Published On : Sat, Sep 5th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

15.85 लाख की साइबर ठगी: नाइजीरियाई नागरिक को ढाई साल की सश्रम कैद, डेढ़ लाख का जुर्मान

कार्डियक ऑर्गेनिक पाउडर सप्लाई के नाम पर नागपुर के दवा व्यापारी से की थी ठगी
Advertisement

नागपुरात मोबाइल हॅक करून वृद्ध महिलेच्या एफडीमधून २६ लाखांची लूट

नागपुर टुडे – नागपुर के एक फार्मास्युटिकल व्यापारी से कार्डियक ऑर्गेनिक पाउडर की सप्लाई दिलाने के नाम पर 15 लाख 85 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले नाइजीरियाई नागरिक को अदालत ने दोषी ठहराते हुए ढाई वर्ष की सश्रम कैद और कुल 1.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एस. के. सोनावणे की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया।

Gold Rate
Aug 27 ,2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 60,000 /-
Gold 22 KT ₹ 1,48,500 /-
Silver/Kg ₹ 2,41,500/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

दोषी की पहचान चिनांसो न्वांकवो राफेल (39) के रूप में हुई है। घटना के समय वह डोंबिवली (पूर्व), जिला ठाणे स्थित पलावा सिटी में रह रहा था।

अदालत में पेश साक्ष्यों के अनुसार, नागपुर के झिंगाबाई टाकली निवासी और फार्मेसी संचालक नीलेश गोविंदराव जीवतोडे (45) ने वर्ष 2023 में एक्सपोर्ट व्यवसाय शुरू किया था। सितंबर 2023 के दौरान आरोपी ने मोबाइल संदेशों के जरिए खुद को विदेशी खरीदार बताते हुए भारत में विश्वसनीय सप्लायर की तलाश का झांसा दिया और व्यापारी का विश्वास जीत लिया।

Advertisement

इसके बाद कार्डियक ऑर्गेनिक पाउडर की बड़ी ऑर्डर देने का लालच देकर आरोपी ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 15.85 लाख रुपये जमा करवाए। रकम मिलने के बावजूद न तो कोई माल भेजा गया और न ही पैसे लौटाए गए।

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित व्यापारी ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने 14 अक्टूबर 2023 को आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।

अदालत ने सुनाई यह सजा

धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत 2 वर्ष 6 माह की सश्रम कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना।

धारा 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग) के तहत 2 वर्ष 6 माह की सश्रम कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना।

विदेशी नागरिक अधिनियम की धारा 14 (पासपोर्ट-वीजा नियमों का उल्लंघन) के तहत 1 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना।

जुर्माना अदा नहीं करने पर प्रत्येक मामले में तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

साइबर पुलिस की जांच से हुआ अपराध साबित

मामले की जांच तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अमित डोलस और सहायक पुलिस निरीक्षक मारोती शेळके ने पूरी की। सरकारी वकील एड. प्रियंका चोपड़े ने अदालत में मजबूत साक्ष्य और दस्तावेजी प्रमाण पेश कर आरोपी का अपराध सिद्ध कराया, जिसके आधार पर अदालत ने दोषसिद्धि का फैसला सुनाया।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges

Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.