Published On : Fri, Mar 31st, 2023
By Nagpur Today Nagpur News

नागरिकों से पैसे वसूलने का नया तरीका: चालान की राशि सीधे पुलिस खाते में!

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नागपुर: ट्रैफिक पुलिस अक्सर उल्लंघनकर्ताओं को सिग्नल पर खड़े होने के बजाय पेड़ के पीछे जाने देने के लिए पैसे मांगती है। हालांकि, यह बात सामने आई है कि अब पुलिस वसूली के लिए नया फंडा अपना रही है और खुद का क्यूआर कोड देकर पुलिस विभाग के खाते में जाने के बजाय चालान का पैसा सीधे अपने खाते में जमा करा रही है।

शहर में प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों के खिलाफ चौराहों पर बिना हेलमेट वाहन चलाने, सिग्नल तोड़ने व विभिन्न कारणों से कार्रवाई की जाती है। इसमें शहर के हर चौक में कम से कम 20 से 25 चालान की कार्रवाई की जाती है। कार्रवाई के लिए ट्रैफिक पुलिस को एक डिवाइस मुहैया कराया जाता है। उसके द्वारा जैसे ही आप गाड़ी के नंबर की फोटो लेते हैं, आपको जानकारी मिल जाती है कि उस गाड़ी पर कितने चालान पेंडिंग हैं।

फिर चालान का भुगतान करने के लिए डिवाइस पर एक ‘लिंक’ दिखाई देता है। जैसे ही उस लिंक के माध्यम से भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन किया जाता है, नागरिक को मोबाइल फोन पर एक संदेश प्राप्त होता है कि चालान का भुगतान कर दिया गया है। हालांकि, यह देखा गया है कि कुछ पुलिसकर्मी चालान का भुगतान करते समय अपने ही खाते का क्यूआर कोड देते हैं और पैसे अपने ही खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं।

कई लोगों को ऐसे पैसे की रसीद नहीं मिली है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है। इस बीच जब इस मामले में ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त चेतना तिड़के से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि जानकारी मांगने पर जांच कराई जाएगी।

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शहर के व्यस्त स्थान पर एक व्यक्ति के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने उनसे 760 रुपए का चालान काटा। इसे भरने के लिए उसने अपना क्यूआर कोड मुहैया कराया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आपको रसीद मिल जाएगी। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी रसीद नहीं मिली। इसकी सूचना परिवहन विभाग को दे दी गई है। हालाँकि, उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत रूप से चालान नहीं वसूला जा सकता है।

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