नागपुर: डीजे पर पाबंदी को लेकर नागपुर में बहस तेज हो गई है। एक ओर तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण से परेशान नागरिक सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डीजे कारोबार से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी का सवाल भी सामने है।
इसी बीच जिल्हाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने डीजे पाबंदी को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि डीजे कारोबार से जुड़े लोगों के घर भी इसी व्यवसाय से चलते हैं, इसलिए किसी भी फैसले में सभी पक्षों को ध्यान में रखना जरूरी है।
जिल्हाधिकारी ने सोलापुर का जिक्र करते हुए कहा कि समाज की ओर से डीजे को लेकर बड़ी मांग सामने आई है। ऐसे में प्रशासन को नागरिकों की परेशानी, ध्वनि प्रदूषण और डीजे व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका—इन सभी पहलुओं के बीच संतुलन बनाना होगा।
अब सवाल यह है कि प्रशासन डीजे पर पूरी तरह पाबंदी लगाएगा या नियमों के साथ राहत दी जाएगी?
कुमार आशीर्वाद के बयान के बाद डीजे पाबंदी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
: पारस बैसवारे




