नागपुर: नीरी की जमीन पर करीब 2,500 पेड़ों की कटाई किए जाने के आरोपों को महामेट्रो ने खारिज करते हुए अपना पक्ष स्पष्ट किया है। महामेट्रो के अनुसार, इस जमीन पर 249 पेड़ ही काटे गए हैं और इसके लिए नागपुर महानगरपालिका (मनपा) से अनुमति ली गई थी। इसके बदले करीब 6,000 पौधे लगाए गए हैं।
राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (NEERI), वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के अंतर्गत काम करने वाला प्रमुख पर्यावरण अनुसंधान संस्थान है। नागपुर स्थित नीरी पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरणीय तकनीकों से जुड़े शोध एवं अध्ययन के लिए जाना जाता है।
दरअसल, पर्यावरण से जुड़े लोगों की ओर से आरोप लगाया गया था कि नीरी की जमीन पर करीब 2,500 पेड़ों की कटाई की गई है। यह भी सवाल उठाया गया था कि मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए महामेट्रो को उपयोग के लिए दी गई इस जमीन का कहीं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा और इसका लाभ किसी निजी पक्ष को तो नहीं मिलने वाला।
इन आरोपों के बाद जमीन के आवंटन की शर्तों, पेड़ कटाई की अनुमति और जमीन के वास्तविक उपयोग को लेकर स्पष्टीकरण की मांग उठी।
महामेट्रो ने कहा-249 पेड़ ही काटे गए
नागपुर टुडे से विशेष बातचीत में महामेट्रो के जनसंपर्क विभाग के उपमहाप्रबंधक अखिलेश हळवे ने कहा कि पेड़ काटने की अनुमति नागपुर महानगरपालिका से करीब छह महीने पहले ही मिल गई थी। इसी अनुमति के आधार पर 249 पेड़ काटे गए हैं।
हळवे ने स्पष्ट किया कि 2,500 पेड़ काटे जाने का दावा सही नहीं है। उनके अनुसार वास्तविक संख्या 249 पेड़ों की है।
249 पेड़ों के बदले करीब 6,000 पौधे
पेड़ों की कटाई के बदले पौधारोपण को लेकर हळवे ने बताया कि नीरी की जमीन पर काटे गए 249 पेड़ों के बदले करीब 6,000 पौधे लगाए गए हैं।
हालांकि, इन पौधों की प्रजाति, स्थान और पौधारोपण की तारीख जैसी विस्तृत जानकारी फिलहाल सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
जमीन किसी निजी पक्ष को देने का फैसला नहीं
जमीन के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर भी महामेट्रो ने स्थिति स्पष्ट की है। पर्यावरण से जुड़े लोगों की ओर से आशंका जताई गई थी कि मेट्रो यात्रियों के इस्तेमाल के लिए दी गई जमीन को व्यावसायिक उद्देश्य से किसी निजी पक्ष को सौंपा जा सकता है।
इस पर हळवे ने कहा कि फिलहाल जमीन महामेट्रो के पास ही है। इसे किसी निजी पक्ष को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए देने या किसी अन्य उद्देश्य के लिए देने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन को लेकर फिलहाल किसी निजी पक्ष के साथ ऐसी कोई व्यवस्था या निर्णय नहीं हुआ है।
दस्तावेज सामने आने से स्थिति होगी और स्पष्ट
महामेट्रो के स्पष्टीकरण से 2,500 पेड़ों की कटाई और जमीन के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर उसका पक्ष सामने आया है। हालांकि, पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां सामने आना जरूरी हैं।
इनमें मनपा की पेड़ कटाई अनुमति की प्रति और उसकी तारीख, अनुमति में स्वीकृत पेड़ों की संख्या, काटे गए 249 पेड़ों की प्रजाति और स्थानवार विवरण तथा लगाए गए करीब 6,000 पौधों की प्रजाति और स्थान की जानकारी प्रमुख हैं।
इसके अलावा, नीरी द्वारा महामेट्रो को जमीन दिए जाने से संबंधित आवंटन पत्र और उसकी शर्तें, जमीन का मौजूदा और स्वीकृत उपयोग तथा भविष्य में इसके व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर कोई प्रस्ताव, निविदा या योजना है या नहीं—इस पर भी स्पष्ट जानकारी जरूरी है।
फिलहाल महामेट्रो का कहना है कि 2,500 नहीं, बल्कि 249 पेड़ काटे गए हैं, इसके लिए मनपा की अनुमति ली गई थी, करीब 6,000 पौधे लगाए गए हैं और जमीन को किसी निजी पक्ष को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए देने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित अनुमति और भूमि आवंटन से जुड़े दस्तावेजों का सार्वजनिक होना महत्वपूर्ण होगा।
ASTRO BUZZ | Weekly Talk – Episode 3 | 23–29 August Predictions
LIVE | NEWS BULLETIN NAGPUR TODAY
LIVE | NEWS BULLETIN NAGPUR TODAY
LIVE | NEWS BULLETIN NAGPUR TODAY
चीनी की महंगाई पर अनोखा आंदोलन! पेट्रोल पंप पर बांटी चीनी #SugarPrice...
चीनी की जमाखोरी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! #sugarprices #SugarHoarding #MaharashtraNews #newsupdate

महामेट्रो ने कहा-249 पेड़ ही काटे गए
जमीन किसी निजी पक्ष को देने का फैसला नहीं

