
इसी विज्ञापन के बाद Nagpur Today की टीम ने मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति जानने के लिए नागपुर स्थित शाखा का दौरा किया। शाखा के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद जमाकर्ताओं से बातचीत में कई लोगों ने दावा किया कि उनकी मैच्योर Fixed Deposit (FD) और अन्य जमा राशि का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है।
एक जमाकर्ता ने बताया कि उनकी करीब ₹5.50 लाख की FD 24 जून को मैच्योर हुई थी, जिस पर ब्याज सहित लगभग ₹6 लाख मिलने थे। उनका आरोप है कि मैच्योरिटी के बाद से वे कई बार शाखा के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें “फंड उपलब्ध नहीं है” कहकर बाद में आने के लिए कहा जाता है।
Nagpur Today से बातचीत में कई अन्य जमाकर्ताओं ने भी इसी तरह की शिकायतें कीं। उनका कहना था कि यदि संस्था की ओर से SIT (Special Investigation Team) से क्लीन चिट मिलने और स्थिति सामान्य होने के दावे किए जा रहे हैं, तो फिर मैच्योर FD का भुगतान समय पर क्यों नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि लगातार हो रही देरी से ग्राहकों की चिंता बढ़ती जा रही है।
कुछ खाताधारकों ने अन्य जमाकर्ताओं से अपील की कि वे अपनी पासबुक, FD रसीद और अन्य बैंकिंग दस्तावेज सुरक्षित रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित पब्लिक नोटिस में संस्था ने जमाकर्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने, भुगतान प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने और सहकारी संस्था के हित में संयम बरतने की अपील की है। वहीं, Nagpur Today की ग्राउंड रिपोर्ट में कई जमाकर्ताओं ने भुगतान में देरी और बार-बार शाखा के चक्कर लगाने की शिकायत दर्ज कराई।
इस संबंध में Nagpur Today ने Nirmal Ujjwal Credit Co-operative Society का पक्ष जानने का प्रयास किया है। समाचार प्रकाशित होने तक प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। प्रबंधन का पक्ष प्राप्त होते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
संपादकीय टिप्पणी: यह समाचार Nagpur Today की ग्राउंड रिपोर्ट, शाखा परिसर में मौजूद जमाकर्ताओं के बयानों तथा संस्था द्वारा स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित सार्वजनिक नोटिस के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें प्रकाशित आरोप संबंधित जमाकर्ताओं के हैं। प्रबंधन का पक्ष उपलब्ध होते ही उसे भी समान महत्व के साथ प्रकाशित किया जाएगा।




