Published On : Thu, Dec 1st, 2016

मनपायुक्त ने सत्तापक्ष-विपक्ष के मंसूबो पर पानी फेरा

big-change-in-policy-for-giving-contract-to-messrs-dattaray-advertising-company

नागपुर: तकनीक से लबरेज विषय को आज आमसभा की मंजूरी प्रदान करने के उद्देश्य से मनपा में पक्ष-विपक्ष के शह पर मनपा प्रशासन सक्रीय थे. जिसका “नागपुर टुडे” ने ४८ घंटे पूर्व पर्दाफाश किया, इससे सकते में आये मनपा प्रशासन ने पदाधिकारियों के दबाव से परे जाकर सभागृह में चर्चा के लिए विषय पत्रिका से उक्त विषय (“दी आउटडोर एडवरटाइजिंग पॉलिसी २००१ में १६ प्रावधान को बदलने, विज्ञापन दर बढ़ने सह प्रस्तावित सूचना मंजूर करने) को वापिस ले लिया.

आज मनपा की आमसभा महल स्थित टाउन हॉल में आयोजित की गई थी,यह तय समय के डेढ़ घंटे बाद शुरू हुई. महापौर के निर्देश के बाद श्रद्धांजलि सभा साढ़े ११ बजे हुई. इसके एक घंटे बाद दोपहर १२.३८ बजे अभिनंदन प्रस्ताव के बाद मनपा में विपक्ष नेता विकास ठाकरे ने महापौर से मांग की कि उन्होंने श्रद्धांजलि सभा में शामिल करने हेतु एक लिखित निवेदन निगम सचिव को दिया, लेकिन उसे श्रद्धांजलि सूची में शामिल नहीं की गई, क्यों ?

फिर विकास ठाकरे ने निवेदन का पठन किया कि उन्होंने मोदी सरकार के तुगलकी निर्णय के कारण बंद किये गए ५००-१००० रूपए के नोट बंद कर दिया गया. नए नोट बैंक एटीएम से निकालने के चक्कर में कतारबद्ध बुजुर्गो की मृत्यु हो गई,जिन्हें भी मनपा के आमसभा में श्रद्धांजलि देने हेतु जायज मांग की थी.फिर इस मांग को क्यों नाकार दिया गया.

इसके जवाब में महापौर प्रवीण दटके ने कहा कि उन्हें उक्त निवेदन नहीं मिला.अगर अभी भी देंगे तो अगले आमसभा/विशेष सभा में शामिल किया जायेगा. महापौर ने पत्रपरिषद के दौरान इस मुद्दे पर जानकारी दी कि विपक्ष नेता खुद श्रद्धांजलि प्रस्ताव के बाद मनपा की सभागृह में आये.
विपक्ष सह बसपा,एनसीपी के नगरसेवकों के हंगामे के मध्य सत्तापक्ष नेता दयाशंकर तिवारी की मांग पर महापौर ने एक-एक करके विषय को पुकारना शुरू किया.जिसे सत्तापक्ष ने बहुमत के आधार पर मंजूरी प्रदान की.

महापौर दटके ने आज के आमसभा में हुए कार्यवाही के सन्दर्भ में जानकारी दी कि विषय क्रमांक २८५ ( ( “दी आउटडोर एडवरटाइजिंग पॉलिसी २००१ में १६ प्रावधान को बदलने,विज्ञापन दर बढ़ने सह प्रस्तावित सूचना मंजूर करने ) को वापिस लेने का लिखित निवेदन मनपा आयुक्त ने किया था,इसलिए इस विषय को वापिस कर दी गई.वही मनपा आयुक्त श्रावण हर्डीकर ने इस सन्दर्भ में सिर्फ इतना ही कहा कि “नागपुर टुडे” ने उक्त मुद्दे को लेकर मनपा प्रशासन की परत-दर-परत उतार दी.हमने प्रस्ताव आमसभा के मंजूरी के लिए दिया था ,और हमने ही वापिस लिया.अब इस प्रस्ताव का अध्ययन कर आगे की निर्णय लेंगे.


“नागपुर टुडे” द्वारा उक्त मुद्दे को बड़े तरीके से उठाने पर सत्तापक्ष-विपक्ष के नगरसेवकों ने नागपुर टुडे को मजबूत विपक्ष सा भूमिका अदा करने की संज्ञा दी.अगर इस प्रस्ताव को मनपा प्रशासन और सत्तापक्ष ने चर्चा हेतु सभागृह में कायम रखा होता तो दोनों ही पक्षो के नगरसेवक काफी मुस्तैदी से उक्त मुद्दे को लेकर मनपा प्रशासन की एकतरफा सोच सार्वजानिक करने वाले थे.यह भी साफ़ है कि उक्त मुद्दे से सम्बंधित सिमित नगरसेवक व अधिकारी जानकर है,परंतु जिनके जानकर है वे काफी अध्ययनशील है.

दूसरी ओर मनपायुक्त और महापौर ने उक्त मुद्दे को मंजूरी देने के प्रस्ताव से पीछे हटने से खुद को न्यायप्रिय प्रशासन व प्रशासक सिद्ध किया.
कल दोपहर मनपा के अधिकृत सभी स्थानीय एडवरटाइजिंग कंपनी के प्रतिनिधि मनपायुक्त से मुलाकात कर मेसर्स दत्तात्रय एडवरटाइजिंग कंपनी के पक्ष में एकतरफा की जा रही पहल को रोक,उसे टेंडर पद्धति से करने की मांग की थी.तब अंत में मनपा आयुक्त ने उक्त शिष्टमंडल को कोई ठोस जवाब नहीं दिया था.

उल्लेखनीय यह है कि उक्त प्रस्ताव मनपा आयुक्त द्वारा वापिस लिए जाने से सत्तापक्ष और विपक्ष सह कुछ अधिकारी वर्ग के मंसूबो पर पानी फिर गया है.

मुम्बई उच्च न्यायलय की नागपुर खंडपीठ के निर्देश पर नागपुर महानगरपालिका ने वर्ष २००० ( सुधारित २००१) में आउटडोर विज्ञापन पालिसी बनाई,आज १५ वर्ष बाद निजी स्वार्थ के लिए मनपा प्रशासन की मिलीभगत से पक्ष-विपक्ष मेसर्स दत्तात्रय विज्ञापन एजेंसी को मुनाफा पहुँचाने के उद्देश्य से नियम-शर्तो में बड़ा बदलाव लाने हेतु आगामी आमसभा में प्रस्ताव लाई थी.

क्या था माजरा
मनपा के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार पक्ष-विपक्ष की सकारात्मक रुख के बाद अमरावती की मेसर्स दत्तात्रय एडवरटाइजिंग कंपनी ने विगत माह मनपा प्रशासन के संबंधित विभाग को नागपुर शहरभर के १०० प्रमुख चौराहे के सड़क विभाजक ( डिवाइडर ) पर बतौर “फर्स्ट फाइंडर” यूनिपोल लगाने का ठेका देने का प्रस्ताव दिया.इस प्रस्ताव के अनुसार उक्त कंपनी ने सम्पूर्ण लागत के मद्देनज़र ११ वर्ष के लिए ठेके देने की मांग की थी.प्रत्येक यूनिपोल २० बाय १० का रहेंगा. प्रस्ताव के अनुसार मनपा विज्ञापन नीति में “फर्स्ट फाइंडर” के अन्तर्गत आने वाले प्रस्ताव का ठेका के लिए ३ वर्ष का समयावधि निश्चित की गई थी,जिसे बदलकर ११ वर्ष करने की मांग की गई थी.

उक्त दत्तात्रय एडवरटाइजिंग कंपनी के प्रस्ताव को मनपा प्रशासन का संबंधित विभाग ने एक तीर से कई निशान साधने के उद्देश्य से तत्परता दिखानी शुरू की.जिसके तहत मनपा की “द आउटडोर एडवरटाइजिंग पालिसी २००१” के प्रमुख १६ नियमो को बदलने का प्रस्ताव तैयार किया.इस बदलाव से मेसर्स दत्तात्रय एडवरटाइजिंग कंपनी के साथ कई को फायदा पहुँचाने की पहल की गई.

मनपा स्थावर विभाग ( विज्ञापन विभाग) ने वर्त्तमान विज्ञापन नीति में अंकित कुछ प्रमुख नियमो को बदलने का प्रस्ताव तैयार किया.

– होर्डिंग की साइज में मुख्य बदलाव
– होर्डिंग की क्लेरेंस( clearance height) हाइट बढ़ा दिया
– नियमानुसार रोड लाइन ( रोड से दुरी ) में बदलाव
– एक होर्डिंग से दूसरे होर्डिंग की दुरी में बदलाव
– क्लबिंग ऑफ होर्डिंग नया नियम लाया
– वर्त्तमान पालिसी के क्लॉज़-२० ( रिस्ट्रिक्शन ) में बदलाव
– फर्स्ट फाइंडर पालिसी अधिकतम ३ साल को शिथिल करने
– यूनिपोल के नियम में मुख्य बदलाव
– दीवार के ऊपर होर्डिंग के साइज में बदलाव
– रोड शो के विज्ञापन के नियम में बदलाव
– इनोवेटिव मीडिया के समयावधि में बदलाव
– वाहनों पर विज्ञापन के कर प्रणाली में बदलाव
– स्पॉन्सर अडवेर्टीस्मेंट के समयावधि में बदलाव

उक्त बदलाव संबंधी प्रस्ताव मनपा स्थावर ( इस्टेट) विभाग २४ अक्टूबर २०१६ को तैयार कर वित्त विभाग को भेजा,वित्त विभाग ने २६ अक्टूबर २०१६ को क़ानूनी सलाह के लिए मनपा के क़ानूनी सलाहकार को भेजा. क़ानूनी सलाहकार ने ९ नवम्बर २०१६ को मनपा प्रशासन के उम्मीदों के विपरीत नकारात्मक जवाब मनपा प्रशासन को दिया. इस क़ानूनी सलाहकार के सलाह की तिलांजलि देकर मनपा प्रशासन ने स्थाई समिति की मुहर लगवा ली, और आमसभा के के मंजूरी के लिए प्रशासन को निर्देश दिया. संभवतः १ दिसम्बर २०१६ के आमसभा में उक्त प्रस्ताव मंजूरी हेतु लाया जाएंगे और पक्ष-विपक्ष की तय रणनीति के अनुसार उसे मंजूरी प्रदान कर दी जाएँगी.

उल्लेखनीय यह है कि मनपा की पालिसी के अन्तर्गत नियमो को बदलने के लिए राज्य सरकार का अधिकार है.लेकिन मनपा प्रशासन और पक्ष-विपक्ष की संयुक्त मिलीभगत से उक्त गैरकृत को सफल अंजाम देने की कोशिश की जा रही है.

यूनिपोल का प्रस्ताव शहर के चौराहों से आवाजाही करने वालों के लिए खतरनाक है,विज्ञापन नीति के अनुसार विज्ञापन की होर्डिंग मुख्य सड़क से २५ मीटर की दुरी पर स्थापित किया जाने का नियम है.ऐसे ही एक प्रकरण पर जनहित याचिका दायर हो चुकी है.

उक्त कंपनी के प्रस्ताव में यह भी अंकित है कि वह चौराहों के मार्ग विभाजक पर होर्डिंग (यूनिपोल) पर सीसीटीवी भी लगाएंगी, जबकि राज्य सरकार ने नागपुर शहर के चौराहों पर सीसीटीवी लगाने के लिए स्मार्ट सिटी अन्तर्गत प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर एल एंड टी को काम सौंप दे चुकी है.

 

01

02

03

04

05

06

07

08

09

11

12

13

– RAJEEV RANJAN KUSHWAHA