागपुर:
नागपुर में मई महीने में गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है. इस बढ़ती गर्मी में सबसे ज्यादा पीने के पानी की आवश्यकता होती है. इसलिए शहर में कई जगह पर पीने के पानी की सुविधा समाजसेवकों और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से की गई है. लेकिन मध्य भारत के सबसे बड़े मेडिकल अस्पताल में पीने के पानी का न होना शर्मनाक बात है. वहीं अस्पताल के बाहर मरीजों और उनके परिजनों को कैन का पानी बेचा जा रहा है. मेडीकल अस्पताल में लगाया गया वाटरकूलर बंद पड़ा है. मेडिकल अस्पताल में दूर दराज से गरीब लोग और सामान्य जनता अपने परिजनों के साथ इलाज कराने अस्पताल आते हैं. जो कई बार महीनों यहां पर बिताते हैं.

इन मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी के लिए भी परेशान होना पड़ता है या तो अस्पताल के बाहर आकर इन पानी बेचनेवालों से पानी खरीदना पड़ता है. गरीब मरीजों और उनके परिजनों की मजबूरी का फायदा बाहर बैठकर पानी बेच रहे लोग उठा रहे हैं. दिन भर में 50 से भी ज्यादा पानी की कैन बेचीं जाती है. लोगों को उनके ही बोतल में पानी भरके देते है और मन माफिक दाम वसूलते है. पानी कैसा है, उसकी गुणवत्ता क्या है, कहा से पानी को लाते है, पाणी फ़िल्टर किया है या नहीं यह देखने के लिए न तो अन्न व औषधि प्रशासन विभाग कुछ कर रहा है और न ही मेडीकल प्रशासन इन गोरखधंदा करनेवाले लोगों पर ही कोई कार्रवाई कर रहा है.


पानी खरीद रहे कुछ लोगो से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेडिकल अस्पताल के वाटर कूलर में पानी नहीं हैं और वाटर रेफ्रिजेटर के आसपास बहुत गंदगी है. वहां जाने की इच्छा नहीं होती. इसलिए हमें पानी खरीदना पड़ रहा हैं. दिन भर में 40 से 50 रुपए हमारे पीने के पानी में ही जाते हैं.

इस सन्दर्भ में मेडिकल अस्पताल के डीन डॉ. अभिमन्यु निसवाड़े से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस गंभीर विषय पर बात करने से इन्कार कर दिया. साथ ही मेडिकल के अधीक्षक से बात करने की सलाह भी दी. मेडिकल अधीक्षक से जब इस संदंर्भ में बात की गई तो उन्होंने बताया कि डीन की मीटिंग में इस समस्या को सामने रखा जाएगा साथ ही इनकी समस्या का समाधान भी किया जाएगा.