Published On : Mon, Dec 22nd, 2014

तिवसा में राष्ट्रीय लोक अदालत में ११० मामले निपटाये

 

  • १५ लाख से ज्यादा की वसूली
  • बैंक के १२ लाख ११,२५० रुपए

सवांदाता / हेमंत निखाड़े

Tiwasa National Public court
तिवसा (अमरावती)। बैंक से विभिन्न प्रकार के कर्ज तो बड़ी संख्या में लोगों को दे दिए गए परंतु कर्ज लेने के बाद कर्ज की अदायगी में कोताही बरतने के फलस्वरूप बैंक की परेशानी बढ़ गई. इससे बैंकों को कर्जधारकों के घर-दफ्तरों में चक्कर लगाने पड़ रहे थे किन्तु कर्ज की वसूली नहीं हो पा रही थी. स्टेट बैंक व इलाहाबाद बैंक के ५६३ मामलों में ३० मामले तिवसा के राष्ट्रीय लोक अदालत ने निपटाते हुए १२ लाख ११ हजार २५० रुपये वसूल किए. वहीं धनादेश अनादर मामले में १ लाख ७४ हजार ७३६ व २३ ग्रा.पं. के १ लाख २९ हजार ८९४ रुपये सहित करीबन १५ लाख से अधिक की वसूली करने में सफलता मिली.

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बैंकों से लोगों द्वारा लिया गया कर्ज, बीएसएनएल का बकाया टेलीफोन बिल, तिवसा तालुका के ग्राम पंचायतों की नागरिकों से २ वर्ष से बकाया कर, धनादेश अनादर प्रकरण सहित सभी मामलों की लोक अदालत में सुनवाई की गई. कुल १,७७० मामलों में से अदालत ने १०२ मामले निपटाये. दीवानी व फौजदारी के २९ मामलों में से ८ मामले निपटाये. करीब २,००० मामलों में से ११० मामलों का लोक अदालत में निपटाये.

साधता संवाद, संपतो वाद – थीम पर आधारित राष्ट्रीय लोक अदालत में १३ दिसम्बर को पहली बार वसूली के बड़ी संख्या में मामले निबटाये गए. जिससे बैंक, ग्रा.पं., बीएसएनएल के बड़े पैमाने पर बकाया वसूली सम्भव हो सकी. इस अवसर पर दीवानी न्यायाधीश डी.एम. जज (धारीवाल) ने पक्षों के बीच सामंजस्य स्थापित कर मामले निपटाये. इसके लिए तालुका विधि सेवा समिति के पी.बी. येरलेकर, एड. भुयार, एड. राजनेकर, एड. लांडे, एड. गाड़े, श्रीमती अ.मा. माखले, सहायक अधीक्षक सोनटवके, चौधरी, श्री बडनखे, श्री थोटे, महल्ले, महाजन, खड़से, चेतन राऊत ने अथक परिश्रम किए.

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