Published On : Sat, Dec 3rd, 2016

जनवरी के पहले सप्ताह में घोषित होगी मनपा चुनाव की आचार संहिता ?

NMC nagpur
नागपुर :
राज्य में सर्वत्र स्थानीय स्वराज संस्था चुनाव होने जा रहे हैं। यही वजह है कि राज्य विधि मंडल का शीतकालीन अधिवेशन मात्र 2 सप्ताह का फ़िलहाल तय किया गया है। इसके बाद जनवरी 2017 के पहले सप्ताह में नागपुर मनपा चुनाव हेतु आचार संहिता की घोषणा संभावित है। इस हिसाब से फरवरी 2017 के तीसरे सप्ताह में मनपा चुनाव कराए जाने की जानकारी मिली है।

5 दिसम्बर को मनपा द्वारा नए सिरे से ग्रीन और रेड बस सेवा शुरू करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया है।6 दिसम्बर से डॉ. आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में यशवंत स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम होने वाला है। इसके बाद मनपा के प्रत्येक ज़ोन में कार्यक्रम रखा गया है। दिसम्बर के दूसरे सप्ताह 8 दिसम्बर को नागपुर में झोपड़पट्टी वासियों को पट्टे वितरण का कार्यक्रम अपेक्षित है। शीतसत्र अधिवेशन के बाद मनपा द्वारा नागपुर महोत्सव आयोजित किया जायेगा। यह 16 से 19 दिसम्बर तक रहेगा। इसी दौरान स्मार्ट सिटी अंतर्गत 3 महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद संभवतः 27 या 28 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नागपुर दौरा होना तय माना जा रहा है। इस दौरे में प्रधानमंत्री के हाथों अंबाझरी ओवरफ्लो पॉइंट पर तैयार किए गए स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का विमोचन, जरूरतमंदों को गैस कनेक्शन वितरण कार्यक्रमों का आयोजन तय किया गया है।इसके अलावा मिहान में भी मोदी की उपस्थिति में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। संभवतः मोदी के दौरे के कारण मनपा चुनाव की आचार संहिता जनवरी में घोषित किया जाना एक बड़ी वजह बताई जा रही है।

5 से मनपा वित्त व लेखा अधिकारी लंबी अवकाश पर
जानकारी मिली है कि मनपा के वित्त व लेखाधिकारी मदन गाडगे ने बेटी की शादी के लिए 5 दिसम्बर से 5 जनवरी तक लंबी छुट्टी ली है।इस छुट्टी को मंजूरी भी मिल चुकी है।अक्सर देखने में आया है कि वे जब भी अवकाश या दौरे पर गए वे अपनी जिम्मेदारी का प्रभार किसी अन्य अधिकारी को नहीं दी। इस चक्कर में मनपा में आर्थिक व्यव्हार थाम सा जाता है।अगर इस बार भी जिम्मेदारियों का प्रभार किसी को नहीं सौंपा गया तो महीने भर मनपा में आर्थिक व्यव्हार ठप्प पड़ने की संभावना बनी रहेगी। यह भी शंका जाहिर की जा रही है कि मनपा की आर्थिक स्थिति ढुलमुल होने के कारण गाडगे को लंबी छुट्टी दी गई है ताकि मनपा प्रशासन को देरी से भुगतान के पीछे वित्त व लेखाधिकारी के उपलब्ध ना होना का तगड़ा बहाना मिल सके। यह भी कहा जा रही है कि इस बार गाडगे का पदभार मनपा प्रशासन किसी अन्य समकक्ष अधिकारी को देकर गाडगे के अवकाश के दौरान महत्वपूर्ण आर्थिक व्यव्हार को अंजाम देंगे।

– राजीव रंजन कुशवाहा