Published On : Mon, Mar 11th, 2019

घटते विद्यार्थियों के बीच दे से ही सही लेकिन स्कूलों को डिजिटल करने की क़वायद शुरू

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४५ मनपा स्कूलों पर लग चुका है ताला

NMC Nagpur

नागपुर: मनपा स्कूलों में छात्रों की लगातार घटती संख्या के कारण भले ही कई स्कूलों को बंद करने की नौबत आ रही हो, लेकिन अब देर से ही सही राज्य सरकार की शैक्षणिक नीति के अनुसार मनपा की सभी स्कूलों को डिजिटल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. जिसके लिए शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्ताव पेश किया गया.

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प्रस्ताव के अनुसार मनपा की ओर से वर्तमान में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक मिलाकर कुल 155 स्कूलों का संचालन किया जा रहा है. जिसके 250 कमरों में आल इन वन ई-लर्निंग मल्टीमीडिया डिवाइस लगाकर स्कूलों को डिजिटल करने का प्रस्ताव है. 14 फरवरी को ही स्थायी समिति सभापति, अपर आयुक्त और अन्य पदाधिकारी तथा अधिकारियों के समक्ष इस संदर्भ में प्रस्तुतिकरण भी किया गया था.

मनपा के कई दर्जन शिक्षक व शिक्षण विभाग से वेतन उठाने वाले कर्मी अपने व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्यों से पिछले कई वर्षों से अन्यत्र विभागों में थे. कुछ तो वेतन मनपा से ले रहे है लेकिन काम नेताओं का कर रहे हैं.

प्रशासन भी ऐसे कर्मियों पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रहा है. जबकि शिक्षण विभाग के लिए राज्य सरकार अनुदान देती हैं. मनपा के अन्यत्र विभाग में कार्यरत शिक्षकों को पढ़ना-पढ़ाना भी नहीं आता.

उपकरणों पर करोड़ों का होगा खर्च
शिक्षा विभाग की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार 250 कमरों को डिजिटल करने के लिए केवल उपकरणों पर ही 5.78 करोड़ रुपए का खर्च होने की संभावना है. इसके अलावा छात्रों के पाठ्यक्रम पर आधारित परीक्षा लेने के लिए प्रति स्कूल अलग से 64 हजार रुपए के अनुसार 155 स्कूलों पर 99.20 लाख रुपए का खर्च भी होगा.

बताया जाता है कि फिलहाल मनपा की स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की उम्र के अनुसार तकनीकी ज्ञानवाले शिक्षकों की कमी है. जिससे कम से कम 2 वर्षों तक उपकरणों को चलाने के लिए शिक्षकों को तकनीकी सहायता देने के लिए 25 स्कूलों के एक ग्रुप के लिए एक तकनीकी व्यक्ति की नियुक्ति की जाएगी. जिसके लिए 20 हजार रु. प्रति व्यक्ति प्रति माह के अनुसार 2 वर्ष के लिए 28.80 लाख रुपए का अलग से खर्च वहन करना होगा. पाठ्यक्रम परीक्षा और तकनीकी सहायता के अनुसार कुल 1.28 करोड़ रुपए का शुल्क अदा करना होगा.

उल्लेखनीय यह है कि 7 जनवरी को हुए जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान पालकमंत्री की ओर से सभी स्कूलों को डिजिटल करने के लिए जिला नियोजन समिति को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे. तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार मनपा की सभी स्कूलों के डिजिटल करने और तकनीकी सहायता लेने के लिए कुल 7.06 करोड़ रुपए का खर्च होने की संभावना है. निर्देशों के अनुसार शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा करने के बाद इसे मंजूरी के लिए जिला नियोजन समिति को भेजने का निर्णय लिया गया. जिला नियोजन समिति की ओर से वित्तीय मंजूरी मिलने से मनपा पर इसका बोझ नहीं पड़ेगा.

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