Published On : Tue, Jun 30th, 2020

नो स्कूल नो फीस मुहीम मंत्री ने दिया दूसरी कक्षा तक ऑनलाइन क्लासेस बंद करने का आदेश

सरकार की बात नहीं मानने वाले स्कूलों की होगी मान्यता रद्द

नागपुर: विदर्भ पेरेंट्स अध्यक्ष संदीप अग्रवाल के नेतृत्व में पालको का एक शिस्तमण्डल शिक्षा राज्य मंत्री श्री बच्चू भाऊ कडु से मिला और पालको के साथ हो रहे अन्याय की गुहार लगाई। श्री अग्रवाल ने कहा की लॉक डाउन के दौरान फीस के स्कूले दबाव बना रही है। कॉपी , किताबे व कपडे भी स्कूल से खरीदने के लिए मजबूर कर रही है। सरकारी निर्देशों का खुले आम उलंघन हो रहा है और उप संचालक खुले आम तमाशा देख रहा है। श्री अग्रवाल ने दिनांक ०३/०६/२०२० का शिक्षण अधिकारी जिल्ला परिषद् का आदेश दिखाया जिसमे फीस के लिए सकती न करना, फीस के लिए इन्सटॉलमेंट देना व पालको को परेशान न करना साथ ही शालेय सामग्री की बिक्री न करना , ऑनलाइन पढाई के कोई भी अतिरिक्त फीस की वसूली न की जाए साथ ही इस वर्षा टर्म फी और टूशन फीस के अलावा कोई भी फीस वसूल न की जाए लोपक डाउन के दौरान जो सुविधा विद्यार्थियों ने वापरी नहीं उसका पैसा वसूल न किया जाए।

यह सरकारी परीपत्र है इसका तुरंत पालन किया जाए। उसी प्रकार ०३/०६/२०१६ का CBSC बोर्ड का परिपत्र है जिसमें साफ़ कहा गया है स्कूल व्यवसाइक कार्य नहीं है तथा उसे सामुदायिक सेवा के रूप में चालाना चाहिए तथा स्कूलों ने किसी प्रकार का मुनाफा नहीं कमाना चाहिए। दिनांक १५/०६/२०२० के परिपत्र अनुसार ऑनलाइन क्लासेस दूसरी कक्षा तक नहीं होगी , तीसरी कक्षा से पांचवी कक्षा – १ घंटा , छटवी से आठवीं – २ घंटा तथा नौवीं से बारवी – ३ घंटा लिया जाना चाहिए। सरकारी आदेशों के विपरीत कई घंटो की क्लास ली जा रही है और बच्चो की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है।

श्री अग्रवाल ने कहा की पालकगण इस समय कठिन समय से गुजर रहा है और सरकार से रहत की उम्मीद है। हम ३ माह की फीस माफि तथा नए वर्ष में ५०% फीस की राहत चाहते है इस मुद्दे के अलावा शिक्षा विभाग द्वारा जारी परिपत्र की अमल बजवानी चाहते है। आज स्कूले और सरकार हमारे बच्चो के बारे में फैसला कर रही है और हम से केवल फीस भरने को कहा जा रहा है। हम से कोई ये नहीं पूछ रहा है की हम क्या चाहते है सरकार ने कोई भी दिशा निर्देश जारी करने से पहले पालको से विचार विमर्श करना चाहिए।

मंत्री श्री बच्चू भाऊ कडु ने पूरी बातें ध्यान से सुनी , पुरे परिपत्रक देखे और तुरंत शिक्षा उप संचलक को आदेश दिया की दूसरी तक ऑनलाइन शिक्षा तुरंत प्रभाव से बंद की जाए तथा दिनांक १५/०६/२०२० के परिपत्र से अधिक समय जो स्कूल ऑनलाइन क्लसेस ले रही है उन पर तुरंत कार्यवाही की जाए जरुरत पड़ने पर उनकी मान्यता रद्द की जाए। पालको को अपनी समस्या सरकार तक पहुंचाने के लिए सभी स्कूलों , जिल्ला अधिकारी कार्यालय , तहसील कार्यालय में सुझाव पेटी ७ दिनों के लिए लगाई जाए जिससे पालक अपनी समस्या सरकार के समक्ष रख सके साथ ही उन्होंने कहा की प्रदेश में लॉक डाउन चालू है ऐसे में स्कूलों द्वारा फीस के लिए सक्ती नहीं की जा सकती और सक्ती करने वालो पर उप संचालक तुरंत कार्यवाही करे। फीस माफ़ी पर उन्होंने माननीय मुख्या मंत्री से बात कार निर्णय लेने की बात कही। इस अवसर पर रमेश कारामोरे(संपर्क प्रमुख ,नागपुर , भंडारा जिल्ला) , विजय कुमार जैन , मोहन कोठेकर , अधिवक्ता गिरीश दादेलवार , अधिवक्ता अशोक जिंदल , अधिवक्ता राधे अग्रवाल , अंकुश अग्रवाल , अभिषेक जैन , जगदीश शर्मा , श्रीमती वसुंधरा राय उपस्थित थे।