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    Published On : Tue, Jun 23rd, 2020

    मनपा आमसभा:मुंढे की उपस्थिति में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा हुई शुरू

    शनिवार को उनके अचानक चले जाने से महापौर ने सभा स्थगित कर दिया था,आज मंगलवार को स्थगित सभा ली गई जो पुनः बुधवार तक के लिए स्थगित की गई


    नागपुर – गत शनिवार को आमसभा के प्रश्नकाल में समाधानकारक जवाब न मिलने से उग्र हुए नगरसेवकों से आयुक्त तुकाराम मुंढे की तीखी नोकझोंक हुई और आयुक्त सभागृह की अनुमति लिए बगैर सभा त्याग किये, जिसके कारण सभा रद्द की गई,इसी सभा की स्थगित सभा आज मंगलवार को आयोजित की गई,जो तय समय के लगभग 1.45 घंटे बाद शुरू हुई, जिसमें उपस्थित हुए। मनपायुक्त कल तक सभागृह न आने के लिए अड़े लेकिन आज वे सभागृह आज उपस्थित होते ही कामकाज शुरू हुआ। लेकिन महापौर जोशी ने आज का कामकाज रोक कल बुधवार के 12 बजे तक के लिए पुनः स्थगित किया।

    दूसरी ओर मुंढे ने आज सुबह सुबह अपने कार्यालय में अतिरिक्त आयुक्तों सह स्वास्थ्य निदेशक सवई की अहम बैठक ली।

    शनिवार को सभा शुरू रहते मुंढे को सभा में बने रहने हेतु महापौर संदीप जोशी ने मौखिक सह लिखित निवेदन किया था।

    आज मंगलवार को स्थगित सभा पौने 2 घंटे देरी से शुरू हुई,स्थगन प्रस्तावों को लेने हेतु सभागृह में मतदान करवाया गया। सभा की शुरुआत नितिन साठवाणे की स्थगन प्रस्ताव से शुरू हुआ।उन्होंने आपबीती बताई,इसी दौरान उनके ऊपर प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करवाई।इन्होंने अपने ऊपर लगाई गई एफआईआर वापिस ली जाए। भाजपा के वरिष्ठ नगरसेवक डॉक्टर रविन्द्र भोयर ने अपने भाषण की शुरुआत में यह कहा कि आयुक्त और नगरसेवकों के मध्य संघर्ष चल रहा।वो अधिकारी जिसका 12-13 बाद तबादला हुआ और जिन्हें मनपा में 12-13 वर्ष से नगरसेवक रहे।

    साठवाणे के प्रस्ताव का समर्थन किया और पुनः किसी नगरसेवक पर ऐसी घटना न घटे, अगर प्रशासन ने दोबारा ऐसी कृत किये तो मनपा के सभी सदस्य उस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे।मनपा प्रशासन जनप्रतिनिधियों को मूर्ख न समझे। जनप्रतिनिधियों से समन्वय नहीं रखना यह जनहित में नहीं हैं। मनपा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चला सकती लेकिन मनपा अस्पताल संचलन का दावा कर रही। कोविड 19 के दौरान की गई व्यवस्था की जानकारी मांगी। पुरुषोत्तम हज़ारे,किशोर जिचकर,दिनेश यादव,आशा उइके,मनोज चाफले,हर्षला साबले,उज्जवला बनकर,परसराम मानवटकर,स्नेहा निकोसे,सुनील हिरणवार,मनोज गावंडे,प्रमोद चिखले, प्रणीति सहाणे,लहुकुमार बेहेते,यशस्वी नन्दनवार, दीपराज पारडीकर, भाजपा नगरसेविका प्रगति पाटिल ने कहा कि मनपायुक्त ने अपने कुर्सी की गरिमा नहीं रखी। और जनता के समक्ष नगरसेवकों को आरोपी सिद्ध करने की कोशिश निंदनीय हैं। मनपायुक्त नगरसेवकों को मिलने में घंटों इंतजार करवाते हैं।

    नगरसेवक जुल्फेकार भुट्टो ने कहा कि कोविड 19 के दायरे में मध्य नागपुर के 2 दर्जन बस्ती होने के बाद भी सिर्फ मोमिनपुरा को प्रचारित कर,उनके इलाके को बदनाम किया जाना उचित नहीं।नगरसेवक जितेंद्र घोड़ेस्वार ने स्थगन प्रस्ताव का विरोध किया। सभी नगरसेवकों को एक तरह से न देखा जाए,वाकई मनपा में गड़बड़ी हैं तो मनपा को बर्खास्त कर दें।दर्शनी धवड ने कहा कि मेरे घर के पास कोरोनटाइल सेंटर निर्माण किया गया,लेकिन मुझे विश्वास में लिया गया। इस चक्कर में नगरसेवक को बदनाम किया जाना समझा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होंगी।

    नितिन साठवाणे के विरुद्ध हुई घटना निंदनीय हैं।नगरसेवकों को प्रशासन विश्वास में लें। मनोज सांगोले ने कहा कि कोरोना से ज्यादा अन्य कारणों से लोगों की मृत्यु हुई। विश्व इस महामारी से थम गया था,अस्पताल जाने की अनुमति नहीं दी,लेकिन दारू दुकान को खोलने की अनुमति दी। मुंढे ने पुराने अस्पताल बनाये,मैंने नए अस्पताल बनाने के लिए उन्हें पत्र दिया। डेढ़ -2 माह से अपमान हो रहा,अपमान सहन नहीं होंगा। कोविड19 में रईसों को सहूलियतें दी गई,गरीबों को छोड़ दिया गया। दीपक चौधरी ने आयुक्त को चित्रकार संबोधित किया।

    उनके पद का कोई गरिमा हैं या नहीं। इनके सहायक कहते आयुक्त को एसएमएस करें। महापौर की नहीं सुनते आयुक्त तो आम नगरसेवकों का क्या हाल समझा जा सकता। एक मरीज और 17 गली सील कर दी जाती थी। वर्षा ऋतु के दरम्यान का सभी जायज काम बंद हैं। नगरसेवक यशस्वी नन्दनवार ने कहा कि महापौर,अन्य पदाधिकारी व नगरसेवकों का अस्तित्व हैं या नहीं, एक बड़ा सवाल हैं।शनिवार को आपके सभात्याग के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रशासन के अस्पष्ट आदेश के दरम्यान मनपायुक्त खुद की पीठ थपथपा रहे थे।

    नगरसेवक प्रकाश भोयर ने कहा कि आयुक्त ने नगरसेवकों के सुझाव पर बनी प्रस्ताव का कार्यादेश रोके तो सीधे संपर्क करने वाले जनता का काम किया करते थे। नौकरशाह ने जनता और जनप्रतिनिधि के मध्य में विश्वास पैदा कर विकासकार्य करते रहना चाहिए था।नगरसेविका परिणीता फुके ने महापौर के मार्फत आयुक्त से पूछा कि आईसीएमआर के नियम का पालन किया गया ? ग्रीन जोन क्षेत्र में संदिग्ध मरीजों को लाया गया। गैरकानूनी जगह पर कोरोना से जुड़े केंद्र तैयार किये गए। केंद्र सरकार द्वारा पूर्ति की गई रैपिड टेस्ट किट मनपा को प्राप्त हुआ ? एनसीडीसी के निर्देश के अनुसार सभी केंद्र शहर के बाहर होना चाहिए था,जिसे मनपायुक्त ने शहर में तैयार किया।

    नगरसेवक अविनाश ठाकरे ने कहा कि कोरोना महामारी के काल में 2 नगरसेवकों को स्थगन प्रस्ताव लाया गया,दुःखद घटना हैं। 2-3 माह में सभी नगरसेवक और मनपा अधिकारी-कर्मी परेशान से हैं। प्रशासन प्रमुख ने किसी को तहरिज नहीं दी। प्रशासन ‘नॉट रिचेबल’ नहीं तो एक मौका उन्हें मिलना चाहिए,फिर भी न सुधरे तो बदल देना चाहिए। एक अधिकारी की वजह से 150 साल पुराने मनपा का इतिहास मलिन किया जाना निंदनीय हैं। ठाकरे के संबोधन बाद महापौर जोशी ने आज का कामकाज रोक कल बुधवार के 12 बजे तक के लिए पुनः स्थगित किया।

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