Published On : Fri, Dec 29th, 2017

नए इलाको में बीते कुछ वर्षो में विकसित हुई संपत्ति पर मनपा की नज़र

NMC Nagpur
नागपुर: नागपुर महानगर पालिका द्वारा इन दिनों प्रॉपर्टी का सर्वे शुरू है। सर्वे का मकसद बीते कुछ वर्षो में हुए निर्माणकार्य और अब तक मनपा को प्राप्त हो रहे राजस्व का आकलन करना है। मनपा प्रशासन का आकलन है की बीते कुछ वर्षो में जिस गति से शहर भर में निर्माणकार्य में तेजी आयी है उस हिसाब से उसे राजस्व प्राप्त नहीं हो पा रहा है। साथ ही संपत्ति की वास्तविकता के आकलन का कोई उपयुक्त डेटाबेस भी मनपा के पास उपलब्ध नहीं है जिस वजह से भ्रस्टाचार और लापरवाही की वजह से बीते कई सालों से मनपा करोड़ो रुपयों का नुकसान सहन कर रही है। संपत्ति के मुआयने और आकलन के लिए सायबरटेक कंपनी की मदत ली जा रही है। यह कंपनी सेटेलाइट पिच्चर और वार्ड स्तर पर जाकर रिकॉर्ड जमा कर रही है। मनपा के लोग घर घर जाकर तस्वीर भी ले रहे है जिससे की यह पता चल सके की किस प्लॉट पर कितना कंस्ट्रक्शन किया गया है। जिस हिसाब से संपत्ति कर उसे प्राप्त हो रहा है वह सही है भी या नहीं।

अगर मनपा आयुक्त अश्विन मुदगल की माने तो शहर में करीब 6 लाख प्रॉपर्टी है जो मनपा का सर्वे पूरा होने के बाद बढ़ सकती है। नए सिरे से किये जा रहे मूल्यांकन में लगभग 3 लाख 60 हजार प्रॉपर्टी की पहचान की जा चुकी है जिसमे से 1 लाख 33 हजार संपत्ति धारकों को प्रॉपर्टी टैक्स का डिमांड नोट भेजा भी जा चुका है। मनपा द्वारा किये जा रहे सर्वे में बड़े पैमाने पर बिना इजाज़त निर्माणकार्य किये जाने की जानकारी भी सामने आयी है। शहर के पुराने इलाकों में इस तरह के मामले ज्यादा सामने नहीं आये। लेकिन बीते कुछ वर्षों में मुख्य शहर के बाहरी इलाक़े में 25 से 30 फ़ीसदी तक प्रॉपर्टी डेवलप्मेंट होने की जानकारी सामने आयी है। मनपा की नजर ऐसी ही संपत्ति पर है।

अप्रैल 2015 से नागपुर महानगर पालिका ने अपना नया टैक्स स्लैब जारी किया है। जिसमे संपत्ति कर लगभग दोगुना हो चुका है। मनपा को उम्मीद है की संपत्ति कर के माध्यम से प्राप्त होने वाली रकम में न सिर्फ भारी इज़ाफ़ा होगा बल्कि मनपा की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। इसमें बड़ा काम बेनामी संपत्ति के मूल्यांकन से होगा।