Published On : Tue, Jul 16th, 2019

बंद हो रही मनपा की प्रायमरी स्कूलें

नागपुर: गुणवत्ता को लेकर गंभीरता नहीं बरतने का ही नतीजा है कि मनपा की स्कूलें एक के बाद बंद होती जा रही है. अंग्रेजी माध्यम की कान्वेंट में पढाने की पालकों की चाहत की वजह से मनपा स्कूलें धीरे-धीरे खाली होती जा रही है. बंद पडी स्कूलों की हालत भी दयनीय है. किसी जगह टूटा फर्नीचर रखा जा रहा है तो कहीं असामाजिक तत्वों का अडडा बन गया है. मनपा प्रशासन की लापरवाही की वजह से स्थिति बिगडती जा रही है. पिछले 10 वर्षों में मनपा की 45 मराठी स्कूलें बंद हो गई.

पिछले 10 वर्ष पहले मनपा की माध्यमिक स्कूलें 29 थी. जबकि प्राथमिक स्कूलों की संख्या 186 थी. जो अब घट कर 129 हो गई है. यानी इन वर्षों में 45 स्कूलें बंद हुई है. उक्त स्कूलें स्थायी रुप से बंद कर दी गई है. इसकी वजह भी अलग-अलग है. बंद पड़ी स्कूलों में 12 हिंदी और 4 ऊर्दू माध्यम की स्कूलों का समावेश है. मनपा ने जिन स्कूलों को बंद किया है वह खुद की मालिकी की है. इनमें से 3 स्कूलों की जगह निजी संस्थाओं को दी गई है. जबकि 6 बंद स्कूलों में मनपा के जोनल कार्यालय चल रहे है.

– नहीं दिया गया ध्यान
मराठी माध्यम की प्राथमिक शिक्षा देने की संपूर्ण जिम्मेदारी महानगर पालिका की ही है. जिस गति से सिटी की जनसंख्या बढ़ रही है. उस स्थिति में तो स्कूलों की संख्या भी बढ़ना था. लेकिन मनपा प्रशासन द्वारा स्कूलों और शिक्षकों को अपग्रेड करने की ओर ध्यान नहीं दिया. यही वजह है कि पालकों ने अंग्रेजी माध्यम की निजी स्कूलों की ओर रुख किया. इसी का नतीजा है कि गली-मोहल्ले हर जगह कान्वेंट स्कूलों की बाढ़ सी आ गई है. स्कूलें बंद होने से शिक्षक अतिरिक्त हो गये है. अब इन अतिरिक्त शिक्षकों की वजह से नई भर्ती नहीं की जा रही है.