Published On : Tue, Jul 10th, 2018

मनपा ठेकेदारों ने शुरू किया काम बंद आंदोलन

Advertisement

नागपुर: मनपा की ओर से भले ही वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 2946 करोड़ का आम बजट दिया हो, लेकिन लंबे समय से वित्तीय संकट का हवाला देते हुए बिल की अदायगी समय पर नहीं देने के कारण तकरार चलती रही है. यहां तक कि बकाया का आंकड़ा बढ़ जाने के बाद कुछ निधि देकर ठेकेदारों को शांत करने का सिलसिला अब तक होता रहा है.

इसी तरह ठेकेदारों को बकाया बिल अदा करने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने से अब बिल मिलने तक काम बंद आंदोलन शुरू किए जाने की जानकारी मनपा कान्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय नायडू ने दिया. सोमवार को एसोसिएशन का शिष्टमंडल मनपा आयुक्त वीरेन्द्र सिंह और स्थायी समिति सभापति वीरेन्द्र कुकरेजा से मिला. लेकिन उनकी ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के कारण सर्वसम्मति से यह निर्णय लिए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी.

Advertisement
Advertisement

ठेकेदारों के आ गए बुरे दिन
मनपा आयुक्त से हुई चर्चा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अब प्रशासन की ओर से बिल अदा करने के लिए दो से ढाई माह का समय मांगा जा रहा है. यहां तक कि स्थायी समिति सभापति ने भी मानसून सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री से कुछ निधि लाने के बाद ही भुगतान पर विचार करने का दो टूक जवाब दे दिया है. 70 करोड़ से अधिक का बकाया हो जाने के कारण मनपा के साथ-साथ ठेकेदार भी वित्तीय संकट में फंस गया है.

यहां तक कि निर्माण सामग्री देनेवाले लोगों ने भी हाथ खड़े कर दिए. जिससे ठेकेदारों को काम करना मुमकीन नहीं है. मनपा के कारण ठेकेदारों के बुरे दिन आने का हवाला देते हुए नायडू ने बताया कि परेशानी यहां तक पहुंच गई कि ठेकेदार ना तो उनके कर्मचारियों का वेतन दे पा रहे और ना ही बच्चों की फीस जमा करने तक के लिए यहां-वहां हाथ पैर मार रहे हैं. यहीं कारण है कि मजबूरी में इस तरह के कदम उठाना पड़ रहा है.

जमकर की नारेबाजी
प्रशासन और वित्तीय मामलों का अधिकार रखनेवाली स्थायी समिति की ओर से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शिष्टमंडल ने मनपा में जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया. नाराज ठेकेदार सदस्यों द्वारा ठोस निर्णय लेने की मांग किए जाने पर उक्त निर्णय लेने की जानकारी भी उन्होंने दी.

शिष्टमंडल में उपाध्यक्ष प्रकाश पोटपोसे, सचिव संजीव चौबे, अनंत जगनित, सुरेश गेडाम, नरेंद्र हटवार, विनोद मड़ावी, विनय घाटे, प्रशांत ठाकरे, अतुल रामटेके, रफीक अहमद, युवराज मानकर, हाजी नाजिम, किशोर नायडू, राहुल शेंडे, पी.जी. वाघमारे, राजू ताजने, अमित करने, अमोल पुसदकर, विनोद दंडारे, नंदू थोठे, आफताब, अखिल नगरारे, दीपक आदमने, आतिश गोटे, कैलाश सूर्यवंशी, राजेश चौरे, प्रशांत मारचतीवार, अनंत भिवापुरकर, रिंकू सिंह, चंदू सीरिया, जी.पी. कांबले, संजय पिसे, राजू वनकर, जिया जगदीश, हाजी परवेज, लीलाधर खैरकार, आर.डी. सहारे, नितिन रड़के, नरेश बनिया, मनोज एल्चट्टीवार, राहुल अलोने, संजय रामटेके, अभय विरखेड़े, महेन्द्र मड़के आदि शामिल थे.

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement