Published On : Thu, Jun 14th, 2018

निरर्थक रही मनपा बजट पर चली मैराथन चर्चा विपक्ष ने कोसा तो सत्तापक्ष ने सर्वसमावेशक ठहराया

NMC Nagpur

नागपुर: गत सोमवार को मनपा का वर्ष २०१८-१९ का आर्थिक बजट २९४६ करोड़ की स्थाई समिति सभापति विक्की कुकरेजा ने पेश की.हालाँकि आजतक किसी स्थाई समिति ने अपने ही द्वारा दिए गए टार्गेट को पूरा नहीं कर पाई.उक्त बजट पर आज गुरुवार को लगभग ८ घंटा तक मैराथन चर्चा हुई.जिसमें विपक्षी और पक्ष के सुझाव पर बिना कोई बदलाव किये पेश किये गए बजट को सर्वसमावेशक दर्शाते हुए सामान न्याय देने का आश्वासन देते हुए चर्चा सत्र की समाप्ति की घोषणा कर दी गई.

आज चर्चा सत्र की शुरुआत वैसे तो ११ बजे शुरू होने वाली थी लेकिन सर्वपक्षीय नगरसेवकों की लेटलतीफी के कारण लगभग एक घंटा देरी से चर्चा सत्र की शुरुआत की गई.आज भी आयुक्त वीरेंद्र सिंह और अतिरिक्त आयुक्त रविंद्र कुंभारे सत्र शुरू होने के आधा घंटे पूर्व नगरभवन में पहुँच गए थे.
इस महत्वपूर्ण चर्चा सत्र से प्रवीण दटके,किशोर कुमेरिया,बंटी शेलके,दुनेश्वर पेठे,सतीश होले,सुनील अग्रवाल,मुन्ना पोकुलवार आदि नदारत दिखे।
बजट पर चर्चा में अपना पक्ष रखते हुए सत्तापक्ष नेता संदीप जोशी ने कहा कि प्रस्तुत बजट प्रभावी हैं.पिछले स्थाई समिति संभापति ने भी उनके द्वारा प्रस्तुत बजट के टार्गेट को पूर्ण करने की कोशिश की थी.इस बजट में अधिक से अधिक कर संकलन पर जोर दिया गया हैं.इसमें प्रशासन प्रमुख आयुक्त ने भी पूर्ण ताक़त झोंकने का आश्वासन दिया।

यह बजट खासकर अनुदान और टैक्स पर आधारित पेश किया गया हैं.आखिरकार इसे ‘अंदाजपत्रक’ भी कहा जाता हैं,प्रस्तुतकर्ता अपने-अपने स्तर से प्रयत्न करते देखे गए हैं.ऑरेंज सिटी स्ट्रीट सम्बन्धी सभी के सभी अड़चने दूर हो चुकी हैं,कल शुक्रवार को ‘ट्रांजेक्शन एडवाइजरी’ की बैठक के बाद दिसंबर के पूर्व टेंडर जारी किया जाएगा। इस प्रकल्प से भी आय होनी शुरू हो जाएंगी।

शहर के सभी दहन घाटों में गोबरी-ब्रिकेट का उपयोग पर बल दिया जाना इस वर्ष से शुरू किया जाएगा ताकि लकड़ियों की बचत हो सके.
महल और सक्करदरा की बुधवार बाजार का जल्द ही ‘वर्क आर्डर’ जारी किया जाएगा।नगर रचना विभाग में कम्पाउंडिंग के लिए १७५ लोगों ने आवेदन किया हैं,जिससे मनपा को अच्छा खासा लाभ होगा।

जहाँ तक विपक्ष का सवाल हैं अबतक पूर्व विपक्ष नेता संजय महाकालकर,प्रफ्फुल गुरधे पाटिल और तानाजी वनवे को विपक्ष में सबसे अधिक निधि दी गई.जबकि कांग्रेस जब सत्ता में थी तब विपक्ष को फूटी-कौड़ी नहीं मिला करती थी.वर्तमान में सालाना प्रत्येक नगरसेवक को ६८ लाख रूपए,प्रभाग के हिसाब से २७२ लाख रूपए की निधि वितरित की जा रही हैं.इसके अलावा महापौर,उपमहापौर,स्थाई समिति सभापति के कोटे सह विशेष निधि दी जाती हैं.बिना किसी भी प्रकार का कर बढ़ाये जनता को मुलभुत सुविधा देने सम्बन्धी यह बजट सर्वसमावेश हैं.

जोशी ने विशेष उल्लेख करते हुए जानकारी दी कि रामदासपेठ और धंतोली में पार्किंग की समस्या सुलझाने के लिए ‘वाहन तल’ के निर्माण के लिए इस बजट में ५ करोड़ की राशि का प्रावधान करने के लिए स्थाई समिति सभापति से गुजारिश की,जिसे तत्वतः मंजूरी दे दी गई.

पूर्व में जोशी ने बताया कि उक्त पार्किंग समस्या सुलझाने के लिए पंजाबराव कृषि विद्यापीठ ने हितवाद के सामने पीकेवी की १८ में से ९ एकड़ जगह मनपा को ‘वाहनतल’ के लिए देने मामले में हामी भर दी हैं.इस जगह पर ८०० चार पहिये और १८०० दो पहिये वाहन,फायर टेंडर,एम्बुलेंस रखने सह उद्यान का निर्माण किया जाएगा। इस ‘वाहन तल’ में आवाजाही के लिए ‘डीपी रोड’,रामदासपेठ गुरुद्वारा और हितवाद के सामने से होंगा।पीकेवी ने इस जगह पर पक्का निर्माण कार्य करने की मनाही की हैं.जिसके लिए जोशी ने ५ करोड़ की मांग समिति सभापति से की.

बोट तो चली नहीं,लेकिन कहाँ-कहाँ चली यह बताये
कांग्रेस के वरिष्ठ नगरसेवक प्रफ्फुल गुरधे पाटिल ने बजट पर चर्चा के दौरान भाजपा के नेता,केंद्रीय मंत्री व शहर के सांसद पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने दावा किया था कि नाग नदी में बोटिंग शुरू कर दिखाएंगे।लेकिन आजतक शुरू नहीं हुई.हाँ गडकरी की बोट ( उंगली ) जरूरत चली.कहाँ कहाँ चली बताये।

७ जुलाई २०१७ को मनपा प्रशासन
महापौर ने जीएसटी का बकाया १०७३ करोड़ प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा था.यह राशि आजतक प्राप्त नहीं हुई,इस ओर ध्यान देने के बजाय जनता को गुमराह कर रहे हैं.बजट में अपंग कल्याण के लिए बजट का ५ % याने १४७ करोड़ आरक्षित रखने के बजाय मात्र ९ करोड़ का प्रावधान किया गया हैं.पिछले साल के आर्थिक बजट में प्रस्तावित ५ करोड़ आजतक खर्च नहीं हुए हैं.मनपा हर वर्ष सांस्कृतिक और खेल महोत्सव किया करती थी,लेकिन पिछले कुछ वर्षों से सत्तापक्ष ने इन सार्वजानिक कार्यक्रमों का अधिग्रहण कर भाजपा सांसद के नाम से आयोजन शुरू कर दिया और निधि मनपा का दुरूपयोग कर रहे.

सत्तापक्ष बेरोजगारों को रोजगार देने के नाम पर खिलवाड़ करते हुए ९२ महिलाओं को शहर के मनपा पुस्तकालयों में मात्र ३-३ हज़ार रूपए मासिक मानधन पर नियुक्तियां दी.जबकि मनपा के हज़ारों पद रिक्त पड़े हैं.इसके बजाय सत्तापक्ष तीर्थस्थलों के विकास को तवज्जों दे रही हैं.ग्रीन बस की मांग न होते हुए भी दर माह लाखों के घाटे पर बस दौड़ाई जा रही हैं.निर्मल शहर की घोषणा कागजों तक सिमित रह गई.सत्तापक्ष और प्रशासन अपने असफसलता को छुपाने के लिए चतुर्थ श्रेणी के सफाई कामगारों को घड़ी पहना उनके कामों का अंकेक्षण तथ्यहीन हैं.इसके बजाय दिग्गज अधिकारी और पदाधिकारी के वाहनों में जीपीएस लगाकर बचत करनी चाहिए।यह बजट व्यापारिक पृष्ठभूमि के सभापति कुकरेजा की नहीं बल्कि महल में रहने वाले की संभावना जताई हैं,अगर कुकरेजा की होती तो ऐसा बजट कतई नहीं होता।

आज बजट पर चर्चा सत्र की शुरुआत
कांग्रेस के नगरसेवक मनोज सांगोले ने की.उन्होंने कहा कि मनपा द्वारा अतिक्रमण की कार्रवाई में पदाधिकारी आड़े आते हैं.पढ़े लिखे कचरा करते हैं और अनपढ़ दूसरे दिन कचरा चुनते हैं.हॉटमिक्स विभाग में घोटाले ही घोटाले हैं.मौखिक काम किया जाता और जायज जगहों पर कानून का आड़ लिया जाता।महापौर छोड़ चुनिंदे पदाधिकारी को हो विभाग तवज्जों देती हैं.जलापूर्ति करने वाले टैंकर बिना ऊपरी पैसे लिए पानी नहीं देते।मुख्य मार्गो पर १० से ३२ चक्कों की ओवरलोड वाहने दौड़ रही,जिससे सड़कों को काफी नुकसान हो रहा,इसलिए ऐसे सूरत में टोल टैक्स वसूली जाये। पालतू जानवर पालने वालों से उनके मलमूत्र की साफ़-सफाई हेतु कर लिया जाये।मनपा लोककर्म विभाग में ‘टेबल’ कम होनी चाहिए,जिससे समय और अवैध वसूली बचेंगी ,काम भी वक़्त पर गुणवत्ता पूर्ण होंगा। वर्ष भर में दिए गए निधियों का तुरंत अंकेक्षण होना चाहिए।

भाजपा के वरिष्ठ नगरसेवक व सभापति संजय बंगाले ने कहा कि कुकरेजा द्वारा प्रस्तुत बजट क्रांतिकारी बजट हैं.पिछले ४ वर्ष केंद्र और राज्य के अनुदान का सदुपयोग किया गया.स्थाई समिति किसी पक्ष की नहीं बल्कि सर्वपक्षीय होती हैं.इसलिए स्थाई समिति की बजट को सफल बनाने के लिए प्रत्येक नगरसेवक का योगदान उल्लेखनीय हैं.उत्तर नागपुर को ३० वर्ष से अधिक वक़्त के बाद स्थाई समिति सभापति पद की जिम्मेदारी मिली। मनपा से राज्य और केंद्र तक कई जनप्रतिनिधि पहुंचे लेकिन मुख्यमंत्री और नागपुर के सांसद व केंद्रीय मंत्री के समन्वय से नागपुर मनपा को काफी लाभ भी हुआ और नागपुर शहर की ऐतिहासिक तरक्की भी हो रही हैं.लैंड बैंकिंग और लैंड ऑडिट की नितांत आवश्यकता पर जोर देने की जरुरत हैं.शहर में प्रत्येक २-२ किलोमीटर पर महिला प्रशाधन गृह का निर्माण किया जाये।दगडी पार्क में ५० लाख रूपए की निधि से ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ प्रकल्प शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग की.शहर भर में ‘जिओ’ ने १०४ किलोमीटर खुदाई की.इससे हुई आय सम्बंधित प्रभागों में विकासकार्यों के लिए वितरित किये जाये।

भाजपा की वरिष्ठ नगरसेविका चेतना राजू टांक ने कुकरेजा द्वारा प्रस्तुत बजट को बच्चों,युवाओं,महिलाओं और पर्यावरण संरक्षण के हितार्थ बतलाई।जिसके लिए उन्होंने सभापति का अभिनंदन किया।इसके साथ ही उन्होंने शहर के प्रमुख २ चौराहों को ‘गौमाता चौक; व मातृशक्ति चौक नाम देने की सिफारिश की.पर्यावरण को बढ़ावा देने हेतु शहर के सभी मार्ग विभाजकों पर पौधरोपण करने की सिफारिश की.

उन्होंने आगे कहा कि शहर का चेहरा-मोहरा बदलने में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का योगदान सराहनीय हैं,सभापति भी उक्त भाजपा नेताओं के उद्देश्यपूर्ति हेतु प्रयत्नशील हैं.अंततः सभी के सहयोग से ही शहर ‘क्लीन व ग्रीन’ हो,जिसके लिए सभी से अपील की.

कांग्रेस नगरसेविका दर्शनी धवड ने इस बजट को गुमराह पूर्ण बजट की संज्ञा दी.आगे कही कि पिछले कुछ वर्षो से आउटर इलाका काफी तेजी से बढ़ता जा रहा हैं.पिछले बजट में शहर सिमा में शामिल ११ गांव का समावेश संदीप जाधव ने किया था परन्तु इस बजट में सिर्फ नरसाला-हुडकेश्वर ही नज़र आ रहा हैं.निधि मामले में भी काफी गोलमाल हैं.दाभा जैसे इलाकों में मुलभुत सुविधा हेतु निधि बढ़ाने की मांग की.

कांग्रेस के नगरसेवक संदीप सहारे ने कहा कि बजट में उत्तर नागपुर पर विशेष ध्यान का उल्लेख कर उत्तर नागपुर के मागासवर्गीय जनता के साथ धोखाधड़ी की गई.इसलिए शायद जब सभापति बजट प्रस्तुत कर रहे थे तो बहुमत की सत्तापक्ष की ओर से एक भी बार तालिया नहीं बजी.नाग नदी सफाई-ग्रीन बस-इटारसी पुलिया निर्माण-कमाल चौक से गोलीबारी चौक तक की पुलिया का देखभाल-नामांतर स्मारक का देखभाल-कमाल चौक पर मॉल-इ-लाइब्रेरी निर्माण व शुरू करने-खेल मैदान विकास-पुतले का निर्माण व सौन्दर्यीकरण-समाज भवन व व्यायाम शाला निर्माण मामले में झूठी जानकारी पेश कर सभापति भ्रम पैदा कर खुद की पीठ थपथपाने की कोशिश कर रहे हैं.नासुप्र अधीनस्त दयानन्द पार्क के लिए मनपा की निधि देना एक घोटाले से कम नहीं।मनपा की ३२ शाला ईमारत किराये पर हैं उससे आय वसूली न कर भ्रस्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं.पूर्व मंत्री डॉक्टर नितिन राऊत द्वारा ८ करोड़ की राशि खर्च कर लष्करीबाग में निर्मित इ-लाइब्रेरी का शेष काम पूर्ण करने और शुरू करने हेतु १ करोड़ की निधि उपलब्ध करवाने की मांग की.इस तरह सहारे ने दर्जन भर खामिया गिनवाकर कुकरेजा के बजट को ‘सुपर फ्लॉप’ करार दिया।

शिवसेना की नगरसेविका मंगला गवरे ने अपने संबोधन में कहा कि प्रस्तुत बजट को जनता की अपेक्षा पूर्ण न करने वाला बजट कहा.शिवसेना सुप्रीमो के नाम पर पिछले कुछ वर्षो से एक योजना का प्रत्येक बजट में प्रावधान किया जाता रहा ,लेकिन विडम्बना यह है कि आजतक उसे अमल में नहीं लाया गया,जिसे कम से कम इस वर्ष शुरू करने की मांग की गई.इस बजट को उन्होंने आत्मविशवास की कमी बतलाई।पिछली सरकार की योजनाओं के नाम परिवर्तित कर उसे नए नाम देकर आमूलचूल कर गुमराह किया जा रहा.जेएनएनयूआरएम के अधूरे प्रकल्पों को पूर्ण करने हेतु निधि देने की मांग की.

बसपा नगरसेवक जितेंद्र घोडेस्वार ने कहा कि मनपा के अनेक ठेकेदारों का भुगतान नहीं होने के कारण विकास कार्य अटक गए हैं.मनपा का प्रशासकीय खर्च ८४ से ८७ करोड़ का हैं,इसकी पूर्ति के बाद बची निधि से विकासकार्य होंगे।वर्ष २०१४ से अबतक पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम नागपुर को विशेष निधि दी गई.इसका १०% भी उत्तर नागपुर को नहीं दिया गया.यह बजट निजीकरण को मजबूती प्रदान करने वाला साबित होगा।आंबेडकर शोध केंद्र के लिए आजतक जगह नहीं मिली और मेट्रो के लिए अविलम्ब जगह मुहैया करवाना मागासवर्गीय समाज के के साथ अन्याय हैं.

कांग्रेस नगरसेवक किशोर जिचकर ने जर्जर हो चुकी सीवर और ट्रंक लाइन के लिए रुपरेखा तैयार कर शीघ्र नीति बनाने की मांग की.इसके साथ ही महापौर चषक में सभी खेलों का समायोजन करने की गुजारिश की.साथ ही ६-६ माह से त्रस्त ठेकेदारों के बकाया भुगतान देने की मांग भी की.

कांग्रेस नगरसेवक हरीश ग्वालवंशी ने इस बजट को जुमलेबाज बजट की संज्ञा दी.कहा कि जिस तरह मोदी ने चुनाव पूर्व १५-१५ लाख रूपए सभी के खाते में आने की लुभावनी घोषणा कर बाद में मुकर गए,उसी तरह यह बजट की प्रस्तुति भी उससे काम नहीं।जनता को मिलना कुछ भी नहीं और बदले में उनसे विभिन्न प्रकार के कर वसूल लिए जायेंगे।नंदग्राम योजना के तहत १२०० लोगों के लिए ढाई करोड़ बेमानी हैं.जिस इलाके में ज्यादा से ज्यादा पशु पालन होता हैं,उस इलाके में जानवरों के अस्पताल भी होना चाहिए।

इसके अलावा वंदना चांदेकर,निशांत गांधी,प्रगति पाटिल,कमलेश चौधरी,नितिन साठवणे,पुरुसोत्तम हज़ारे,संजय महाकालकर,उज्वला बनकर,दिव्या धुरडे,जुल्फेकार भुट्टो,दयाशंकर तिवारी आदि ने सम्बोधित किये।

आज की चर्चा सत्र के बाद इस बजट को आयुक्त की मंजूरी के बाद विधिमंडल की वर्षा कालीन अधिवेशन बाद से निधि वितरित किया जाना संभावित हैं.दिसम्बर के अंत या जनवरी में लोकसभा चुनाव हेतु आचार संहिता लग सकती हैं.इस हिसाब से सभापति को आय और व्यय करने में काफी कम समय मिला हैं.इस बीच टारगेट पूर्ण करना टेढ़ी खीर साबित होंगी। आज की परिस्थिति में अधिकाधिक प्रस्तुत बजट का ७० % ही पूर्ण हो सकता हैं.

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